पुलिस के सामने चुनौती: हरियाणा के गैंगस्टरों ने मिलाया पंजाब के गैंगस्टरों से हाथ, चार राज्यों की पुलिस के लिए बढ़ी मुसीबत
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सात लाख के इनामी बदमाश गैंगस्टर काला जठेड़ी को गिरफ्तार किया था, जिसका गठजोड़ लॉरेंस बिश्नोई के साथ था। संदीप उर्फ काला, लॉरेंस बिश्नोई, हरियाणा के संपत नेहरा का आपसी तालमेल जबरदस्त बना हुआ है।
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पंजाब और हरियाणा के गैंगस्टरों ने आपस में गठजोड़ कर लिया है और यह तालमेल चार राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। पंजाब के शूटर्स का इस्तेमाल हरियाणा के नामी गैंगस्टरों द्वारा किया जा रहा है जबकि हरियाणा के शूटर्स का पंजाब में। इतना ही नहीं खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर्स अपना ठिकाना यूपी और राजस्थान में बना रहे हैं।
गैंगस्टर चार राज्यों के लिए खौफ बन गए हैं। यूपी में गैंगस्टर किसी वारदात को अंजाम नहीं देते पर यूपी उनका पनाहगार बन गया है। दिक्कत यह है कि गैंगस्टरों के खात्मे के लिए चार राज्यों के डीजीपी या अन्य उच्चाधिकारियों की तालमेल के लिए कोई कमेटी गठित नहीं हुई है। जिसका पूरा फायदा गैंगस्टरों को मिल रहा है। सदीप नंगल अंबियां हत्याकांड की जांच करने वाले अधिकारी एसपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों का कहना है कि कई वारदात में पंजाब और हरियाणा के शूटर्स ने आपस में एक्सचेंज किया है। इसके साथ ही पंजाब के कई संगीन हत्यांकांड में हरियाणा के शूटर्स का हाथ होने के इनपुट मिले हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सात लाख के इनामी बदमाश गैंगस्टर काला जठेड़ी को गिरफ्तार किया था, जिसका गठजोड़ लॉरेंस बिश्नोई के साथ था। संदीप उर्फ काला, लॉरेंस बिश्नोई, हरियाणा के संपत नेहरा का आपसी तालमेल जबरदस्त बना हुआ है। वहीं बिश्नोई का तिहाड़ जेल में बंद जग्गू भगवानपुरिया के साथ गठजोड़ है। पहलवान सागर हत्याकांड में बंद ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार भी इसी सिंडिकेट से जुड़ा था। दिल्ली के एक व्यपारी से एक करोड़ की रंगदारी मांगने वाले बदमाश भी इसी गिरोह के थे, जिन्होंने 10 दिन पहले दिल्ली में कुशवाहा को गोली मारी थी। गिरोह के शूटर वारदात को अंजाम देने के बाद राजस्थान जाकर छिप गए थे। शूटर पंजाब, हरियाणा से मंगवाए गए थे।
दूसरी तरफ पंजाब में संदीप नंगल अंबियां, सुखमीत सिंह डिप्टी हत्याकांड के लिए शूटर हरियाणा से आए थे और इसमें दविंदर बंबीहा गुट का हाथ था। दविंदर बंबीहा को पुलिस मुठभेड़ में मार चुकी है पर उसके गिरोह के सदस्यों का हेडक्वार्टर हरियाणा और पंजाब बना हुआ है। दविंदर बंबीहा गुट के अमित डागर, कुशल चौधरी, फतेह नागरी हरियाणा के हैं, जिन्होंने संदीप नंगल अंबियां को मारने के लिए हरियाणा से शूटर मंगवाए थे। यह शूटर अब पुलिस की पहुंच से दूर हैं। हरियाणा में गुज्जर गिरोह की कट्टर दुश्मनी बंबीहा गैंग के गैंगस्टों के साथ चल रही है। गुज्जर गिरोह को खत्म करने के लिए हरियाणा में पंजाब से गैंगस्टर भेजे जा रहे हैं।
कनाडा में बैठा पंजाब का गोल्डी, हरियाणा में बना रहा आधार
काला जठेड़ी और लॉरेंस बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद अब उनके गैंग को पंजाब का गैंगस्टर गोल्डी बराड़ आपरेट कर रहा है, जो कनाडा में है। गोल्डी बराड़ हरियाणा में अपने गैंग की जड़ों को मजबूत कर रहा है। इसके लिए वह युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा है। पंजाब से वह शूटरों को हरियाणा व दिल्ली के लिए टॉस्क दे रहा है। गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े सैमाण गांव के रहने वाले दस हजार के इनामी बदमाश विकास मटरी और उसकी साथी सोनू से रिमांड पर हुई पूछताछ में पर्दाफाश हुआ जिसके बाद पुलिस अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई और सामने आया कि पंजाब व हरियाणा के गैंगस्टरों का जबरदस्त गठजोड़ हो चुका है।
पुलिस के लिए पहचान बनी दिक्कत
शूटर सरेआम फायरिंग कर हत्या कर रहे हैं और पुलिस के लिए पहचान करना दिक्कत बन गया है। इसका मुख्य कारण है कि पंजाब के शूटर हरियाणा में वारदात के बाद निकल जाते हैं और वहां पर उनका हुलिया व चेहरा पहचानने वाले पुलिस व जांच एजेंसियों को नहीं मिल पाते। पंजाब में भी अधिकारियों को यही दिक्कत आ रही है। संदीप नंगल अंबियां की हत्या करने के बाद शूटर आराम से निकल भागे। शूटर चेहरा ढांपकर भी नहीं आए थे। वह बाहरी प्रदेशों से थे, जिस कारण उनको पहचान होने का कोई डर नहीं था।