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होटल व्यवसायी एनआरआई रणजीत सिंह का नहीं हुआ अंतिम संस्कार, शव सुरक्षित
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Wed, 03 Jun 2015 10:20 PM IST
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होटल व्यवसायी एनआरआई रणजीत सिंह के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए डीएनए की जरूरत है, जिसको लेकर पुलिस की सिरदर्दी बढ़ चुकी है।
यूके में रणजीत सिंह का परिवार काफी सहमा हुआ है और उनके आने की संभावना बिल्कुल नहीं है। जांच अधिकारी बलविंदर इकबाल सिंह काहलो के मुताबिक भाई अमरीक सिंह पोवार रणजीत सिंह के संस्कार में शरीक होने के लिए मान गए हैं और वह जल्द ही भारत पहुंच रहे हैं। इसी कारण बुधवार को एनआरआई रणजीत सिंह का संस्कार नहीं हो पाया है, उसका शव सेक्रेड हार्ट अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखा गया है।
मंगलवार को यह बात साफ हो गई थी कि रणजीत सिंह पोवार के बच्चे ऐमा पोवार व ज्ञान पोवार काफी सहमे हुए हैं और पिता के संस्कार तक में शरीक होने से घबरा रहे हैं। उनकी हालत मानसिक व शारीरिक तौर पर काफी बिगड़ी हुई है। ऐसे में पुलिस की फाइल काफी अधूरी रहने की संभावना थी क्योंकि रणजीत सिंह का शव गल चुका था और शरीर पर कोई ऐसा मार्क नहीं था, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। बस उसके दहिने हाथ में पहने कड़े से ही उसकी शिनाख्त उसके दोस्त दर्शन सिंह ने की है।
उच्चपदस्थ अधिकारिक सूत्रों की माने तो यह मामला सीबीआई व केंद्रीय गृह मंत्रालय से होकर ही आगे यूके सरकार के समक्ष रखा जाना था, ऐसे में इस केस में ठोस सबूतों की काफी जरूरत महसूस हो रही थी। बिना डीएनए जांच के फाइल अधूरी लग रही थी, ऐसे में मंगलवार को दिन भर यह एक्सरसाइज की जाती रही कि डीएनए टेस्ट कैसे किया जाए ? डीएनए जांच के लिए रणजीत सिंह के किसी पारिवारिक सदस्य का भारत में होना बहुत जरूरी है।
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मंगलवार देर शाम तक यही एक्सरसाइज चलती रही कि किसी तरह से रणजीत सिंह के ब्लड रिलेशन वाले किसी रिश्तेदार को बुलाया जाए, जो न केवल अंतिम संस्कार में शरीक हो बल्कि डीएनए टेस्ट का क्रास मैच भी करवा सके। बुधवार सुबह तक इसमें सफलता मिल गई और आखिरकार रणजीत पोवार के भाई अमरीक पोवार यूके से आने के लिए सहमत हो गए हैं।
अमरीक पोवार का छह माह का वीजा भारत का लगा हुआ है, वह चंद दिन पहले ही यूके लौट गए थे। अभी उनका वीजा अवधि बाकी है, इसलिए उन्हें तत्काल टिकट लेकर पंजाब आने के लिए अधिकारियों व दर्शन सिंह ने मना लिया है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि वह आगामी 48 घंटे में जालंधर पहुंच सकते हैं ताकि वह रीति रिवाज से भाई का संस्कार करवा सकें।
इसका दूसरा फायदा जांच टीम को होने जा रहा है, जो अमरीक सिंह का डीएनए टेस्ट करवाकर रणजीत सिंह से क्रास मैच करवाकर फाइल को मजबूत कर लेगी कि शव रणजीत सिंह का ही बरामद हुआ था।
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यूके में रणजीत सिंह का परिवार काफी सहमा हुआ है और उनके आने की संभावना बिल्कुल नहीं है। जांच अधिकारी बलविंदर इकबाल सिंह काहलो के मुताबिक भाई अमरीक सिंह पोवार रणजीत सिंह के संस्कार में शरीक होने के लिए मान गए हैं और वह जल्द ही भारत पहुंच रहे हैं। इसी कारण बुधवार को एनआरआई रणजीत सिंह का संस्कार नहीं हो पाया है, उसका शव सेक्रेड हार्ट अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखा गया है।
मंगलवार को यह बात साफ हो गई थी कि रणजीत सिंह पोवार के बच्चे ऐमा पोवार व ज्ञान पोवार काफी सहमे हुए हैं और पिता के संस्कार तक में शरीक होने से घबरा रहे हैं। उनकी हालत मानसिक व शारीरिक तौर पर काफी बिगड़ी हुई है। ऐसे में पुलिस की फाइल काफी अधूरी रहने की संभावना थी क्योंकि रणजीत सिंह का शव गल चुका था और शरीर पर कोई ऐसा मार्क नहीं था, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। बस उसके दहिने हाथ में पहने कड़े से ही उसकी शिनाख्त उसके दोस्त दर्शन सिंह ने की है।
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उच्चपदस्थ अधिकारिक सूत्रों की माने तो यह मामला सीबीआई व केंद्रीय गृह मंत्रालय से होकर ही आगे यूके सरकार के समक्ष रखा जाना था, ऐसे में इस केस में ठोस सबूतों की काफी जरूरत महसूस हो रही थी। बिना डीएनए जांच के फाइल अधूरी लग रही थी, ऐसे में मंगलवार को दिन भर यह एक्सरसाइज की जाती रही कि डीएनए टेस्ट कैसे किया जाए ? डीएनए जांच के लिए रणजीत सिंह के किसी पारिवारिक सदस्य का भारत में होना बहुत जरूरी है।
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मंगलवार देर शाम तक यही एक्सरसाइज चलती रही कि किसी तरह से रणजीत सिंह के ब्लड रिलेशन वाले किसी रिश्तेदार को बुलाया जाए, जो न केवल अंतिम संस्कार में शरीक हो बल्कि डीएनए टेस्ट का क्रास मैच भी करवा सके। बुधवार सुबह तक इसमें सफलता मिल गई और आखिरकार रणजीत पोवार के भाई अमरीक पोवार यूके से आने के लिए सहमत हो गए हैं।
अमरीक पोवार का छह माह का वीजा भारत का लगा हुआ है, वह चंद दिन पहले ही यूके लौट गए थे। अभी उनका वीजा अवधि बाकी है, इसलिए उन्हें तत्काल टिकट लेकर पंजाब आने के लिए अधिकारियों व दर्शन सिंह ने मना लिया है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि वह आगामी 48 घंटे में जालंधर पहुंच सकते हैं ताकि वह रीति रिवाज से भाई का संस्कार करवा सकें।
इसका दूसरा फायदा जांच टीम को होने जा रहा है, जो अमरीक सिंह का डीएनए टेस्ट करवाकर रणजीत सिंह से क्रास मैच करवाकर फाइल को मजबूत कर लेगी कि शव रणजीत सिंह का ही बरामद हुआ था।