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Jalandhar News: डीएपी खाद के बंटवारे पर मोगा व बरनाला की किसान यूनियन हुईं आमने-सामने, लगाए आरोप

Thu, 07 Nov 2024 10:43 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर Updated Thu, 07 Nov 2024 10:43 PM IST
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Farmer unions of Moga and Barnala came face to face over distribution of DAP fertilizer, made allegationsFarmer unions of Moga and Barnala came face to face over distribution of DAP fertilizer, made allegations
भारी पुलिस फोर्स की मौजदूगी में वीरवार को डीएपी से भरे ट्रक को किया गया रवाना
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बुधवार शाम को बरनाला के किसानों ने डीएपी के ट्रैक रोकने पर पुलिस ने किया था हल्का बल प्रयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
मोगा। बुधवार की सुबह एक मालगाड़ी से करीब 27 हजार डीएपी की बोरी पहुंची थी। इसमें 13 हजार के करीब बोरी बरनाला के लिए जानी थी और बाकी 14 हजार बोरी मोगा जिले में अलग सोसाइटी और प्राइवेट दुकानों में जानी थी।
मोगा जिले के किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार बरनाला उपचुनाव में वोट बैंक के लिए मोगा से डीएपी भेज रही है, जिसे लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने डीएपी रेलगाड़ी से अनलोड करने में रोका था फिर प्रशासन के साथ सहमति हुई थी कि 2500 बोरी बरनाला भेजी जाएगी बाकी 24500 बोरी मोगा में 40% प्राइवेट दुकानों और 60% गांव की सोसाइटी में भेजी जाएगी। बुधवार दोपहर को प्रशासन ने इस बात से पीछे हट गया फिर किसानों ने धरना लगा दिया। फिर शाम को किसानों के साथ सहमति हुई 5000 बोरी बरनाला और बाकी मोगा में रहेंगी। जब डीएपी से भरा ट्रक निकलने लगा तो बरनाला के किसान यूनियन कादिया ग्रुप ने ट्रक रोका तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। वीरवार को फिर दोनों जिलों के किसान और मोगा प्रशासन के साथ सहमति हुई कि 7500 बोरी बरनाला बाकी मोगा में रहेंगी। इसके बाद भारी पुलिस फोर्स की मौजदूगी में किसान यूनियन ने अपने निगरानी में डीएपी से भरे ट्रक को मोगा के अलग-अलग गांव में रवाना किया।
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बरनाला से आए किसान यूनियन कादियां जत्थेबंदी के आगू जसबीर सिंह ने बताया कि बरनाला में कोई प्लेटी (जगह) न होने के कारण डीएपी हर साल दूसरे जिले में भेज देते हैं। इस बार मोगा और बरनाला इकठ्ठे आए जिसमें 27 हजार बोरी में 13 हजार बरनाला की हैं बाकी 14 हजार मोगा की हैं। बुधवार से मोगा की किसान जत्थेबंदियों ने प्रशासन के ऊपर दबाव डालकर उनकी डीएपी इनके जिला में रखने की कोशिश की और हमारे लिए सिर्फ 2500 बोरी भेजने के लिए राजी हुए। बुधवार शाम को जब ट्रक रोका गया तो तब पुलिस ने उनके ऊपर लाठीचार्ज किया। वीरवार को फिर सहमति हुई है कि 7500 बोरी बरनाला के लिए मोगा में रखेंगे, पर बरनाला के लिए 13000 बोरी आई थी। मोगा जिले के किसानों ने उनके हक छीन लिए हैं, इस कारण फसल बिजाई में देरी होगी।
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मोगा जिला के किसान आगू इकबाल सिंह ने बताया कि सारी जगह पर उन्होंने प्रशासन के साथ सहमति जताई फिर भी उनके साथ गलत हुआ है। बुधवार शाम दो ट्रक मोगा जिले के गांव मालियावाला, बलखंडी जाने थे पर रास्ते में उनकी बिल्टी बदलकर बरनाला भेज दिए गए। प्रशासन को इस बारे में बताने पर वीरवार को फिर से ट्रक रोका गया। सरकार चारों तरफ से किसानों के साथ गलत कर रही है। बरनाला के उप चुनाव के लिए सरकार मदद कर रही है। मोगा जिला के डीएपी बरनाला भेज रही है। वीरवार को मोगा जिले के संयुक्त किसान मोर्चे के सहमति से 7500 बोरी बरनाला को दी गई बाकी सारी मोगा जिले के 40% प्राइवेट दुकानों और 60% गांव के सोसाइटी में भेजी गईं। हर ट्रक में किसान बिठाया गया ताकि कोई हेराफेरी न हो सके, सही जगह पर डीएपी पहुंच सके।




मोगा एडीसी चारुमिता ने बताया कि जो डीएपी खाद को लेकर विवाद थे उसे वीरवार को बरनाला और मोगा की किसान जत्थेबंदियों के साथ समझौता करके भेजी गई। इसमें 7500 बोरी बरनाला, बाकी सारी मोगा जिला में अलग-अलग सोसाइटी और प्राइवेट दुकानों में भेजी गईं।
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