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9 से 17 अगस्त तक दस्तावेज दिखाने पर ही श्रद्धालुओं को मिलेगी हिमाचल प्रदेश में एंट्री, सीमा पर नाकाबंदी कर की जाएगी चेकिंग
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फिरोजपुर/होशियारपुर। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से राज्य में कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका को जताते हुए 9 से 17 अगस्त श्रावण अष्टमी नवरात्रों के दौरान राज्य के विभिन्न मंदिरों में जाने के इच्छुक व्यक्तियों को राज्य की सीमाओं में प्रवेश की अनुमति तभी दी जाएगी जब उनके पास कोविड-19 टीकाकरण का सर्टिफिकेट या 72 घंटे तक की निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट हो। यह जरूरी है कि उक्त रिपोर्ट अधिकृत लेबोरेट्री से जारी की गई हो।
जानकारी देते हुए डीसी अपनीत रियात ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जो आदेश जारी किए गए उनका पूरा पालन किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को हिमाचल प्रदेश की सीमा में किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि होशियारपुर के रास्ते के माध्यम से पंजाब व अन्य राज्यों के बहुत श्रद्धालु माता चिंतपूर्णी व अन्य धार्मिक स्थानों पर उक्त दिनों दर्शनों के लिए जाते हैं। इसलिए वे दर्शनों के लिए जाने से पहले कोविड टीकाकरण का दोनों डोज का सर्टिफिकेट और व आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूर लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार की ओर से अपनी सीमा पर नाके व चेकिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे और सिर्फ उन्हीं को प्रदेश की सीमा में जाने की आज्ञा होगी, जिनके पास उक्त रिपोर्ट हो।
इस संबंध में डीसी ऊना (हिमाचल प्रदेश) राघव शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड-19 संबंधी स्वास्थ्य निर्देशों का पालन बहुत जरूरी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने होशियारपुर के रास्ते से हिमाचल आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड-19 टीकाकरण के दोनों डोज की रिपोर्ट या 72 घंटे पहले करवाए गए आरटीपीसीआर रिपोर्ट साथ लाने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि जिला ऊना की सीमाओं पर ही कोविड -19 के स्वास्थ्य प्रोटोकाल को सुनिश्चित बनाया जाएगा और चेकिंग पोस्ट पर ही पीने के पानी, चिकित्सा सुविधा, छाया व बैठने के स्थान जैसी बुनियादी सुविधाएं यकीनी बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की ओर से गलत दस्तावेज दिखाने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, इसके अलावा कोविड-19 निर्देशों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी देते हुए डीसी अपनीत रियात ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जो आदेश जारी किए गए उनका पूरा पालन किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को हिमाचल प्रदेश की सीमा में किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि होशियारपुर के रास्ते के माध्यम से पंजाब व अन्य राज्यों के बहुत श्रद्धालु माता चिंतपूर्णी व अन्य धार्मिक स्थानों पर उक्त दिनों दर्शनों के लिए जाते हैं। इसलिए वे दर्शनों के लिए जाने से पहले कोविड टीकाकरण का दोनों डोज का सर्टिफिकेट और व आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूर लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार की ओर से अपनी सीमा पर नाके व चेकिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे और सिर्फ उन्हीं को प्रदेश की सीमा में जाने की आज्ञा होगी, जिनके पास उक्त रिपोर्ट हो।
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इस संबंध में डीसी ऊना (हिमाचल प्रदेश) राघव शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड-19 संबंधी स्वास्थ्य निर्देशों का पालन बहुत जरूरी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने होशियारपुर के रास्ते से हिमाचल आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड-19 टीकाकरण के दोनों डोज की रिपोर्ट या 72 घंटे पहले करवाए गए आरटीपीसीआर रिपोर्ट साथ लाने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि जिला ऊना की सीमाओं पर ही कोविड -19 के स्वास्थ्य प्रोटोकाल को सुनिश्चित बनाया जाएगा और चेकिंग पोस्ट पर ही पीने के पानी, चिकित्सा सुविधा, छाया व बैठने के स्थान जैसी बुनियादी सुविधाएं यकीनी बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की ओर से गलत दस्तावेज दिखाने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, इसके अलावा कोविड-19 निर्देशों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।