नौ बड़े साजिशकर्ता: कोई पाकिस्तान तो कोई अमेरिका से रच रहा साजिश, पंजाब में आतंक फैलाने की है मंशा
जर्मनी में रहने वाला भूपिंदर सिंह भिंदा खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का सक्रिय सदस्य है। यूरोप से आतंकवादियों के लिए धन जुटाना उसकी जिम्मेदारी है। एक जुलाई 2020 को केंद्र सरकार ने भिंदा को आतंकवादी घोषित किया था। भिंदा पाक में बैठे तमाम आतंकवादियों के संपर्क में है।
विस्तार
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में फिर से आतंकवाद को जिंदा करने की नापाक साजिश रचने लगी है। शुक्रवार को फगवाड़ा पुलिस ने जालंधर से श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे के बेटे गुरमुख सिंह को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। जसबीर सिंह रोडे जरनैल सिंह भिंडरावाला का भतीजा है। बरामद किया गया गोला बारूद पाकिस्तान से आया है। आइए जानते हैं पंजाब में आतंक फैलाने वाले प्रमुख साजिशकर्ता के बारे में...
1- गुरपतवंत सिंह पन्नू
अमेरिका में बैठा गुरपतवंत सिंह पन्नू सिख फॉर जस्टिस आतंकी संगठन चलाता है, जिसको भारत सरकार ने प्रतिबंध कर रखा है। भारतीय तिरंगे को जलाना, पंजाब के युवाओं को भड़काना और रेफरेंडम 2020 को चलाकर पंजाब को भारत से अलग करने का सपना देखने वाले पन्नू पर पंजाब में कई मामले दर्ज हैं।
2- गुरमीत सिंह बग्गा
जर्मनी में छिपा खालिस्तानी आतंकी गुरमीत सिंह बग्गा पंजाब के होशियारपुर जिले का रहने वाला है। जर्मनी से पंजाब में आतंकवाद की साजिश रचने वाला बग्गा के छोटे भाई गुरदेव सिंह उर्फ प्रायटी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। ड्रोन के जरिये हथियारों के एयरड्रॉप का आइडिया खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख सदस्य गुरमीत सिंह बग्गा उर्फ डॉक्टर का ही है। यह आइडिया उसे जर्मनी व आसपास के इलाकों में ड्रग्स डीलरों द्वारा तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने से मिला था जिसकी बारीकियों पर काम करने के बाद इसे पाकिस्तान में रणजीत सिंह नीटा के साथ शेयर किया गया और आईएसआई की टेक्निकल एक्सपर्ट्स की टीम के साथ हर तरह की डिटेल्स पर काम किया गया।
3- हरदीप सिंह निज्जर
कनाडा के वैंकूवर में बैठा आतंकी हरदीप सिंह निज्जर ही पंजाब में टारगेट किलिंग का मास्टरमाइंड है। उसी ने पंजाब में हिंदू नेताओं की हत्या और शिंगार सिनेमा ब्लास्ट केस का तानाबाना बुना था। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2018 में फरवरी माह के दौरान भारत आए कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो को सौंपी आतंकवादियों की सूची में उसका नाम था लेकिन कनाडा की सरकार ने निज्जर पर कोई कार्रवाई नहीं की है। निज्जर के बारे में कैप्टन ने ट्रूडो को आगाह किया था कि वह वैंकूवर में रह रहा है और भारत विरोधी गतिविधियों का मास्टरमाइंड है।
4- परमजीत सिंह पम्मा
परमजीत सिंह पम्मा एनआईए की लिस्ट में वांटेड आतंकी है, उसके खिलाफ कई देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। आरएसएस के नेता रूलदा सिंह की हत्या का आरोप पम्मा पर है। 1992 तक पम्मा छोटे अपराध में शामिल था, दो साल के बाद वह जर्मनी चला गया, वहां से वह पाकिस्तान पहुंच गया और बब्बर खालसा इंटरनेशनल में शामिल हो गया। शुरुआत में वह वाधवा सिंह का करीबी था। इसके बाद वह खालिस्तानी टाइगर फोर्स में शामिल हो गया और जगतार सिंह तारा का करीबी बन गया। उस वक्त वह थाइलैंड में इंचार्ज था। 2000 में उसने यूके में राजनीतिक शरण ली, जहां उसने तीन मंजिला किराना स्टोर में निवेश किया। हाल के सालों में वह गुरपतवंत सिंह पन्नू के करीब हुआ।
5- भूपिंदर सिंह भिंदा
भूपिंदर सिंह भिंदा जर्मनी में रहने वाला खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का सक्रिय सदस्य है। यूरोप से आतंकवादियों के लिए धन जुटाना उसकी जिम्मेदारी है। एक जुलाई 2020 को केंद्र सरकार ने भिंदा को आतंकवादी घोषित किया था। भिंदा पाक में बैठे तमाम आतंकवादियों के संपर्क में है।
6- रणजीत सिंह नीटा
खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का सरगना रंजीत सिंह नीटा पाकिस्तान में आईएसआई की शरण में है। भारत में सैकड़ों मामले नीटा पर दर्ज हैं। ड्रोन के जरिये हथियार पहुंचाने से लेकर पंजाब में विस्फोट तक के मामले में नीटा की संलिप्ता रही है। पिछले साल 200 करोड़ की हेरोइन बीएसएफ ने पकड़ी थी, जो नीटा ने भेजी थी। पंजाब में हर साल नीटा नये युवाओं को अपने साथ जोड़ता है और उनको तैयार करता है। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स यूरोप के कई देशों में अपना नेटवर्क चलाता है। नीटा मूलरूप से जम्मू-कश्मीर का है और उसके कश्मीरी आतंकी संगठनों से काफी निकटता है।
7- वधावा सिंह
कपूरथला के काला संघिया का रहने वाला वधावा सिंह मौजूदा समय पाकिस्तान में है और सबसे अधिक सक्रिय आतंकवादी संगठन है। वधावा सिंह की पाकिस्तान में आईएसआई के साथ खासी सांठगांठ है। वधावा सिंह बब्बर खालसा इंटरनेशनल का चीफ है और पाकिस्तान में बैठकर वह पंजाब और यूपी में खालिस्तान की लहर के लिए युवाओं को साथ जोड़ता है। इस संगठन को भी 2020 में आंतकी संगठन घोषित किया गया था। शिंगार सिनेमा विस्फोट से लेकर पूर्व सीएम बेअंत सिंह हत्याकांड में भी बब्बर खालसा के तार जुड़े थे।
8- लखबीर सिंह रोडे
इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन का प्रधान लखबीर सिंह रोडे भी पाकिस्तान में है। उनके भाई जसबीर सिंह रोडे जालंधर में रहते हैं। लखबीर सिंह आईएसआई का काफी निकटवर्ती है और पंजाब में विस्फोटक सामग्री भेजने के लिए वह अग्रणी रहता है। लखबीर सिंह रोडे संत जरनैल सिंह भिंडरावालां का भतीजा है और आतंकवाद के सफाये के दौरान वह पाकिस्तान चला गया था। लखबीर सिंह रोडे का नेटवर्क यूरोपियन देशों में काफी है।
9- परमजीत सिंह पंजवड़
खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का चीफ परमजीत सिंह पंजवड़ भी पाकिस्तान में है और वहां से अपना नेटवर्क चला रहा है। अमेरिका से लेकर कनाडा और यूरोप तक खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का पूरा नेटवर्क तैयार करने वाले पंजवड़ के खिलाफ पंजाब में काफी मामले दर्ज हैं। ड्रोन से हथियार भेजने के मामले में भी पंजवड़ का नाम सामने आया है।