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पटियाला हिंसा: पंजाब में गर्मख्यालियों की सक्रियता से उड़ी एजेंसियों की नींद, समर्थन में आ रहे युवा बने सबसे बड़ा खतरा 

Mon, 02 May 2022 04:34 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 02 May 2022 04:34 PM IST
सार

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में आतंकवाद के जिन्न को फिर से जिंदा करने की कोशिश में लगी है। इसके लिए उसने खालिस्तानी संगठनों को न केवल हथियार और पैसा, बल्कि भारत विरोधी प्रचार करने का जिम्मा भी सौंपा है।

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Central and State intelligence agencies worried after Patiala Violence
पटियाला में हिंसक झड़प। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

पटियाला में गर्मख्याली और शिव सैनिकों के बीच टकराव के बाद केंद्रीय व सूबे की खुफिया एजेंसियों व सुरक्षा अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए हैं। पंजाब में गर्मख्यालियों के समर्थन में खड़े हो रहे युवाओं को लेकर अधिक चिंता बनी है। सबसे संवेदनशील बात है कि अमेरिका में बैठे सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू के आह्वान पर गर्मख्यालियों और उनके साथ युवाओं की फौज खड़ी हो रही है। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में देश विरोधी नारे लिखे गए और बैनर टांगे गए, जो चिंता की बात है। खालिस्तान जिंदाबाद के नारे और खालिस्तान की मांग ने एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। 

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अदाकार व किसान आंदोलन के नेता दीप सिद्धू के अंतिम संस्कार पर भी जिस तरह से युवाओं की फौज उमड़ी और खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे, उससे केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से पंजाब में अलर्ट जारी किया गया था। भीड़ में कुछ लोगों ने जहां दीप सिद्धू जिंदाबाद के नारे लगाए तो वहीं, खालिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए। ऐसे वीडियो वायरल हुए जिसमें हजारों लोग खालिस्तान जिंदाबाद जैसे कई नारे लगाते दिखाई दे रहे थे। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह   पन्नू ने पंजाबी सिंगर और एक्टर दीप सिद्धू की मौत को राजनीतिक हत्या करार देकर पंजाब में विवाद खड़ा करने की कोशिश की। पन्नू ने वीडियो में 19 फरवरी को पंजाब में रेल बंद का एलान किया था। 
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पंजाब के चुनावों में खालिस्तान की मांग करने वाले अकाली दल अमृतसर के सिमनरजीत सिंह मान को 38 हजार 480 मत मिले। मान लंबे समय से खालिस्तान की मांग करते आ रहे हैं और उन पर कई केस भी दर्ज हैं। एजेंसियों ने खुलासा किया है कि पंजाब में गर्मख्याली युवाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। पन्नू लगातार पंजाब में खालिस्तान बनाने को हवा दे रहा है। सिख फॉर जस्टिस के जरिये लगातार पंजाब में ऐसे मामले खड़े किए जा रहे, जिससे बवाल खड़ा हो। 
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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में आतंकवाद के जिन्न को फिर से जिंदा करने की कोशिश में लगी है। इसके लिए उसने खालिस्तानी संगठनों को न केवल हथियार और पैसा, बल्कि भारत विरोधी प्रचार करने का जिम्मा भी सौंपा है। ऐसा ही एक खालिस्तानी संगठन है ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ जो अमेरिका के न्यूयार्क से अपनी दुकान चलाता है। 

रेफरेंडम 2020 नाम का दुष्प्रचार शुरू करने के बाद अब इस संगठन ने शांति भंग करने के लिए तिरंगे के अपमान का अभियान शुरू किया था। सिख फॉर जस्टिस के ट्विटर हैंडल पर शेयर किए गए एक वीडियो में अमेरिका के न्यूयार्क में रहने डब्ल्यू वाला राणा सिंह नाम के सिख को कहते सुना जा सकता है कि तिरंगे ने सिखों को गुलाम बनाया और इस झंडे वाला देश 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए जिम्मेदार है। 2020 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर गुजारिश की, जिसके बाद सिख फॉर जस्टिस को आतंकी संगठन घोषित किया गया था।

पंजाब की घटनाएं जो चिंता का विषय हैं

सिख फॉर जस्टिस के आतंकवादियों ने पंजाब के फतेहगढ़, रूपनगर ,धनौला और राजपुरा में रेफरेंडम 2020 के पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए और धमकी दी कि सिख फॉर जस्टिस ने भारतीय जनता पार्टी को धमकी देते हुए कहा कि अगर उनकी होर्डिंग्स हटाने की कोशिश की गई तो दुष्परिणाम भुगतने होंगे। जिसके बाद पंजाब पुलिस ने सिख फॉर जस्टिस के पांच आतंकवादियों गुरपतवंत सिंह पन्नू, जगदीप सिंह और जगजीत सिंह (सभी न्यूयार्क, अमेरिका में रहते हैं) और मोहाली के गुरप्रीत सिंह, जम्मू के हरपुनीत सिंह के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया। 

सिख फॉर जस्टिस ने लंदन के ट्राफाल्गर स्क्वेयर में रेफरेंडम 2020 की रैली आयोजित की, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसियों की नींद उड़ गई। अमृतसर पुलिस ने सिख फॉर जस्टिस के दो आतंकवादियों सुखराज सिंह उर्फ राजू और मलकीत सिंह उर्फ नीतू को गिरफ्तार किया जो रेफरेंडम 2020 के पोस्टर और बैनर टांग रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि सिख फॉर जस्टिस ने इन दोनों को आतंकवाद फैलाने के लिए हवाला से दो लाख रुपये भिजवाए थे। 

पन्नू का संबंध एक कश्मीरी आतंकवादी संगठन गुलाम नबी फाई के साथ भी पाया गया है। पंजाब में सरकारी कार्यालयों पर खालसा ध्वज व खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे गए, जिससे पंजाब के युवाओं के भीतर खालिस्तान की आवाज को बुलंद किया जा सके। पन्नू की ओर से इसके लिए इनाम राशि भी देने की घोषणा से पंजाब में काफी स्थानों पर लगातार खालिस्तान जिंदाबाद लिखने की घटनाओं ने भी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। मलेरकोटला में भी शुक्रवार को डीसी कार्यालय के बाहर खालिस्तान जिंदाबाद लिखा गया। पंजाब के मोगा में खालिस्तान समर्थक तीन बार खालिस्तान जिंदाबाद का नारा सरकारी कार्यालयों पर लिख चुके हैं। तीन बार झंडा भी फहराया जा चुका है। आरोपियों में पुलिस अधिकारी का बेटा भी शामिल था। पन्नू ने खालिस्तानी झंडा फहराने पर इनाम की घोषणा कर रखी है।

सुरक्षा एजेंसियों को सख्त होना होगा : आरपी मित्तल

पंजाब पुलिस के रिटायर एडीजीपी आरपी मित्तल का कहना है कि देश की एकता व अखंडता को जो भी संगठन तोड़ने की कोशिश करता है, उसके खिलाफ देश की सुरक्षा एजेंसियों को सख्त होना होगा। खासकर पंजाब के लोगों में तो भाईचारा व प्यार बहुत है और जो शरारती लोग पंजाब में तबाही देखने का सपना देख रहे हैं, उनसे नागरिकों को सचेत रहना होगा। पटियाला वाला घटनाक्रम भी रोका जा सकता था और वहां पर सुरक्षा एजेंसियों की पूरी जानकारी थी, लेकिन फिर भी कोताही बरती गई। 

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