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जिंदा ही फेंका गया था एनआरआई को
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Sat, 06 Jun 2015 10:14 PM IST
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एनआरआई रणजीत सिंह का शव यूके वापस ले जाया जा रहा है। इसके लिए ब्रिटिश
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हाई कमीशन ने सारी प्रक्रिया पूरी कर ली है। शनिवार को आई पोस्टमार्टम की
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि एनआरआई रणजीत
सिंह के फेफड़ों व पेट में घास के टुकड़े पाए गए हैं। इससे इस बात की
संभावना है कि उसकी मौत गला दबाने से नहीं हुई थी। पानी में जाने के बाद
मौत हुई।
शव को दिल्ली मंगवा लिया है। एनआरआई रणजीत पोवार के बेटे ज्ञान पोवार व ऐमा पोवार की ओर से भेजी गई ई-मेल के बाद मामले में नया मोड़ आने की संभावना है। दोनों ने ब्रिटिश हाई कमीशन को ई-मेल कर आग्रह किया है कि उनके पिता के शव को किसी को न दिया जाए। ऐसी बातें आ रही थी कि एनआरआई रणजीत सिंह पोवार का शव लेने के लिए उसकी होटल में पार्टनर व लिव एंड रिलेशनशिप में रहने वाली महिला अंजला बीर भारत आ रही हैं। इसकी ई-मेल स्थानीय पुलिस कमिश्नर यूरिंदर सिंह हेयर को भी भेजी गई हैं। इसमें यह कहा है कि इस मामले में जांच के बाद रणजीत सिंह के शव को किसी के हवाले न किया जाए।
परिवार की ओर से यूके से कोई भी सदस्य रणजीत सिंह का शव लेने नहीं आया। ब्रिटिश हाईकमीशन ने मुंबई की एंबुलेंस कंपनी जॉन पीटर को अधिकृत किया कि वह शव को जालंधर के सेक्रेड हार्ट अस्पताल से लेकर नई दिल्ली आ जाएं। नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश हाई कमीशन इसको आगे यूके तक पहुंचाने का बंदोबस्त करेगा। पारिवारिक मित्र दर्शन सिंह यूके से परिजनों को लेने के लिए गए थे, लेकिन उनके साथ कोई नहीं आया। वह खुद अकेले ही वापस जालंधर आए। शव को जॉन पीटर कंपनी के हवाले करवाकर सेक्रेड हार्ट अस्पताल से चले गए।
सेक्रेड हार्ट अस्पताल की ओर से पहले शव देने से इंकार कर दिया गया। कहा गया कि इसके लिए ब्रिटिश दूतावास ने ई-मेल कर रखी है कि शव को उनकी मर्जी के बिना किसी के हवाले न किया जाए। इसके बाद यूके से ज्ञान पोवार ने ब्रिटिश हाईकमीशन के माध्यम से सेक्रेड अस्पताल से बात कर शव को रिलीज करवाया। सेक्रेड हार्ट अस्पताल की प्रबंधक सिस्टर ग्रेसी का कहना है कि उनको ब्रिटिश हाईकमीशन ने रोक रखा था, ऐसी आशंका थी कि शव को कोई अन्य ले जा सकता है। दर्शन सिंह ने कहा कि इस मामले में उन्होंने कमिश्नर ऑफ पुलिस यूरिंदर सिंह हेयर से आग्रह किया है कि होटल की पार्टनर अंजला बीर की भूमिका की जांच की जाए, लेकिन वह इस बात से आहत हैं कि जितनी भी अधिकारिक ई-मेल आ जा रही हैं, उसकी जानकारी अंजला बीर को यूके में मिल रही है। दर्शन सिंह ने बताया कि फिलहाल यूके में भी पोवार परिवार ने अंजला बीर से दूरी बना रखी है। इस मामले में काफी कुछ रहस्यमयी है, जिससे पर्दा उठना बाकी है।
भाई भी नहीं आया यूके से
यूके से रणजीत पोवार के भाई अमरीक पोवार के आने की बात की जा रही थी। पुलिस अधिकारियों का पूरा जोर लगा था, ताकि जालंधर में ही डीएनए टेस्ट करवाकर फाइल पूरी कर ली जाए। वहीं ज्ञान पोवार व ऐमा पोवार ने आने से साफ मना कर दिया और भाई ज्ञान पोवार के आने की बात चल रही थी। वह भी आनाकानी कर रहे थे। परिवारिक मित्र दर्शन सिंह अमरीक पोवार को लेने के लिए यूके गए, लेकिन वह साथ नहीं आए।
शव को दिल्ली मंगवा लिया है। एनआरआई रणजीत पोवार के बेटे ज्ञान पोवार व ऐमा पोवार की ओर से भेजी गई ई-मेल के बाद मामले में नया मोड़ आने की संभावना है। दोनों ने ब्रिटिश हाई कमीशन को ई-मेल कर आग्रह किया है कि उनके पिता के शव को किसी को न दिया जाए। ऐसी बातें आ रही थी कि एनआरआई रणजीत सिंह पोवार का शव लेने के लिए उसकी होटल में पार्टनर व लिव एंड रिलेशनशिप में रहने वाली महिला अंजला बीर भारत आ रही हैं। इसकी ई-मेल स्थानीय पुलिस कमिश्नर यूरिंदर सिंह हेयर को भी भेजी गई हैं। इसमें यह कहा है कि इस मामले में जांच के बाद रणजीत सिंह के शव को किसी के हवाले न किया जाए।
परिवार की ओर से यूके से कोई भी सदस्य रणजीत सिंह का शव लेने नहीं आया। ब्रिटिश हाईकमीशन ने मुंबई की एंबुलेंस कंपनी जॉन पीटर को अधिकृत किया कि वह शव को जालंधर के सेक्रेड हार्ट अस्पताल से लेकर नई दिल्ली आ जाएं। नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश हाई कमीशन इसको आगे यूके तक पहुंचाने का बंदोबस्त करेगा। पारिवारिक मित्र दर्शन सिंह यूके से परिजनों को लेने के लिए गए थे, लेकिन उनके साथ कोई नहीं आया। वह खुद अकेले ही वापस जालंधर आए। शव को जॉन पीटर कंपनी के हवाले करवाकर सेक्रेड हार्ट अस्पताल से चले गए।
सेक्रेड हार्ट अस्पताल की ओर से पहले शव देने से इंकार कर दिया गया। कहा गया कि इसके लिए ब्रिटिश दूतावास ने ई-मेल कर रखी है कि शव को उनकी मर्जी के बिना किसी के हवाले न किया जाए। इसके बाद यूके से ज्ञान पोवार ने ब्रिटिश हाईकमीशन के माध्यम से सेक्रेड अस्पताल से बात कर शव को रिलीज करवाया। सेक्रेड हार्ट अस्पताल की प्रबंधक सिस्टर ग्रेसी का कहना है कि उनको ब्रिटिश हाईकमीशन ने रोक रखा था, ऐसी आशंका थी कि शव को कोई अन्य ले जा सकता है। दर्शन सिंह ने कहा कि इस मामले में उन्होंने कमिश्नर ऑफ पुलिस यूरिंदर सिंह हेयर से आग्रह किया है कि होटल की पार्टनर अंजला बीर की भूमिका की जांच की जाए, लेकिन वह इस बात से आहत हैं कि जितनी भी अधिकारिक ई-मेल आ जा रही हैं, उसकी जानकारी अंजला बीर को यूके में मिल रही है। दर्शन सिंह ने बताया कि फिलहाल यूके में भी पोवार परिवार ने अंजला बीर से दूरी बना रखी है। इस मामले में काफी कुछ रहस्यमयी है, जिससे पर्दा उठना बाकी है।
भाई भी नहीं आया यूके से
यूके से रणजीत पोवार के भाई अमरीक पोवार के आने की बात की जा रही थी। पुलिस अधिकारियों का पूरा जोर लगा था, ताकि जालंधर में ही डीएनए टेस्ट करवाकर फाइल पूरी कर ली जाए। वहीं ज्ञान पोवार व ऐमा पोवार ने आने से साफ मना कर दिया और भाई ज्ञान पोवार के आने की बात चल रही थी। वह भी आनाकानी कर रहे थे। परिवारिक मित्र दर्शन सिंह अमरीक पोवार को लेने के लिए यूके गए, लेकिन वह साथ नहीं आए।