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सात दिनों में आरोपियों को काबू करने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Sat, 20 Jun 2015 10:21 PM IST
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कुछ दिन पहले खुदकुशी करने वाले निशान सिंह के मामले में शनिवार को
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका शनिवार
को सर्किट हाउस पहुंचे।
उन्होंने पावरकॉम के उच्चाधिकारियों और पीड़ित परिवार से बातचीत की। साथ ही उन्होंने सात दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए हैं। डॉ. वेरका ने कहा कि अगर आरोपी सात दिन में गिरफ्तार नहीं होते आयोग उन मुलाजिमों को सस्पेंड कर देगा जो केस में कोताही बरत रहे हैं।
आयोग के डॉ. वेरका ने शनिवार को जालंधर के डीसीपी राजिंदर सिंह, पावरकॉम के डिप्टी चीफ इंजीनियर गोपाल शर्मा और एडिशनल एसई जंग बीर सिंह से पूरा ब्योरा लेकर उनका पक्ष सुना। आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार वेरका ने इस मामले में आरोपियों को सात दिन के अंदर काबू करने और दलित अत्याचार एससी एसटी एक्ट लगाने के पुलिस को निर्देश दिए।
आत्महत्या करने वाले निशान सिंह की पत्नी सीमा अपने परिवार समेत डॉ. वेरका से मिली। डॉ. वेरका ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर यह मामला बिजली विभाग की अनदेखी का नहीं है। क्योंकि बिजली विभाग ने सूचना मिलने के बाद मीटर उतारकर जांच के लिए भेजा और कुछ भी गलत न मिलने पर वापस लगा दिया था। मीटर लगने के बाद आरोपी प्रदीप खुल्लर, राकेश कुमार और कस्तूरी लाल ने मिलकर निशान सिंह को प्रताड़ित किया। यह मामला पैसे की मांग करने का है।
उन्होंने पावरकॉम के उच्चाधिकारियों और पीड़ित परिवार से बातचीत की। साथ ही उन्होंने सात दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए हैं। डॉ. वेरका ने कहा कि अगर आरोपी सात दिन में गिरफ्तार नहीं होते आयोग उन मुलाजिमों को सस्पेंड कर देगा जो केस में कोताही बरत रहे हैं।
आयोग के डॉ. वेरका ने शनिवार को जालंधर के डीसीपी राजिंदर सिंह, पावरकॉम के डिप्टी चीफ इंजीनियर गोपाल शर्मा और एडिशनल एसई जंग बीर सिंह से पूरा ब्योरा लेकर उनका पक्ष सुना। आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार वेरका ने इस मामले में आरोपियों को सात दिन के अंदर काबू करने और दलित अत्याचार एससी एसटी एक्ट लगाने के पुलिस को निर्देश दिए।
आत्महत्या करने वाले निशान सिंह की पत्नी सीमा अपने परिवार समेत डॉ. वेरका से मिली। डॉ. वेरका ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर यह मामला बिजली विभाग की अनदेखी का नहीं है। क्योंकि बिजली विभाग ने सूचना मिलने के बाद मीटर उतारकर जांच के लिए भेजा और कुछ भी गलत न मिलने पर वापस लगा दिया था। मीटर लगने के बाद आरोपी प्रदीप खुल्लर, राकेश कुमार और कस्तूरी लाल ने मिलकर निशान सिंह को प्रताड़ित किया। यह मामला पैसे की मांग करने का है।