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मनप्रीत की हत्या का मुख्य आरोपी बलराज नोयडा से काबू
ब्यूरो,अमर उजाला/जालंधर
Updated Tue, 31 May 2016 10:11 PM IST
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गिरफ्तार
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गुरु नानकपुरा में कुछ दिन पहले हुई खालसा कॉलेज के छात्र मनप्रीत की हत्या के मुख्य आरोपी राजू औलख समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस कमिश्नर का दावा है कि हत्या कॉलेज की प्रधानगी को लेकर ही हुई थी। आरोपियों की पहचान राजू औलख, मनिंदर, भरत और करण कलसी के रूप में हुई है। पुलिस कमिश्नर अर्पित शुक्ला ने मंगलवार देर शाम प्रेसवार्ता में बताया कि हरसिमरनजीत सिंह बठिंडा पहले कॉलेज का उप-प्रधान था। बठिंडा और मनप्रीत के बीच गहरी दोस्ती थी। मनप्रीत बठिंडा का कट्टर समर्थक था। वहीं राजू औलख इस बार कॉलेज का प्रधान बनना चाहता था। इसको लेकर राजू औलख और बठिंडा में रंजिश चल रही थी। दोनों तरफ से एक दूसरे गुट को देख लेने की धमकियां दी जा रही थीं।
कमिश्नर शुक्ला के मुताबिक घटना वाले दिन दोनों गुटों ने एक दूसरे से टकराने के लिए गुरु नानकपुरा का टाइम रखा था और दोनों गुट वहां हथियारों से लैस होकर पहुंचे थे। वहां जब राजू औलख ने अटैक किया तो मौके से बठिंडा व अन्य भाग गए। राजू के साथ काफी लड़के थे और इनके पास धारदार हथियार भी थे। वहां मनप्रीत व उसका एक दोस्त मुनीश ही बचा। राजू औलख व उसके साथियों ने मनप्रीत को धारदार हथियारों से इतना मारा कि वह मौके पर मर गया।
उन्होंने कहा कि केस में चार और आरोपी फरार है जिनकी तलाश की जा रही है। एटीएम से मिली डिटेल के बाद पता चला है कि राजू औलख शिमला में है। पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि राजू शिमला से नोयडा चला गया है जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस कमिश्नर का दावा है कि हत्या कॉलेज की प्रधानगी को लेकर ही हुई थी। आरोपियों की पहचान राजू औलख, मनिंदर, भरत और करण कलसी के रूप में हुई है। पुलिस कमिश्नर अर्पित शुक्ला ने मंगलवार देर शाम प्रेसवार्ता में बताया कि हरसिमरनजीत सिंह बठिंडा पहले कॉलेज का उप-प्रधान था। बठिंडा और मनप्रीत के बीच गहरी दोस्ती थी। मनप्रीत बठिंडा का कट्टर समर्थक था। वहीं राजू औलख इस बार कॉलेज का प्रधान बनना चाहता था। इसको लेकर राजू औलख और बठिंडा में रंजिश चल रही थी। दोनों तरफ से एक दूसरे गुट को देख लेने की धमकियां दी जा रही थीं।
कमिश्नर शुक्ला के मुताबिक घटना वाले दिन दोनों गुटों ने एक दूसरे से टकराने के लिए गुरु नानकपुरा का टाइम रखा था और दोनों गुट वहां हथियारों से लैस होकर पहुंचे थे। वहां जब राजू औलख ने अटैक किया तो मौके से बठिंडा व अन्य भाग गए। राजू के साथ काफी लड़के थे और इनके पास धारदार हथियार भी थे। वहां मनप्रीत व उसका एक दोस्त मुनीश ही बचा। राजू औलख व उसके साथियों ने मनप्रीत को धारदार हथियारों से इतना मारा कि वह मौके पर मर गया।
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उन्होंने कहा कि केस में चार और आरोपी फरार है जिनकी तलाश की जा रही है। एटीएम से मिली डिटेल के बाद पता चला है कि राजू औलख शिमला में है। पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि राजू शिमला से नोयडा चला गया है जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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