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पटवारी सुखजिंदर को नौकरी से किया बर्खास्त
Updated Wed, 20 Dec 2017 10:13 PM IST
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हेरोफेरी, रिश्वत लेने, ड्यूटी में कोताही पर पटवारी बर्खास्त
जमीन का पैसा भी नहीं कराया सरकारी खजाने में जमा
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
सरकारी रिकॉर्ड में हेरोफेरी, रिश्वत, ड्यूटी में कोताही व पद का दुरुपयोग करने के आरोप में पटवारी सुखजिंदर सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। यह जानकारी डिप्टी कमिश्नर रामवीर ने दी।
डीसी ने बताया कि पटवारी सुखजिंदर सिंह सर्कल मूंडी छूरी मारा जीरा स्थित निजामद्दीन वाला में पटवारी था, उस समय दर्शन सिंह पुत्र शिंगारा सिंह वासी गांव निजामद्दीन वाला ने इसके खिलाफ 23 अगस्त 2013 में शिकायत की थी कि पटवारी ने निजामद्दीन वाला की सेंट्रल सरकार की मालकी जमीन 74 कनाल नौ मरले का जाली इंतकाल तैयार किया। इसके बाद माल विभाग में इंतकाल दर्ज कर उक्त जमीन लखविंदर सिंह पुत्र अजीत सिंह वासी निजामद्दीन वाला के नाम कर दी। उक्त जमीन की धनराशि भी सरकारी खजाने में जमा नहीं करवाई वो पैसा भी जब्त कर गया। इस मामले की जांच-पड़ताल जीरा के एसडीएम ने की और विभागीय तहकीकात एसडीएम फिरोजपुर ने की। जांच-पड़ताल में पाया गया कि पटवारी सुखजिंदर ने इंतकाल पर नायब तहसीलदार, कानूनगों व इंतकाल रजिस्टरार के जाली हस्ताक्षर किए थे। ये सब कुछ पटवारी ने लखविंदर सिंह से रिश्वत लेकर किया। डीसी ने बताया कि पटवारी सुखजिंदर सिंह को उक्त आरोप के खिलाफ पंजाब सिविल सेवाओं के नियमों तहत नौकरी से बर्खास्त किया है।
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जमीन का पैसा भी नहीं कराया सरकारी खजाने में जमा
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
सरकारी रिकॉर्ड में हेरोफेरी, रिश्वत, ड्यूटी में कोताही व पद का दुरुपयोग करने के आरोप में पटवारी सुखजिंदर सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। यह जानकारी डिप्टी कमिश्नर रामवीर ने दी।
डीसी ने बताया कि पटवारी सुखजिंदर सिंह सर्कल मूंडी छूरी मारा जीरा स्थित निजामद्दीन वाला में पटवारी था, उस समय दर्शन सिंह पुत्र शिंगारा सिंह वासी गांव निजामद्दीन वाला ने इसके खिलाफ 23 अगस्त 2013 में शिकायत की थी कि पटवारी ने निजामद्दीन वाला की सेंट्रल सरकार की मालकी जमीन 74 कनाल नौ मरले का जाली इंतकाल तैयार किया। इसके बाद माल विभाग में इंतकाल दर्ज कर उक्त जमीन लखविंदर सिंह पुत्र अजीत सिंह वासी निजामद्दीन वाला के नाम कर दी। उक्त जमीन की धनराशि भी सरकारी खजाने में जमा नहीं करवाई वो पैसा भी जब्त कर गया। इस मामले की जांच-पड़ताल जीरा के एसडीएम ने की और विभागीय तहकीकात एसडीएम फिरोजपुर ने की। जांच-पड़ताल में पाया गया कि पटवारी सुखजिंदर ने इंतकाल पर नायब तहसीलदार, कानूनगों व इंतकाल रजिस्टरार के जाली हस्ताक्षर किए थे। ये सब कुछ पटवारी ने लखविंदर सिंह से रिश्वत लेकर किया। डीसी ने बताया कि पटवारी सुखजिंदर सिंह को उक्त आरोप के खिलाफ पंजाब सिविल सेवाओं के नियमों तहत नौकरी से बर्खास्त किया है।
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