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डंकी रूट मामले में ईडी का बड़ा खुलासा: कहा- हवाला से विदेश भेजे जाते थे पैसे; पंजाब-हरियाणा में की थी छापेमारी
Tue, 15 Jul 2025 04:50 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, जालंधर
अमर उजाला नेटवर्क, जालंधर
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 15 Jul 2025 04:50 AM IST
सार
ईडी ने बताया कि छापों के दौरान पुख्ता सबूत मिले हैं कि जिन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी हुई, वे इस अवैध कारोबार में सीधे तौर पर शामिल थे। इनमें से कई ने इस कारोबार से भारी मात्रा में चल-अचल संपत्तियां भी अर्जित कीं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 11 जुलाई को पंजाब व हरियाणा में फैले अवैध डंकी रूट नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए पंजाब के मानसा और हरियाणा के कुरुक्षेत्र व करनाल में सात ठिकानों पर जो कार्रवाई की थी, उसमें कई खुलासे हुए हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम-2002 के तहत की गई थी।
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ईडी के मुताबिक इस दौरान ईडी को बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, कई देशों की नकली मुहरें, वीजा से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है, जिन्हें ईडी ने अपने कब्जे में ले लिया है। माना जा रहा है कि ये सामान अवैध तरीके से विदेश भेजने के रैकेट में इस्तेमाल किया जा रहा था। ईडी अब इस नेटवर्क में शामिल लोगों की पहचान और विदेश भेजने के पीछे के पैसों के लेन-देन की जांच में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही इस केस में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी इमिग्रेशन स्टांप और विदेशी वीजा स्टांप का इस्तेमाल भारतीयों के यात्रा रिकॉर्ड में हेरफेर कर उन्हें वैध दिखाने के लिए किया जाता था। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोगों को खतरनाक और गैरकानूनी डंकी रूट से अमेरिका व अन्य देशों तक पहुंचाया जाता था।
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ईडी ने बताया कि छापों के दौरान पुख्ता सबूत मिले हैं कि जिन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी हुई, वे इस अवैध कारोबार में सीधे तौर पर शामिल थे। इनमें से कई ने इस कारोबार से भारी मात्रा में चल-अचल संपत्तियां भी अर्जित कीं। जब्त दस्तावेजों और उपकरणों से यह भी सामने आया कि हवाला के जरिए विदेशों में पैसे भेजे जा रहे थे। ईडी की पहले की जांच में यह भी सामने आया था कि अवैध इमिग्रेशन और डंकी रूट से जुड़े इस नेटवर्क में बिचौलिए, ट्रैवल एजेंट, भारतीय और विदेश के नागरिक शामिल हैं। कई एजेंटों ने कानूनी यात्रा का झांसा देकर लोगों को विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए वसूले।