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अब रजिस्टरी से पहले पावरकॉम से लेनी होगी एनओसी
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पठानकोट। अब तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री करवाने से पहले पावरकॉम की एनओसी जरूरी होगी। पावरकॉम ने इस बारे में एक पत्र पठानकोट तहसीलदार को जारी किया है। जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि बिना पावरकॉम एनओसी कोई रजिस्टरी न की जाए। पावरकॉम ने तहसीलदार पठानकोट लक्षमण सिंह को एक पत्र जारी किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि बहुत सारे खपतकारों द्वारा अपने बकाया बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया जाता।
उसी इमारत/दुकान/मकान को बेचते समय नए खरीदार को धोखे में रखकर अपनी प्रापर्टी बेच दी जाती है। नया खरीदार बड़ा बकाया बिल देख कर नया बिजली मीटर लगाने पावरकॉम कार्यालय में पहुंचता है। बकाया होने के चलते नया मीटर लगाने में पावरकॉम असमर्थ होता है। नए खरीदार को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और पावरकॉम को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने तहसीलदार कार्यालय को कहा कि नई रजिस्ट्री करने से पहले हर पार्टी को पावरकॉम से एनओसी लेना सुनिश्चित करें।
जिससे विभाग को वित्तीय नुकसान को कम किया जा सके। तहसीलदार लक्षमण सिंह का कहना है कि अक्सर प्रापर्टीकी खरीद होने के बाद पार्टियों में बिजली बिल का विवाद रहता है। जिसके चलते पावरकॉम को नुकसान उठाना पड़ता है। इसी बाबत उन्हें यह पत्र भेजा गया है। पावरकॉम का पत्र आज ही उन्हें मिला है। इस संबंधी अपने उच्चधिकारियों से बात कर इस मसले पर मंथन किया जाएगा और जो भी आदेश मिलेंगे उसकी पालना की जाएगी। एसडीओ ईस्ट मनमोहन लाल भगत ने कहा कि कई मामलों में यह दिक्कत पेश आती है। जिसके चलते विभाग को करोड़ों का नुक्सान होता है। अगर तहसील कार्यालय सहयोग करे तो इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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उसी इमारत/दुकान/मकान को बेचते समय नए खरीदार को धोखे में रखकर अपनी प्रापर्टी बेच दी जाती है। नया खरीदार बड़ा बकाया बिल देख कर नया बिजली मीटर लगाने पावरकॉम कार्यालय में पहुंचता है। बकाया होने के चलते नया मीटर लगाने में पावरकॉम असमर्थ होता है। नए खरीदार को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और पावरकॉम को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने तहसीलदार कार्यालय को कहा कि नई रजिस्ट्री करने से पहले हर पार्टी को पावरकॉम से एनओसी लेना सुनिश्चित करें।
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जिससे विभाग को वित्तीय नुकसान को कम किया जा सके। तहसीलदार लक्षमण सिंह का कहना है कि अक्सर प्रापर्टीकी खरीद होने के बाद पार्टियों में बिजली बिल का विवाद रहता है। जिसके चलते पावरकॉम को नुकसान उठाना पड़ता है। इसी बाबत उन्हें यह पत्र भेजा गया है। पावरकॉम का पत्र आज ही उन्हें मिला है। इस संबंधी अपने उच्चधिकारियों से बात कर इस मसले पर मंथन किया जाएगा और जो भी आदेश मिलेंगे उसकी पालना की जाएगी। एसडीओ ईस्ट मनमोहन लाल भगत ने कहा कि कई मामलों में यह दिक्कत पेश आती है। जिसके चलते विभाग को करोड़ों का नुक्सान होता है। अगर तहसील कार्यालय सहयोग करे तो इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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