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पंजाब में साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश: 1.40 करोड़ रुपये के हवाला का खुलासा, दुबई और कंबोडिया से जुड़े तार
Fri, 03 Jan 2025 04:22 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Fri, 03 Jan 2025 04:22 PM IST
सार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरकमल प्रीत सिंह खख ने बताया कि यह ऑपरेशन एसपी इनवेस्टिगेशन जसरूप कौर बाथ और डीएसपी फिल्लौर सरवन सिंह बल की देखरेख में फिल्लौर पुलिस स्टेशन के साथ में एक विशेष साइबर टीम द्वारा चलाया गया था।
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पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
जालंधर ग्रामीण पुलिस के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के ताल दुबई और कंबोडिया से जुड़े हैं। आरोपियों की पहचान वरिंदर सिंह और अमरिंदर सिंह सैनी के रूप में हुई। दोनों आरोपी छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले हैं। वहीं जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने हवाला का कुल 1.40 करोड़ रुपये का लेन-देन किया है।
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जालंधर के फिल्लौर पुलिस के पास साइबर ठगी की नौ शिकायतें आई थी। इसके बाद जांच शुरू की गई। शिकायतकर्ताओं ने फिल्लौर पुलिस स्टेशन में संपर्क किया और बताया कि उन्हें बैंक खाते खोलने के लिए दो से तीन हजार रुपये रुपये की पेशकश की गई थी। बाद में इन खातों का दुरुपयोग अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए किया गया, जिसमें हवाला संचालन, गेमिंग और बैटिंग एप्लिकेशन के जरिये रुपये ट्रांसफर किए गए। अवैध रुपयों को दुबई और कंबोडिया के लिए दिल्ली के रास्ते भेजा जाता था।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरकमल प्रीत सिंह खख ने बताया कि यह ऑपरेशन एसपी इनवेस्टिगेशन जसरूप कौर बाथ और डीएसपी फिल्लौर सरवन सिंह बल की देखरेख में फिल्लौर पुलिस स्टेशन के साथ में एक विशेष साइबर टीम द्वारा चलाया गया था।
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खोले गए थे 23 बैंक खाते
मामले में शिकायतकर्ता आकाशदीप ने पुलिस को अपने कर्नाटक बैंक खाते से कुल 1.40 करोड़ रुपये के अनधिकृत लेनदेन के बारे में जानकारी दी थी। इसके अलावा, एक अन्य शिकायतकर्ता संजीव ने पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में मदद करते हुए एक फर्जी व्यक्ति की भूमिका निभाई। जांच में 23 बैंक खातों का पता चला है, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी गतिविधियों के लिए किया जाता था। इन खातों के बैंकों से विवरण की प्रतीक्षा की जा रही है।
गरीब लोगों को बनाते थे टारगेट
जांच में अभी तक पता चला है कि गिरोह ने गरीब लोगों का शोषण किया। इन खातों का इस्तेमाल हवाला लेनदेन के लिए किया और पैसे को विदेशी नेटवर्क में भेजा। गिरोह का नेटवर्क पंजाब, दिल्ली और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में फैला हुआ था, जिसके तार दुबई और कंबोडिया से जुड़े थे। दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा और उनके आगे और पीछे के संबंधों की जांच करने, सिंडिकेट के अतिरिक्त सदस्यों की पहचान और वित्तीय निशान का पता लगाने के लिए आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा।