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Jalandhar News: वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीतकर लौटे जूनियर हॉकी टीम इंडिया के गोलकीपर प्रिंसदीप का भव्य स्वागत
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-प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर दी टीम को बधाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। स्वतंत्रता सेनानियों के गांव चौहाना के होनहार बेटे प्रिंसदीप सिंह ने जूनियर हॉकी टीम इंडिया का हिस्सा बनते हुए, राष्ट्रीय खेल हॉकी में अपनी अद्वितीय भूमिका निभाई। उन्होंने हाल ही में चेन्नई में हुए जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप में कांस्य पदक जीतकर पंजाब, जिले और अपने गांव का नाम रोशन किया। जैसे ही वह अपने गांव पहुंचे, क्षेत्रवासियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की धुन पर गांव चौहाना में उनकी भव्य स्वागत यात्रा निकाली गई, जिसमें लोग पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान कर रहे थे।
प्राइड ऑफ पंजाब अवॉर्ड से सम्मानित
शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की और अन्य समुदायिक नेताओं ने प्रिंसदीप सिंह को प्राइड ऑफ पंजाब अवॉर्ड से नवाजा। इस दौरान कुंवर विक्की ने कहा कि प्रिंसदीप जैसे खिलाड़ी जिले की वीर भूमि का गर्व हैं। उन्होंने नशे की समस्या पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को प्रिंसदीप की उपलब्धि से प्रेरणा लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जूनियर हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने पर ट्वीट कर उन्हें बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर गुरु रामदास एयरपोर्ट, राजासांसी, अमृतसर में भी हॉकी फेडरेशन पंजाब के सदस्यों ने प्रिंसदीप का शानदार स्वागत किया।
प्रिंसदीप का सपना: ओलंपिक में स्वर्ण पदक
प्रिंसदीप सिंह ने अपनी उपलब्धि के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका एक ही सपना है - वह ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीतें। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और टीम को दिया, जिन्होंने हमेशा उनका समर्थन किया। प्रिंसदीप ने बताया कि उनकी शिक्षा घरोटा के सर्वहितकारी विद्या मंदिर से शुरू हुई, फिर चीमा हॉकी एकेडमी बटाला और पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (पीआईएस), लुधियाना से उन्होंने अपनी पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि उनका चयन जूनियर हॉकी टीम इंडिया में उस समय हुआ, जब वह लायपुर खालसा कॉलेज जालंधर में बीए की पढ़ाई कर रहे थे।
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विश्व कप में यादगार प्रदर्शन
प्रिंसदीप ने विश्व कप के दौरान 24 देशों के खिलाफ खेलते हुए अपनी टीम को कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में शानदार गोलकीपिंग की और विरोधी टीम के गोल करने के प्रयास को विफल कर अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया। पिछले साल दिसंबर में ओमान में हुए एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मैच में उन्होंने पांच गोलों को डिफेंड करते हुए अपनी टीम को गोल्ड मेडल दिलाया। यह उपलब्धि उनकी हॉकी करियर का अहम मोड़ साबित हुई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। स्वतंत्रता सेनानियों के गांव चौहाना के होनहार बेटे प्रिंसदीप सिंह ने जूनियर हॉकी टीम इंडिया का हिस्सा बनते हुए, राष्ट्रीय खेल हॉकी में अपनी अद्वितीय भूमिका निभाई। उन्होंने हाल ही में चेन्नई में हुए जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप में कांस्य पदक जीतकर पंजाब, जिले और अपने गांव का नाम रोशन किया। जैसे ही वह अपने गांव पहुंचे, क्षेत्रवासियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की धुन पर गांव चौहाना में उनकी भव्य स्वागत यात्रा निकाली गई, जिसमें लोग पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान कर रहे थे।
प्राइड ऑफ पंजाब अवॉर्ड से सम्मानित
शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की और अन्य समुदायिक नेताओं ने प्रिंसदीप सिंह को प्राइड ऑफ पंजाब अवॉर्ड से नवाजा। इस दौरान कुंवर विक्की ने कहा कि प्रिंसदीप जैसे खिलाड़ी जिले की वीर भूमि का गर्व हैं। उन्होंने नशे की समस्या पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को प्रिंसदीप की उपलब्धि से प्रेरणा लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जूनियर हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने पर ट्वीट कर उन्हें बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर गुरु रामदास एयरपोर्ट, राजासांसी, अमृतसर में भी हॉकी फेडरेशन पंजाब के सदस्यों ने प्रिंसदीप का शानदार स्वागत किया।
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प्रिंसदीप का सपना: ओलंपिक में स्वर्ण पदक
प्रिंसदीप सिंह ने अपनी उपलब्धि के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका एक ही सपना है - वह ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीतें। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और टीम को दिया, जिन्होंने हमेशा उनका समर्थन किया। प्रिंसदीप ने बताया कि उनकी शिक्षा घरोटा के सर्वहितकारी विद्या मंदिर से शुरू हुई, फिर चीमा हॉकी एकेडमी बटाला और पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (पीआईएस), लुधियाना से उन्होंने अपनी पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि उनका चयन जूनियर हॉकी टीम इंडिया में उस समय हुआ, जब वह लायपुर खालसा कॉलेज जालंधर में बीए की पढ़ाई कर रहे थे।
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विश्व कप में यादगार प्रदर्शन
प्रिंसदीप ने विश्व कप के दौरान 24 देशों के खिलाफ खेलते हुए अपनी टीम को कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में शानदार गोलकीपिंग की और विरोधी टीम के गोल करने के प्रयास को विफल कर अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया। पिछले साल दिसंबर में ओमान में हुए एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मैच में उन्होंने पांच गोलों को डिफेंड करते हुए अपनी टीम को गोल्ड मेडल दिलाया। यह उपलब्धि उनकी हॉकी करियर का अहम मोड़ साबित हुई।