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Jalandhar News: लुधियाना में पुलिस और लुटेरों के बीच मुठभेड़ में एक ढेर
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लुधियाना। लुधियाना की कोहड़ा-माछीवाड़ा रोड पर स्थित गांव पंजेता के पास पुलिस और लुटेरों में बीच सड़क पर हुई मुठभेड़ में एक आरोपी ढेर हो गया। दोनों तरफ से करीब 15 से 20 गोलियां चलाई गईं। सीआईए-2 के इंचार्ज इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा बाल-बाल बच गए। धड़ाधड़ गोलियां चलने की आवाज से एक बार आसपास के एरिया में लोग दहशत में आ गए। जब तक लोग घरों से बाहर निकाल कर कुछ समझ पाते तब तक पूरा एरिया पुलिस ने घेर लिया था। एनकाउंटर की सूचना मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारी और थाना कूमकलां की पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृतक की पहचान माछीवाड़ा के रहने वाले सुखदेव सिंह उर्फ विक्की के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 32 बोर का एक पिस्टल भी बरामद किया। पुलिस ने मामले की जान शुरू कर दी है। पुलिस ने सुखदेव सिंह का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। एक बार पुलिस ने सारा एरिया सील कर दिया है और जांच की जा रही है कि आरोपी का कोई साथी तो उसके साथ नहीं था।सरेंडर करने को कहा तो शुरू कर दी फायरिंग
कुछ दिन पहले चार लुटेरों की तरफ से महानगर की एक मनी एक्सचेंजर पर गोली चलाकर लूट की गई थी और कुछ दिन पहले चंडीगढ़ रोड पर स्थित मेडिकल स्टोर के मालिक की टांग पर गोली मारकर एक लाख रुपये की लूट की थी। कमिश्नर रेट पुलिस की अलग-अलग टीम में इस मामले में जांच करने में जुटी हुई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस को सुखदेव सिंह और उसके तीन साथियों के बारे में सूचना मिली कि इन आरोपियों ने दोनों लूट की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने सुखदेव के तीन साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि सुखदेव की तलाश जारी थी। सीआईए 2 के इंचार्ज इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा की टीम को सूचना मिली कि आरोपी सुखदेव सिंह मछीवाड़ा से मोटरसाइकिल पर सवार होकर कोहड़ा चौक की तरफ आ रहा है और उसने लुधियाना शहर की तरफ जाना है। सूचना मिलने के बाद टीम की तरफ से गांव पंजेता के पास ट्रैप लगा दिया गया। जब पुलिस ने आरोपी सुखदेव सिंह को घेरा और उसे सरेंडर करने के लिए कहा तो आरोपी ने पुलिस पार्टी पर ही ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा के साथ तीन मुलाजिम गाड़ी के पीछे छिप गए। इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा पीछे होते तब तक एक गोली उनके पेट के पास लग गई थी, लेकिन उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखी थी जिस कारण उनका बचाव हो गया। उसके बाद पुलिस पार्टी की तरफ से क्रॉस फायरिंग कर दी गई। दोनों तरफ से करीब 15 से 20 गोलियां चलाई गई पुलिस की एक गोली लगने से सुखदेव सिंह वहीं ढेर हो गया। बीच सड़क में ही सुखदेव सिंह की मौत हो गई।
गोलियां चलने से इलाके में पहली दहशत, दोनों तरफ से वाहन भी रुके
पुलिस टीम ने सड़क पर ही आरोपी को घेर लिया था। सड़क के बीच पुलिस की गाड़ी देखकर दोनों तरफ से आने जाने वाले वहां भी वहीं रुक गए। जब दोनों तरफ से गोलियां चली तो दोपहिया वाहन पर मौजूद लोग वहीं छिप गए और जो गाड़ियों में सवार लोग थे, वह भी इधर-उधर भागे। गोलियों की आवाज से एक बार इलाके में दहशत फैल गई और लोग भी हैरान हो गए की उनके इलाके में कहीं गैंगस्टर के दो गुट आपस में भिड़ गए हैं। मगर बाद में पता चला कि पुलिस की तरफ से लुटेरे की घेराबंदी की गई थी और गोली लगने से लुटेरे की मौत हो गई है। इसके बाद पुलिस की गाड़ियां वहां पहुंचनी शुरू हो गई। पुलिस के उच्च अधिकारी के साथ-साथ कहीं थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने अलग-अलग थ्योरी पर जान शुरू कर दी और जांच के बाद सब कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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कुछ दिन पहले चार लुटेरों की तरफ से महानगर की एक मनी एक्सचेंजर पर गोली चलाकर लूट की गई थी और कुछ दिन पहले चंडीगढ़ रोड पर स्थित मेडिकल स्टोर के मालिक की टांग पर गोली मारकर एक लाख रुपये की लूट की थी। कमिश्नर रेट पुलिस की अलग-अलग टीम में इस मामले में जांच करने में जुटी हुई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस को सुखदेव सिंह और उसके तीन साथियों के बारे में सूचना मिली कि इन आरोपियों ने दोनों लूट की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने सुखदेव के तीन साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि सुखदेव की तलाश जारी थी। सीआईए 2 के इंचार्ज इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा की टीम को सूचना मिली कि आरोपी सुखदेव सिंह मछीवाड़ा से मोटरसाइकिल पर सवार होकर कोहड़ा चौक की तरफ आ रहा है और उसने लुधियाना शहर की तरफ जाना है। सूचना मिलने के बाद टीम की तरफ से गांव पंजेता के पास ट्रैप लगा दिया गया। जब पुलिस ने आरोपी सुखदेव सिंह को घेरा और उसे सरेंडर करने के लिए कहा तो आरोपी ने पुलिस पार्टी पर ही ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा के साथ तीन मुलाजिम गाड़ी के पीछे छिप गए। इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा पीछे होते तब तक एक गोली उनके पेट के पास लग गई थी, लेकिन उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखी थी जिस कारण उनका बचाव हो गया। उसके बाद पुलिस पार्टी की तरफ से क्रॉस फायरिंग कर दी गई। दोनों तरफ से करीब 15 से 20 गोलियां चलाई गई पुलिस की एक गोली लगने से सुखदेव सिंह वहीं ढेर हो गया। बीच सड़क में ही सुखदेव सिंह की मौत हो गई।
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गोलियां चलने से इलाके में पहली दहशत, दोनों तरफ से वाहन भी रुके
पुलिस टीम ने सड़क पर ही आरोपी को घेर लिया था। सड़क के बीच पुलिस की गाड़ी देखकर दोनों तरफ से आने जाने वाले वहां भी वहीं रुक गए। जब दोनों तरफ से गोलियां चली तो दोपहिया वाहन पर मौजूद लोग वहीं छिप गए और जो गाड़ियों में सवार लोग थे, वह भी इधर-उधर भागे। गोलियों की आवाज से एक बार इलाके में दहशत फैल गई और लोग भी हैरान हो गए की उनके इलाके में कहीं गैंगस्टर के दो गुट आपस में भिड़ गए हैं। मगर बाद में पता चला कि पुलिस की तरफ से लुटेरे की घेराबंदी की गई थी और गोली लगने से लुटेरे की मौत हो गई है। इसके बाद पुलिस की गाड़ियां वहां पहुंचनी शुरू हो गई। पुलिस के उच्च अधिकारी के साथ-साथ कहीं थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने अलग-अलग थ्योरी पर जान शुरू कर दी और जांच के बाद सब कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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