{"_id":"6929a6a3064550e837076208","slug":"mp-amritpal-again-approached-the-high-court-demanding-to-attend-the-parliament-session-jalandhar-news-c-16-1-pkl1098-883142-2025-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalandhar News: सांसद अमृतपाल फिर पहुंचे हाईकोर्ट, संसद सत्र में शामिल होने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalandhar News: सांसद अमृतपाल फिर पहुंचे हाईकोर्ट, संसद सत्र में शामिल होने की मांग
विज्ञापन
-पैरोल न देने के पंजाब सरकार के फैसले को चुनौती, सोमवार को सुनवाई
-- -
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद सत्र में शामिल होने की मांग करते हुए एक बार फिर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई सोमवार को होगी।
इससे पहले दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को एक सप्ताह के अंदर अमृतपाल की पैरोल पर फैसला लेने का निर्देश दिया था लेकिन सरकार ने इस मांंग को खारिज कर दिया था। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और एसएसपी ने बताया था कि अमृतपाल को पैरोल देने से हालात और बिगड़ सकते हैं। अमृतपाल अभी एनएसए केस में असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं।
उन्होंने जेल में रहते हुए खडूर साहिब सीट से 2024 का चुनाव जीता था जिसमें वे करीब 2 लाख वोटों से जीते थे। पैरोल देने से मना करने का पंजाब सरकार का फैसला जिला स्तर की रिपोर्ट पर आधारित था। सूत्रों के मुताबिक अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर और जिला पुलिस अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने कहा कि अमृतपाल सिंह की रिहाई से कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। अमृतपाल की याचिका में एनएसए के सेक्शन 15 का हवाला दिया गया था जो खास हालात में पैरोल का अधिकार देता है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि उनकी याचिका पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद सत्र में शामिल होने की मांग करते हुए एक बार फिर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई सोमवार को होगी।
इससे पहले दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को एक सप्ताह के अंदर अमृतपाल की पैरोल पर फैसला लेने का निर्देश दिया था लेकिन सरकार ने इस मांंग को खारिज कर दिया था। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और एसएसपी ने बताया था कि अमृतपाल को पैरोल देने से हालात और बिगड़ सकते हैं। अमृतपाल अभी एनएसए केस में असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
उन्होंने जेल में रहते हुए खडूर साहिब सीट से 2024 का चुनाव जीता था जिसमें वे करीब 2 लाख वोटों से जीते थे। पैरोल देने से मना करने का पंजाब सरकार का फैसला जिला स्तर की रिपोर्ट पर आधारित था। सूत्रों के मुताबिक अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर और जिला पुलिस अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने कहा कि अमृतपाल सिंह की रिहाई से कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। अमृतपाल की याचिका में एनएसए के सेक्शन 15 का हवाला दिया गया था जो खास हालात में पैरोल का अधिकार देता है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि उनकी याचिका पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दी जाए।
विज्ञापन