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सिविल अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत, भड़के परिजनों ने किया हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, मलोट (मुक्तसर)
Updated Wed, 01 Jun 2016 07:00 PM IST
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हंगामा
- फोटो : demo
मलोट के सिविल अस्पताल में बुधवार को प्रसव के लिए लाई गई एक गर्भवती महिला की मौत हो जाने पर भड़के परिजनों ने हंगामा कर दिया। मृतक महिला के परिजन डॉक्टर की लापरवाही से मौत का आरोप लगा रहे थे। भड़के परिजनों एवं रिश्तेदारों की ओर से सिविल अस्पताल में हंगामा करने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
सराभा नगर, गली नंबर 4 निवासी अनिल कुमार ने बताया कि वह बुधवार सुबह करीब सात बजे अपनी गर्भवती पत्नी आरती (25) को पेट में दर्द होने पर अस्पताल लेकर पहुंचा था। नौै बजे एक महिला डॉक्टर ने पहुंचकर इलाज शुरू किया। कुछ समय के बाद डॉक्टर ने उनसे आरती का अल्ट्रासाउंड कराकर लाने को कहा। वह उसे अल्ट्रासाउंड के लिए एक निजी अस्पताल में लेकर गए, लेकिन वहां पर उन्हें बताया गया कि आरती की मौत हो चुकी है।
अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि महिला डॉक्टर की ओर से इलाज में देरी किए जाने से ही आरती की मौत हुई है। अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी की अस्पताल में ही मौत हो गई थी, इसके बावजूद उन्हें धोखे में रखकर अल्ट्रासाउंड करवाकर लाने के लिए बाहर भेज दिया गया। देर शाम तक मृतक महिला का शव सिविल अस्पताल में ही रखा हुआ था। पूर्व पार्षद शुभदीप सिंह ने कहा कि वे पोस्टमार्टम के बाद ही शव लेकर जाएंगे।
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महिला डॉक्टर ने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि वह आठ बजे अस्पताल पहुंचे थे। दस मिनट बाद ही उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए भेज दिया गया था। बच्चे के दिल की धड़कन सुनाई नहीं दे रही थी। इसके बाद वह उसे एक बजे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे हैैं, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। एसएमओ डॉ. संदीप गल्होत्रा ने कहा कि कहीं भी लापरवाही नहीं रही है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करने वाला छुट्टी पर होने के कारण ही उन्हें बाहर भेजा गया था। करीब सवा आठ बजे उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया। मामले की जांच कर रहे एएसआई महिंदर सिंह ने बताया कि अभी बयान दर्ज किए जा रहे हैैं। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सराभा नगर, गली नंबर 4 निवासी अनिल कुमार ने बताया कि वह बुधवार सुबह करीब सात बजे अपनी गर्भवती पत्नी आरती (25) को पेट में दर्द होने पर अस्पताल लेकर पहुंचा था। नौै बजे एक महिला डॉक्टर ने पहुंचकर इलाज शुरू किया। कुछ समय के बाद डॉक्टर ने उनसे आरती का अल्ट्रासाउंड कराकर लाने को कहा। वह उसे अल्ट्रासाउंड के लिए एक निजी अस्पताल में लेकर गए, लेकिन वहां पर उन्हें बताया गया कि आरती की मौत हो चुकी है।
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अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि महिला डॉक्टर की ओर से इलाज में देरी किए जाने से ही आरती की मौत हुई है। अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी की अस्पताल में ही मौत हो गई थी, इसके बावजूद उन्हें धोखे में रखकर अल्ट्रासाउंड करवाकर लाने के लिए बाहर भेज दिया गया। देर शाम तक मृतक महिला का शव सिविल अस्पताल में ही रखा हुआ था। पूर्व पार्षद शुभदीप सिंह ने कहा कि वे पोस्टमार्टम के बाद ही शव लेकर जाएंगे।
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महिला डॉक्टर ने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि वह आठ बजे अस्पताल पहुंचे थे। दस मिनट बाद ही उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए भेज दिया गया था। बच्चे के दिल की धड़कन सुनाई नहीं दे रही थी। इसके बाद वह उसे एक बजे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे हैैं, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। एसएमओ डॉ. संदीप गल्होत्रा ने कहा कि कहीं भी लापरवाही नहीं रही है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करने वाला छुट्टी पर होने के कारण ही उन्हें बाहर भेजा गया था। करीब सवा आठ बजे उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया। मामले की जांच कर रहे एएसआई महिंदर सिंह ने बताया कि अभी बयान दर्ज किए जा रहे हैैं। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।