पीएम की सुरक्षा में चूक: केंद्रीय जांच कमेटी ने 13 अधिकारियों से की पूछताछ, काफिले को रोकने वाले 150 अज्ञात के खिलाफ केस
थाना कुलगढ़ी पुलिस ने पांच जनवरी को गांव प्यारेआना में हाइवे जाम करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला रोकने वाले डेढ़ सौ अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज किया है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों के नेताओं को नाम मालूम है। जरूरत पड़ने पर इन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। फिलहाल अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया है।
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फिरोजपुर पहुंची केंद्रीय गृह मंत्रालय की उच्चस्तरीय समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के संबंध में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की है। पांच जनवरी को फिरोजपुर-मोगा राजमार्ग स्थित गांव मिसरी वाला के फ्लाईओवर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला फंसा था, वहीं पुलिस अधिकारियों को तलब कर टीम के सदस्यों ने जांच की है। उक्त टीम में कैबिनेट सचिवालय सचिव (सुरक्षा) सुधीर कुमार सेक्सेना, आईबी संयुक्त निदेशक बलबीर सिंह और एसपीजी महानिरीक्षक एस सुरेश शामिल थे। इसके बाद टीम बीएसएफ कैंप पहुंची और वहां उन पुलिस मुलाजिमों से पूछताछ की गई जो उस दिन पीएम काफिला वाले रूट पर तैनात थे।
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से फिरोजपुर पहुंची केंद्र की टीम सीधा वहीं गई, जहां पांच जनवरी को प्रदर्शनकारियों के चलते गांव मिसरी वाला फ्लाईओवर पर 20 मिनट तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला फंसा था। टीम ने उक्त पुल के आसपास के क्षेत्र की जानकारी जुटाई है। यह भी देखा है कि यहां कौन कौन से गांव बसे हैं। इलाका कैसा है। इसके साथ यह भी देखा कि प्रदर्शनकारियों से पीएम का काफिला कितना दूर था, उस रूट पर कितने पुलिस मुलाजिम तैनात थे।
इतना ही नहीं उस फ्लाईओवर से भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सरहद कितनी दूर है। कमेटी के सदस्य गांव प्यारेआना पहुंचे, जहां पर प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम किया था। इसके बाद टीम के सदस्य फिरोजपुर-मोगा रोड स्थित बीएसएफ कैंप पहुंचे, यहां पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों व मुलाजिमों को तलब किया गया।
टीम ने उन पुलिस मुलाजिमों से पूछताछ की जो उस दिन पीएम काफिला वाले रूट पर तैनात थे। इसके अलावा पीएम सिक्योरिटी का जिम्मा देख रहे एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) नागेश्वर राव और डीजीपी स्तर के अधिकारियों से भी पूछताछ की है। टीम ने फिरोजपुर के डीआईजी इंद्रबीर सिंह और एसएसपी फिरोजपुर हरमनदीप सिंह को जांच के लिए बुलाया था। जानकारों का कहना है कि यह टीम तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट गृहमंत्रालय को सौंपेगी। पुलिस के 13 वरिष्ठ अधिकारियों से गहन पूछताछ की है, क्योंकि पीएम की सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक हुई है।
जांच के लिए बुलाए अधिकारियों के नामों की सूची
- डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय
- एडीजीपी ला एंड आर्डर नागेश्वर राव
- एडीजीपी जितेंद्र जैन
- आईजीपी पटियाला मुखविंदर सिंह चीना
- डीआईजी फिरोजपुर इंद्रबीर सिंह
- डीसी फिरोजपुर दविंदर सिंह
- एसएसपी फिरोजपुर हरमनदीप सिंह
- एसएसपी मोगा चरणजीत सिंह
- ड्यूटी मैजिस्ट्रेट कपूरथला वरिंदर सिंह
- ज्वाइंट कमीश्नर लुधियाना अंकुर महेंदरू
- डीसी बठिंडा एपीएस संधू
- एसएसपी बठिंडा अजय मलुजा
- फिरोजपुर पुलिस कंट्रोल इंचार्ज