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अवैध प्रवासन या मानव तस्करी: 50-50 लाख देकर बेरोजगार दुबई के रास्ते पहुंच रहे अमेरिका, जड़ें जालंधर-मोहाली में
Thu, 06 Feb 2025 05:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सुरिंदर पाल, जालंधर
सुरिंदर पाल, जालंधर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 06 Feb 2025 05:55 AM IST
सार
डंकी रूट यानी अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचने पर यही दूरी 15 हजार किमी हो जाती है और इस सफर में महीनों लग जाते हैं। अवैध प्रवासन यानी मानव तस्करी के अरबों रुपये के अवैध कारोबार की जड़ें जालंधर व मोहाली में हैं।
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अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत से अमेरिका की दूरी करीब 13,500 किमी है और सफर 17 से 20 घंटों का है। डंकी रूट यानी अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचने पर यही दूरी 15 हजार किमी हो जाती है और इस सफर में महीनों लग जाते हैं। अवैध प्रवासन यानी मानव तस्करी के अरबों रुपये के अवैध कारोबार की जड़ें जालंधर व मोहाली में हैं।
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यहां के एजेंटों ने पंजाब और हरियाणा के हजारों बेरोजगार युवाओं को 50-50 लाख रुपये लेकर अमेरिका पहुंचा दिया। राजनीतिक शह और सरकारी व खाकी वालों के समर्थन से इस अवैध कारोबार ने हरियाणा तक अपनी जड़ें मजबूत कर ली हैं।
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वर्ष 2005 से लेकर 2007 के बीच जालंधर के एक एजेंट ने अवैध रूप से अमेरिका पहुंचाने का नया रास्ता ग्रीस खोजा। ग्रीस दूतावास के जरिये पंजाब के युवाओं के धड़ाधड़ वीजा लगवाकर शैंगेन देशों में भिजवाया गया, जहां से पनामा व मेक्सिको से निकलते हुए अमेरिका में दाखिल करवाया गया।
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अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने ग्रीस दूतावास पर छापा मारकर इस गोरखधंधे को रोका, तो एजेंटों ने नया रूट खोज लिया। इक्वाडोर, बोलीविया और गुयाना के जरिये डंकी रूट से कोलंबिया पहुंचाने का क्रम शुरू किया। फिर मेक्सिको और अमेरिका में पहुंचाया गया। इक्वाडोर, बोलीविया और गुयाना जाने के लिए वीजा लेने की जरूरत नहीं है। ऑन द स्पॉट वीजा दे दिया जाता है।
वहां से डंकी रूट से अमेरिका पहुंचाने के बाद अब दुबई के रूट का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंजाब के युवाओं को यहां का वीजा आसानी से मिल रहा था। टूरिस्ट वीजा लेकर दुबई जाने वाले तुर्किये से निकलकर निकारागुआ, ग्वाटेमाला होते हुए पनामा व मेक्सिको पहुंच रहे थे आैर फिर अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश कर रहे थे।
2023 में फ्रांस ने अपने एयरपोर्ट वैट्री में एक विमान में छापा मारकर 303 भारतीयों को मानव तस्करी का शिकार होने से बचाया। अमेरिका में अवैध प्रवेश के लिए मेक्सिको, निकारागुआ जैसे मध्य अमेरिकी देशों के रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा था। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा गश्ती (सीबीपी) के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में 96,917 भारतीयों ने अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने का प्रयास किया।