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ठेकेदारों ने ही रचा था लूट का ड्रामा (रिपीट)
Updated Tue, 23 Jan 2018 06:41 PM IST
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ठेकेदारों ने ही रचा था लूट का ड्रामा
पुलिस पूछताछ में चार लाख 80 हजार की लूट की घटना झूठी बताई
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
गांव बादल स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा से 16 जनवरी को 4 लाख 80 हजार रुपये निकलवाने वाले दोनों ठेकेदारों ने ही लूट का ड्रामा रचा था। पुलिस के छानबीन के दौरान सख्ती करने पर ठेकेदार ने लूट की कहानी गढ़ने की बात कबूल ली है। यह दावा सोमवार को एसएसपी सुशील कुमार ने किया।
एसएसपी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि गत 16 जनवरी को गुरतेज सिंह निवासी फरीदकोट कोटली (बठिंडा) व उसके साथी कुलदीप सिंह उर्फ रमन ने बैंक से 4 लाख 80 हजार रुपये निकलवाए थे। दोनों खुद ठेकेदारी करते हैं। यह पैसे उन्हें मिस्त्री को देने थे। उस दिन रुपये निकालने के बाद उन्होंने मिस्त्री को फोन कर दिया कि वह उसे उसका मेहनताना देने आ रहे हैं। दोनोें की नीयत में खोट आ गया था। वह मिस्त्री को रुपये नहीं देना चाहते थे। लालच वश दोनों ने मंडी किल्लियांवाली के पास पांच लोगों की ओर से हमलाकर उन्हें घायल करने के बाद रुपये लूट ले जाने की साजिश रची और पुलिस को लूट की सूचना दे दी। पुलिस को जांच के दौरान दोनों पर संदेह हुआ। सख्ती से की गई पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल लिया। एसएसपी ने बताया कि दोनों को काबू करने के साथ ही उनसे पूरी राशि भी बरामद कर ली गई है।
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पुलिस पूछताछ में चार लाख 80 हजार की लूट की घटना झूठी बताई
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
गांव बादल स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा से 16 जनवरी को 4 लाख 80 हजार रुपये निकलवाने वाले दोनों ठेकेदारों ने ही लूट का ड्रामा रचा था। पुलिस के छानबीन के दौरान सख्ती करने पर ठेकेदार ने लूट की कहानी गढ़ने की बात कबूल ली है। यह दावा सोमवार को एसएसपी सुशील कुमार ने किया।
एसएसपी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि गत 16 जनवरी को गुरतेज सिंह निवासी फरीदकोट कोटली (बठिंडा) व उसके साथी कुलदीप सिंह उर्फ रमन ने बैंक से 4 लाख 80 हजार रुपये निकलवाए थे। दोनों खुद ठेकेदारी करते हैं। यह पैसे उन्हें मिस्त्री को देने थे। उस दिन रुपये निकालने के बाद उन्होंने मिस्त्री को फोन कर दिया कि वह उसे उसका मेहनताना देने आ रहे हैं। दोनोें की नीयत में खोट आ गया था। वह मिस्त्री को रुपये नहीं देना चाहते थे। लालच वश दोनों ने मंडी किल्लियांवाली के पास पांच लोगों की ओर से हमलाकर उन्हें घायल करने के बाद रुपये लूट ले जाने की साजिश रची और पुलिस को लूट की सूचना दे दी। पुलिस को जांच के दौरान दोनों पर संदेह हुआ। सख्ती से की गई पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल लिया। एसएसपी ने बताया कि दोनों को काबू करने के साथ ही उनसे पूरी राशि भी बरामद कर ली गई है।
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