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अब हरियाणा पुलिस करेगी भ्रूण जांच मामले की जांच
Updated Wed, 12 Sep 2018 10:30 PM IST
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रोहतक, अंबाला
अब हरियाणा पुलिस करेगी भ्रूण जांच मामले की जांच
भोगपुर के प्राइवेट अस्पताल में भ्रूण जांच का मामला, भोगपुर का बाघा अस्पताल सील
जांच टीम के आरोपों के बाद जालंधर सिविल सर्जन कार्यालय आया सवालों के घेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। एक प्राइवेट अस्पताल की ओर से एक प्रेग्नेंट महिला को उसके पेट में कन्या भ्रूण के बारे में बताने का मामला अब हरियाणा पुलिस के पास चला गया है। मामले में अंबाला की जांच टीम ने बलदेव नगर थाने में महिला दलाल हरजीत कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अंबाला पुलिस इस दलाल महिला के जरिये ही डाक्टर व बाकी दलालों पर शिकंजा कस, इनके खिलाफ केस दर्ज करेगी। फिलहाल भोगपुर के बाघा अस्पताल को सील कर दिया गया है और अस्पताल के डॉक्टर हरजीत सिंह कंग पर शिकंजा कसने की कोशिश जारी है। हालांकि बाघा अस्पताल के डाक्टर हरजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने भ्रूण लिंग जांच नहीं की है।
अंबाला सिविल सर्जन आफिस के ट्रैप में फंसी दलाल
दरअसल मंगलवार को शाम अंबाला के सिविल सर्जन आफिस को जानकारी मिली थी कि अस्पताल में लिंग जांच कार्य रुपये लेकर होता है। सिविल सर्जन आफिस ने मामले से जुड़े लोगों को बेनकाब करने के लिए ट्रैप लगाया, जिसमें भोगपुर के बाघा अस्पताल के डाक्टर व दलाल फंस गए। इस ट्रैप के तहत अंबाला सिविल सर्जन दफ्तर की टीम ने एक गर्भवती महिला को दलाल के पास भेजा। वह दलाल महिला को भोगपुर के बाघा अस्पताल में ले आई, जहां अंबाला की सिविल सर्जन टीम ने डाक्टर को भ्रूण की जानकारी देने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ लिया।
अंबाला टीम ने लगाए सिविल सर्जन पर लापरवाही के आरोप
बाघा अस्पताल के मामले में अंबाला पुलिस ने जालंधर सिविल सर्जन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। टीम का कहना है कि मामले के बारे में सिविल सर्जन को सूचना देने के बाद भी ढाई घंटे बाद टीम भेजी गई, तब तक डाक्टर फरार हो चुका था। सिविल सर्जन आफिस की लापरवाही पर हरियाणा से आई टीम ने नाराजगी जताई थी।
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दलाल ने डा. पुरी को दिए 10 हजार व डा. कंग को मिले 2 हजार रुपये
इस मामले में अंबाला की दलाल हरजीत कौर ने माना था कि उसने दसूहा की बीएएमएस डा. निरोत्तमा पुरी को 10 हजार रुपये दिए थे। परतें खुलती देखकर डा. निरोत्तमा पुरी ने भी गुनाह कबूल करने में देरी नहीं लगाई। उन्होंने माना कि 10 हजार रुपयों में से 2 हजार डॉ. कंग को दिए थे व बाकी के 8 हजार रुपये उसके पर्स में हैं।
सिविल सर्जन आफिस भी सवालों के घेरे में
इस मामले में जालंधर का सिविल सर्जन आफिस भी सवालों के घेरे में आ गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि डिप्टी सिविल सर्जन अंबाला डॉ. संजीव सिंगला ने सिविल सर्जन आफिस पर आरोप लगाए हैं कि डॉ. हरप्रीत सिंह कंग के खिलाफ पुख्ता सबूत होने के बाद हमने सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत को कॉल कर टीम भेजने को कहा था। उन्होंने टीम भेजने में देर कर दी। सिविल सर्जन दफ्तर ने सहयोग नहीं किया व न ही एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को शिकायत दी।
24 घंटे बाद जाकर करेंगे जांच: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत ने बताया कि वह पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि डा. कंग लिंग निर्धारण टेस्ट कर रहे थे। सेंटर सील कर दिया है व 24 घंटे बाद फिर वहां जाकर जांच करेंगे। अंबाला की टीम को सहयोग न करने के सवाल पर वह बोलीं, ऐसा नहीं है, उन्होंने पूरा सहयोग किया है। मामले में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. गुरमीत कौर दुग्गल का कहना है कि इस मामले में उन्होंने जब डॉ. कंग को फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। बाद में उन्होंने बताया था कि वह जरूरी काम से कहीं गए हैं। आ नहीं सकते।
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अब हरियाणा पुलिस करेगी भ्रूण जांच मामले की जांच
भोगपुर के प्राइवेट अस्पताल में भ्रूण जांच का मामला, भोगपुर का बाघा अस्पताल सील
जांच टीम के आरोपों के बाद जालंधर सिविल सर्जन कार्यालय आया सवालों के घेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। एक प्राइवेट अस्पताल की ओर से एक प्रेग्नेंट महिला को उसके पेट में कन्या भ्रूण के बारे में बताने का मामला अब हरियाणा पुलिस के पास चला गया है। मामले में अंबाला की जांच टीम ने बलदेव नगर थाने में महिला दलाल हरजीत कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अंबाला पुलिस इस दलाल महिला के जरिये ही डाक्टर व बाकी दलालों पर शिकंजा कस, इनके खिलाफ केस दर्ज करेगी। फिलहाल भोगपुर के बाघा अस्पताल को सील कर दिया गया है और अस्पताल के डॉक्टर हरजीत सिंह कंग पर शिकंजा कसने की कोशिश जारी है। हालांकि बाघा अस्पताल के डाक्टर हरजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने भ्रूण लिंग जांच नहीं की है।
अंबाला सिविल सर्जन आफिस के ट्रैप में फंसी दलाल
दरअसल मंगलवार को शाम अंबाला के सिविल सर्जन आफिस को जानकारी मिली थी कि अस्पताल में लिंग जांच कार्य रुपये लेकर होता है। सिविल सर्जन आफिस ने मामले से जुड़े लोगों को बेनकाब करने के लिए ट्रैप लगाया, जिसमें भोगपुर के बाघा अस्पताल के डाक्टर व दलाल फंस गए। इस ट्रैप के तहत अंबाला सिविल सर्जन दफ्तर की टीम ने एक गर्भवती महिला को दलाल के पास भेजा। वह दलाल महिला को भोगपुर के बाघा अस्पताल में ले आई, जहां अंबाला की सिविल सर्जन टीम ने डाक्टर को भ्रूण की जानकारी देने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ लिया।
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अंबाला टीम ने लगाए सिविल सर्जन पर लापरवाही के आरोप
बाघा अस्पताल के मामले में अंबाला पुलिस ने जालंधर सिविल सर्जन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। टीम का कहना है कि मामले के बारे में सिविल सर्जन को सूचना देने के बाद भी ढाई घंटे बाद टीम भेजी गई, तब तक डाक्टर फरार हो चुका था। सिविल सर्जन आफिस की लापरवाही पर हरियाणा से आई टीम ने नाराजगी जताई थी।
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दलाल ने डा. पुरी को दिए 10 हजार व डा. कंग को मिले 2 हजार रुपये
इस मामले में अंबाला की दलाल हरजीत कौर ने माना था कि उसने दसूहा की बीएएमएस डा. निरोत्तमा पुरी को 10 हजार रुपये दिए थे। परतें खुलती देखकर डा. निरोत्तमा पुरी ने भी गुनाह कबूल करने में देरी नहीं लगाई। उन्होंने माना कि 10 हजार रुपयों में से 2 हजार डॉ. कंग को दिए थे व बाकी के 8 हजार रुपये उसके पर्स में हैं।
सिविल सर्जन आफिस भी सवालों के घेरे में
इस मामले में जालंधर का सिविल सर्जन आफिस भी सवालों के घेरे में आ गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि डिप्टी सिविल सर्जन अंबाला डॉ. संजीव सिंगला ने सिविल सर्जन आफिस पर आरोप लगाए हैं कि डॉ. हरप्रीत सिंह कंग के खिलाफ पुख्ता सबूत होने के बाद हमने सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत को कॉल कर टीम भेजने को कहा था। उन्होंने टीम भेजने में देर कर दी। सिविल सर्जन दफ्तर ने सहयोग नहीं किया व न ही एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को शिकायत दी।
24 घंटे बाद जाकर करेंगे जांच: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत ने बताया कि वह पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि डा. कंग लिंग निर्धारण टेस्ट कर रहे थे। सेंटर सील कर दिया है व 24 घंटे बाद फिर वहां जाकर जांच करेंगे। अंबाला की टीम को सहयोग न करने के सवाल पर वह बोलीं, ऐसा नहीं है, उन्होंने पूरा सहयोग किया है। मामले में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. गुरमीत कौर दुग्गल का कहना है कि इस मामले में उन्होंने जब डॉ. कंग को फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। बाद में उन्होंने बताया था कि वह जरूरी काम से कहीं गए हैं। आ नहीं सकते।