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कनाडा में 28 अप्रैल को संघीय चुनाव: पंजाबियों पर सभी पार्टियों की नजर, 65 उम्मीदवार आजमा रहे किस्मत
Thu, 17 Apr 2025 03:51 PM IST
निवेदिता वर्मा
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 17 Apr 2025 03:51 PM IST
सार
2021 में, 45 पंजाबी चुनाव मैदान में थे और उनमें से 17 हाउस ऑफ कॉमन्स में पहुंचे थे। 2019 में 47 पंजाबी मैदान में थे और 22 ने चुनाव जीता। हाई-प्रोफाइल नामों में स्वास्थ्य मंत्री और ब्रैम्पटन वेस्ट से मौजूदा सांसद कमल खेरा (लिबरल) फिर से चुनाव लड़ रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
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विस्तार
कनाडा में 28 अप्रैल को होने वाले संघीय चुनावों में पंजाबी समुदाय के वोट पर सभी पार्टियों की नजर है। यही वजह है कि इस बार पंजाबी मूल के 65 उम्मीदवार राजनीति के मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जो देश के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में पंजाबी प्रवासियों के बढ़ते प्रभाव और उपस्थिति को दर्शाता है।
दरअसल, कनाडा के कई इलाके ऐसे हैं जहां पर पंजाबी समुदाय का वोट ही जीत हार का फैसला करता है। ओंटारियो के ओटावा, ब्रैप्टन, मिसीसागा के अलावा वाटरलू और ब्रिटिश कोलंबिया के वैंकुवर, सरीं और विक्योरिटा, अल्बर्टा और मैनिटोबा में पंजाबी समुदाय का जबरदस्त बोलबाला है। यही वजह है कि पंजाबी मूल के उम्मीदवार सभी प्रमुख संघीय दलों लिबरल पार्टी, कंजर्वेटिव पार्टी, न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) और ग्रीन पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़ रहे हैं।
2021 में, 45 पंजाबी चुनाव मैदान में थे और उनमें से 17 हाउस ऑफ कॉमन्स में पहुंचे थे। 2019 में 47 पंजाबी मैदान में थे और 22 ने चुनाव जीता। हाई-प्रोफाइल नामों में स्वास्थ्य मंत्री और ब्रैम्पटन वेस्ट से मौजूदा सांसद कमल खेरा (लिबरल) फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। विज्ञान और उद्योग मंत्री अनीता आनंद ओकविला से फिर से चुनाव लड़ रही हैं। पूर्व मंत्री और मौजूदा वरिष्ठ सांसद बर्दिश छग्गर भी वाटरलू से फिर से मैदान में हैं।
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एनडीपी अध्यक्ष जगमीत सिंह बर्नबी सेंट्रल सीट से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। लिबरल ने डोरुअल लाचिन लासेले से अंजू ढिल्लों, ब्रैम्पटन सेंटर से अमनदीप सोढी, ब्रैम्पटन ईस्ट से मनिंदर सिद्धू, ब्रैम्पटन नॉर्थ से रूबी सहोता, ब्रैम्पटन साउथ से सोनिया सिद्धू, विन्निपेग सेंटर से राहुल वालिया, एडमोंटन साउथईस्ट से अमरजीत सिंह सोही, कैलगरी मैकनाइट से जॉर्ज चहल, फ्लीटवुड पोर्ट केल्स से गुरबक्स सैनी, रिचमंड ईस्ट स्टीवटन से परम बैंस, सरे सेंटर से रणदीप सराय, सरे न्यूटन से सुख धालीवाल, वैंकूवर किंग्सवे से अनुज के गिल और मिसिसॉगा माल्टन से इकविंदर सिंह गहीर को मैदान में उतारा है। लिबरल पार्टी के प्रति पंजाबियों का खासा झुकाव रहा है।
इस बार कंजर्वेटिव पार्टी ने स्कारबरो नॉर्थ से गुरमीत संधू, ब्रैम्पटन सेंटर से तरण चहल, ब्रैम्पटन ईस्ट से बॉब दोसांझ सिंह, ब्रैम्पटन नॉर्थ से अमनदीप जज, ब्रैम्पटन साउथ से सुखदीप कंग, ब्रैम्पटन वेस्ट से अमरजीत गिल, मिसिसॉगा माल्टन से जसप्रीत संधू, मिल्टन ईस्ट हैल्टन से परम गिल, गुएल्फ से गुरवीर खैरा, ऑक्सफोर्ड से अर्पण खन्ना, विंडसर वेस्ट से हरब गिल, एडमिंटन गेटवे से टिम उप्पल, एडमिंटन साउथईस्ट से जगशरण सिंह महल, कैलगरी ईस्ट से जसराज हेल्लरां, कैलगरी मैकनाइट से दलविंदर गिल, कैलगरी स्काईव्यू से अमनप्रीत एस गिल, एबॉट्सफोर्ड साउथ लैंगली से सुखमन गिल, डेल्टा से जेसी सहोता, फ्लीटवुड पोर्टकिल्स से सुख पंधेर, सरी सेंटर से राजवीर ढिल्लों, सरे न्यूटन से हरजीत सिंह गिल और वैंकूवर फ्रेजररिवर से अवि नय्यर को मैदान में उतारा है।
कनाडा से बहादुर सिंह का कहना है कि एक गौरवशाली पंजाबी कनाडाई के रूप में, मेरा मानना है कि हमारे समुदाय की इस देश के भविष्य को आकार देने में एक मजबूत आवाज है। प्रत्येक संघीय चुनाव के साथ, हमारी भागीदारी बढ़ती है।
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दरअसल, कनाडा के कई इलाके ऐसे हैं जहां पर पंजाबी समुदाय का वोट ही जीत हार का फैसला करता है। ओंटारियो के ओटावा, ब्रैप्टन, मिसीसागा के अलावा वाटरलू और ब्रिटिश कोलंबिया के वैंकुवर, सरीं और विक्योरिटा, अल्बर्टा और मैनिटोबा में पंजाबी समुदाय का जबरदस्त बोलबाला है। यही वजह है कि पंजाबी मूल के उम्मीदवार सभी प्रमुख संघीय दलों लिबरल पार्टी, कंजर्वेटिव पार्टी, न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) और ग्रीन पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़ रहे हैं।
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2021 में, 45 पंजाबी चुनाव मैदान में थे और उनमें से 17 हाउस ऑफ कॉमन्स में पहुंचे थे। 2019 में 47 पंजाबी मैदान में थे और 22 ने चुनाव जीता। हाई-प्रोफाइल नामों में स्वास्थ्य मंत्री और ब्रैम्पटन वेस्ट से मौजूदा सांसद कमल खेरा (लिबरल) फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। विज्ञान और उद्योग मंत्री अनीता आनंद ओकविला से फिर से चुनाव लड़ रही हैं। पूर्व मंत्री और मौजूदा वरिष्ठ सांसद बर्दिश छग्गर भी वाटरलू से फिर से मैदान में हैं।
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एनडीपी अध्यक्ष जगमीत सिंह बर्नबी सेंट्रल सीट से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। लिबरल ने डोरुअल लाचिन लासेले से अंजू ढिल्लों, ब्रैम्पटन सेंटर से अमनदीप सोढी, ब्रैम्पटन ईस्ट से मनिंदर सिद्धू, ब्रैम्पटन नॉर्थ से रूबी सहोता, ब्रैम्पटन साउथ से सोनिया सिद्धू, विन्निपेग सेंटर से राहुल वालिया, एडमोंटन साउथईस्ट से अमरजीत सिंह सोही, कैलगरी मैकनाइट से जॉर्ज चहल, फ्लीटवुड पोर्ट केल्स से गुरबक्स सैनी, रिचमंड ईस्ट स्टीवटन से परम बैंस, सरे सेंटर से रणदीप सराय, सरे न्यूटन से सुख धालीवाल, वैंकूवर किंग्सवे से अनुज के गिल और मिसिसॉगा माल्टन से इकविंदर सिंह गहीर को मैदान में उतारा है। लिबरल पार्टी के प्रति पंजाबियों का खासा झुकाव रहा है।
इस बार कंजर्वेटिव पार्टी ने स्कारबरो नॉर्थ से गुरमीत संधू, ब्रैम्पटन सेंटर से तरण चहल, ब्रैम्पटन ईस्ट से बॉब दोसांझ सिंह, ब्रैम्पटन नॉर्थ से अमनदीप जज, ब्रैम्पटन साउथ से सुखदीप कंग, ब्रैम्पटन वेस्ट से अमरजीत गिल, मिसिसॉगा माल्टन से जसप्रीत संधू, मिल्टन ईस्ट हैल्टन से परम गिल, गुएल्फ से गुरवीर खैरा, ऑक्सफोर्ड से अर्पण खन्ना, विंडसर वेस्ट से हरब गिल, एडमिंटन गेटवे से टिम उप्पल, एडमिंटन साउथईस्ट से जगशरण सिंह महल, कैलगरी ईस्ट से जसराज हेल्लरां, कैलगरी मैकनाइट से दलविंदर गिल, कैलगरी स्काईव्यू से अमनप्रीत एस गिल, एबॉट्सफोर्ड साउथ लैंगली से सुखमन गिल, डेल्टा से जेसी सहोता, फ्लीटवुड पोर्टकिल्स से सुख पंधेर, सरी सेंटर से राजवीर ढिल्लों, सरे न्यूटन से हरजीत सिंह गिल और वैंकूवर फ्रेजररिवर से अवि नय्यर को मैदान में उतारा है।
कनाडा से बहादुर सिंह का कहना है कि एक गौरवशाली पंजाबी कनाडाई के रूप में, मेरा मानना है कि हमारे समुदाय की इस देश के भविष्य को आकार देने में एक मजबूत आवाज है। प्रत्येक संघीय चुनाव के साथ, हमारी भागीदारी बढ़ती है।