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दहेज में बुलेट मोटरसाईकिल न लाने पर विवाहता को घर से निकाला

Wed, 12 May 2021 09:49 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Wed, 12 May 2021 09:49 PM IST
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husband ejects wife because of not receiving bullet bike  in dowry
मोगा। दहेज में बुलेट बाइक के बजाय सस्ता व बजाज कंपनी का मोटरसाइकिल लाने पर ससुराल परिवार ने शादी के कुछ माह बाद ही मारपीट कर विवाहिता को घर से निकाल दिया गया। पीड़िता ने पुलिस के पास इंसाफ की गुहार लगाई गई तो लिखित शिकायत देने के करीब छह माह बाद पुलिस ने पीड़िता के पति व ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की धारा के तहत केस दर्ज कर लिया। जबकि पीड़िता के पिता ने जांच करने वाले डीएसपी के रीडर पर उनसे दस हजार रुपये रिश्वत लेने के बावजूद मुख्य आरोपियों को नामजद न करने का आरोप लगाया है।
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गुरदेव सिंह निवासी गांव शेरपुर तायबां (धर्मकोट) ने बताया कि उसकी बेटी सर्बजीत कौर (30) की शादी 22 सितंबर 2019 को गुरजंट सिंह निवासी बीड़ तलाब बस्ती बठिंडा के साथ हुई थी। शादी में उन्होंने दामाद को बजाज कंपनी का सीटी 100 मोटरसाइकिल दहेज में दिया गया था, लेकिन शादी के कुछ ही समय के बाद उनका दामाद व पूरा ससुराल परिवार बेटी को दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल लाने के लिए परेशान करने लगा और समय बीतते मांग पूरी न होने पर ससुराल परिवार ने उनकी बेटी को मारपीट कर घर से निकाल दिया। इसके बाद पीड़ित ने 20 बार से अधिक पंचायत कर बेटी के ससुराल परिवार से बातचीत कर मसला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी बेटी का रिश्ता करवाने वाले बिचौलिये और ससुराल परिवार ने उनकी एक न सुनी और जो मर्जी कर लेने की बात कहते रहे। जिसके चलते मजबूर होकर शिकायतकर्ता ने 17 अक्टूबर 2020 को एसएसपी मोगा को लिखित शिकायत दी।
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एसएसपी मोगा ने मामले की जांच डीएसपी वुमन एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन सेल लखविंदर सिंह को सौंपी तो करीब छह माह तक चली लंबी जांच के बाद थाना धर्मकोट में पुलिस ने डीए लीगल की राय के बाद विवाहिता के आरोपी पति गुरजंट सिंह और गुरनाम सिंह ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की धारा 498 ए व 406 के तहत केस दर्ज कर लिया। वहीं शिकायतकर्ता गुरदेव सिंह ने मीडिया से बातचीत में जांच करने वाले डीएसपी के रीडर पर आरोप लगाया है कि केस दर्ज करने से पहले रीडर ने उनसे खर्चे के नाम पर दस हजार रुपये लिए और बावजूद इसके शिकायत में दर्ज चार मुख्य आरोपियों के नाम केस में शामिल न कर महज दामाद व उसके पिता के खिलाफ केस दर्ज कर खानापूर्ति की है।
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शिकायतकर्ता के अनुसार पूरे मामले में मुख्य आरोपी उनकी बेटी की सास, ननद, बिचौलिया व बिचौलिए की साली है। बिचौलिए के संबंध सत्तापक्ष के बड़े नेताओं से हैं, जिस कारण पुलिस ने केस में चारों मुख्य आरोपियों को नामजद नहीं किया। पीड़ित का कहना है कि इंसाफ पाने के लिए वह चुप नही बैठेगा और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। वहीं मामले की जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर प्रभजोत कौर का कहना है कि फिलहाल अब तक की गई पुलिस जांच के आधार पर आरोपी पिता पुत्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच में आरोपी पाए जाने वाले हर व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी, फिर चाहे वह कोई भी क्यों न हो। वहीं नामजद आरोपी पिता-पुत्र की तलाश की जा रही है।
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