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कोटकपूराः मोबाइल पर 'पबजी' खेल रहे 16 साल के छात्र की मौत, वॉलीबॉल का नेशनल खिलाड़ी था
Fri, 17 Apr 2020 04:34 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, कोटकपूरा
अमर उजाला, कोटकपूरा
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2020 04:34 PM IST
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कोटकपूरा के गांव वांदर जटाना में पब्जी गेम खेलते समय मरने वाले छात्र का गमगीन परिवार
- फोटो : FARIDKOT
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कोटकपूरा में थाना सदर के गांव वांदर जटाना में मोबाइल पर पब्जी गेम खेलते खेलते 16 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। मृतक की पहचान अमनिंदर सिंह ढिल्लों के रूप में हुई। वह जालंधर के सरकारी स्पोर्ट्स स्कूल का विद्यार्थी था और कर्फ्यू के कारण गांव आया हुआ था। घटना बुधवार रात करीब 2 बजे की है।
मृतक के चाचा गुरदर्शन सिंह ने बताया कि उनका भतीजा वालीबॉल का अच्छा खिलाड़ी था और स्कूल खेलों में नेशनल स्तर पर मेडल जीतने की वजह से उसे जालंधर के स्पोर्ट्स स्कूल में दाखिला मिल गया था। उसे मोबाइल पर पब्जी गेम खेलने का भी बहुत शौक था। हालांकि सब लोग उसे ज्यादा मोबाइल चलाने से रोकते रहते थे लेकिन इसके बावजूद वह कई बार 10-10 घंटे तक पब्जी खेलता था।
बुधवार रात को भी वह मोबाइल पर गेम खेल रहा था। परिवार के बाकी लोग सो गए थे। रात करीब 2 बजे वह अचानक बहुत जोर से चिल्लाया और बेसुध हो गया। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके पास सो रही नानी की आंख खुल गई।
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उन्होंने बाकी परिजनों को उठाया और अमनिंदर को कोटकपूरा के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चाचा के अनुसार जिस समय वह बेसुध हुआ, उस समय उसके फोन पर पब्जी गेम ही चल रही थी और उसके कान पर हेडफोन भी लगे हुए थे। परिवार ने पंजाब सरकार से पब्जी गेम पर तुरंत पाबंदी लगाने की मांग की है।
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मृतक के चाचा गुरदर्शन सिंह ने बताया कि उनका भतीजा वालीबॉल का अच्छा खिलाड़ी था और स्कूल खेलों में नेशनल स्तर पर मेडल जीतने की वजह से उसे जालंधर के स्पोर्ट्स स्कूल में दाखिला मिल गया था। उसे मोबाइल पर पब्जी गेम खेलने का भी बहुत शौक था। हालांकि सब लोग उसे ज्यादा मोबाइल चलाने से रोकते रहते थे लेकिन इसके बावजूद वह कई बार 10-10 घंटे तक पब्जी खेलता था।
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बुधवार रात को भी वह मोबाइल पर गेम खेल रहा था। परिवार के बाकी लोग सो गए थे। रात करीब 2 बजे वह अचानक बहुत जोर से चिल्लाया और बेसुध हो गया। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके पास सो रही नानी की आंख खुल गई।
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उन्होंने बाकी परिजनों को उठाया और अमनिंदर को कोटकपूरा के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चाचा के अनुसार जिस समय वह बेसुध हुआ, उस समय उसके फोन पर पब्जी गेम ही चल रही थी और उसके कान पर हेडफोन भी लगे हुए थे। परिवार ने पंजाब सरकार से पब्जी गेम पर तुरंत पाबंदी लगाने की मांग की है।