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विज्ञापन में गलती से छपी फोटो ने दिलवा दी बुढ़ापा पेंशन
ब्यूरो,अमर उजाला/फरीदकोट
Updated Tue, 30 Aug 2016 05:06 PM IST
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फरीदकोट में शैला सिंह के मामले में डीसी को मांग पत्र सौंपते कांग्रेसी नेता इंद्रजीत सिंह जीरा व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब सरकार की प्राप्तियों वाले विज्ञापन में गलती से छपी फोटो यहां के गांव कलेर निवासी एक बुजुर्ग गरीब किसान शैला सिंह को रास आ गई।
कांग्रेस की तरफ से इस मामले को लेकर मीडिया में लाने के बाद सोमवार को हरकत में आए जिला प्रशासन ने शैला सिंह की पेंशन के दस्तावेज पूरे करवाते हुए उसकी पेंशन शुरू करवाने की घोषणा कर दी।
इस मामले को लेकर पीपीसीसी के किसान व मजदूर सेल के प्रांतीय चेयरमैन इंद्रजीत सिंह जीरा भी फरीदकोट पहुंचे। सबसे पहले वह गरीब किसान शैला सिंह के घर पहुंचे और उन्हें अपने साथ लेकर फरीदकोट में डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी से मिले। कांग्रेस नेता इंद्रजीत सिंह जीरा ने रोष जताया कि सरकार बड़े बड़े विज्ञापन देकर लोगों को गुमराह कर रही है और असल में जरूरतमंद लोगों को सरकार की स्कीमों का कोई लाभ नहीं मिल रहा।
शैला सिंह का मामला मीडिया में आने के बाद सोमवार को जिला प्रशासन ने जिला सामाजिक सुरक्षा विभाग को जांच के आदेश दिए। डीसी के आदेश पर शैला सिंह के आवास पर पहुंची विभाग की टीम ने उसके दस्तावेज जुटाए और उसकी पेंशन पास कर दी। इस मामले में डीसी मालविंदर सिंह जग्गी ने बताया कि शैला सिंह ने साल 2007 में पेंशन के लिए आवेदन दिया था और उसके पास दो एकड़ से अधिक जमीन होने की वजह से उसकी फाइल रिजेक्ट हो गई थी।
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इसके बाद उसने कभी आवेदन ही नहीं दिया। अब उसने अपनी जमीन बच्चों के नाम कर दी है जिसके आधार पर उसे पेंशन लगा दी गई है। जल्द ही उसे पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी।
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कांग्रेस की तरफ से इस मामले को लेकर मीडिया में लाने के बाद सोमवार को हरकत में आए जिला प्रशासन ने शैला सिंह की पेंशन के दस्तावेज पूरे करवाते हुए उसकी पेंशन शुरू करवाने की घोषणा कर दी।
इस मामले को लेकर पीपीसीसी के किसान व मजदूर सेल के प्रांतीय चेयरमैन इंद्रजीत सिंह जीरा भी फरीदकोट पहुंचे। सबसे पहले वह गरीब किसान शैला सिंह के घर पहुंचे और उन्हें अपने साथ लेकर फरीदकोट में डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी से मिले। कांग्रेस नेता इंद्रजीत सिंह जीरा ने रोष जताया कि सरकार बड़े बड़े विज्ञापन देकर लोगों को गुमराह कर रही है और असल में जरूरतमंद लोगों को सरकार की स्कीमों का कोई लाभ नहीं मिल रहा।
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शैला सिंह का मामला मीडिया में आने के बाद सोमवार को जिला प्रशासन ने जिला सामाजिक सुरक्षा विभाग को जांच के आदेश दिए। डीसी के आदेश पर शैला सिंह के आवास पर पहुंची विभाग की टीम ने उसके दस्तावेज जुटाए और उसकी पेंशन पास कर दी। इस मामले में डीसी मालविंदर सिंह जग्गी ने बताया कि शैला सिंह ने साल 2007 में पेंशन के लिए आवेदन दिया था और उसके पास दो एकड़ से अधिक जमीन होने की वजह से उसकी फाइल रिजेक्ट हो गई थी।
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इसके बाद उसने कभी आवेदन ही नहीं दिया। अब उसने अपनी जमीन बच्चों के नाम कर दी है जिसके आधार पर उसे पेंशन लगा दी गई है। जल्द ही उसे पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी।