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फर्जी ड्राफ्ट से डेढ़ करोड़ की ठगी की कोशिश नाकाम
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:32 PM IST
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फर्जी ड्राफ्ट से डेढ़ करोड़ की ठगी की कोशिश
थाना सिटी में दो लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
डेढ़ करोड़ रुपये के फर्जी ड्राफ्ट को बैंक खाते में जमा करवाने की कोशिश को बैंक कर्मचारियों की मुस्तैदी ने नाकाम कर दिया। कर्मचारी की इस मुस्तैदी से बैंक ऑफ इंडिया इतनी बड़ी रकम की ठगी का शिकार होने से बच गया। हालांकि यह मामला चार साल पुराना हैं और अब जाकर थाना सिटी की पुलिस ने दो लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
बैंक ऑफ इंडिया के सहायक मैनेजर सतीश कुमार कक्कड़ ने थाना सिटी की पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बैंक की शाखा में तेजिंदर सिंह पुत्र प्यारा सिंह निवासी कुतबेवाल और डेनियल पुत्र मुख्तयार निवासी अलौदीपुर का खाता हैं। 31 मई 2014 को दोनों एक डेढ़ करोड़ रुपये का ड्राफ्ट अपने बैंक खाते में जमा करवाने के लिए शाखा में आए हैं। जब उन्होंने ड्राफ्ट खाते में जमा करवाने के लिए बैंक कर्मी को दिया तो उन्हें उस ड्राफ्ट पर कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने जांच पड़ताल शुरू की। जांच में वह ड्राफ्ट फर्जी पाया गया। इस पर उन्होंने थाना सिटी की पुलिस को सूचित किया और फर्जी ड्राफ्ट से डेढ़ करोड़ रुपसे की धोखाधड़ी करने की कोशिश की शिकायत दी।
जांच अधिकारी एएसआई केवल सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करके गिरफ्तारी के लिए छापामारी शुरू कर दी है। हैरानी वाली बात तो यह है कि आखिर थाना सिटी की पुलिस 2014 से इस मामले में क्या जांच करती रही। करीब चार साल के बाद धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।
थाना सिटी में दो लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
डेढ़ करोड़ रुपये के फर्जी ड्राफ्ट को बैंक खाते में जमा करवाने की कोशिश को बैंक कर्मचारियों की मुस्तैदी ने नाकाम कर दिया। कर्मचारी की इस मुस्तैदी से बैंक ऑफ इंडिया इतनी बड़ी रकम की ठगी का शिकार होने से बच गया। हालांकि यह मामला चार साल पुराना हैं और अब जाकर थाना सिटी की पुलिस ने दो लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
बैंक ऑफ इंडिया के सहायक मैनेजर सतीश कुमार कक्कड़ ने थाना सिटी की पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बैंक की शाखा में तेजिंदर सिंह पुत्र प्यारा सिंह निवासी कुतबेवाल और डेनियल पुत्र मुख्तयार निवासी अलौदीपुर का खाता हैं। 31 मई 2014 को दोनों एक डेढ़ करोड़ रुपये का ड्राफ्ट अपने बैंक खाते में जमा करवाने के लिए शाखा में आए हैं। जब उन्होंने ड्राफ्ट खाते में जमा करवाने के लिए बैंक कर्मी को दिया तो उन्हें उस ड्राफ्ट पर कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने जांच पड़ताल शुरू की। जांच में वह ड्राफ्ट फर्जी पाया गया। इस पर उन्होंने थाना सिटी की पुलिस को सूचित किया और फर्जी ड्राफ्ट से डेढ़ करोड़ रुपसे की धोखाधड़ी करने की कोशिश की शिकायत दी।
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जांच अधिकारी एएसआई केवल सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करके गिरफ्तारी के लिए छापामारी शुरू कर दी है। हैरानी वाली बात तो यह है कि आखिर थाना सिटी की पुलिस 2014 से इस मामले में क्या जांच करती रही। करीब चार साल के बाद धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।
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