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सरहद पर बीएसएफ की पैनी नजर तले हेरोइन तस्करी का खेल
अनिल कुमार/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Mon, 18 Apr 2016 03:15 PM IST
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बीएसएफ और तस्करी
- फोटो : file photo
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सरहद पार पाकिस्तान से 31 हेरोइन के पैकेट सीमांत गांव बारेके में पहुंचने पर बीएसएफ की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। डायरेक्टरेट ऑफ इंफोर्समेंट (डीआरआई) ने सीमांत गांव बारेके से बुधवार को एक अरब पचास करोड़ रुपये की हेरोइन, एक पिस्टल, 61 कारतूस व चार मैगजीन समेत दो तस्करों को पकड़ा था। चार तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
डीआरआई पकड़े गए तस्करों से यह पूछने में जुटी है कि प्रदेश से सटी भारत-पाक की सरहद के कौन से इलाके से हेरोइन पाकिस्तान से आई है। डीआरआई ने एक पुराने तस्कर को भी पकड़ा है जो तस्करी में संलिप्त था। पंजाब से सटी भारत-पाकिस्तान की साढ़े पांच सौ किमी लंबी सरहद पर बीएसएफ सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध करने का दावा करती आई है।
बावजूद इसके पाकिस्तान की तरफ से हेरोइन, जाली करेंसी व असलाह की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। तस्कर बीएसएफ की सुरक्षा व्यवस्था के बीच में से भी तस्करी करने में सफल हो रहे हैं। बुधवार को सीमांत गांव बारेके से डीआरआई की ओर से पकड़ी एक अरब पचास करोड़ रुपये की हेरोइन व असलाह से यह बात साबित हो चुकी है।
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यह हेरोइन सरहद पार से कैसे आई और किस की मदद से आई इस बात का सुराग लगाना बीएसएफ और खुफिया एजेंसी के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि पहले ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। 31 हेरोइन के पैकेट व असलाह की खेप किसी की मदद के बगैर सरहद पार नहीं हो सकती है। बीएसएफ ममदोट सेक्टर से बीएसएफ हवलदार शिंगारा सिंह पकड़ा गया।
सन् 2013 में अमृतसर से बीएसएफ जवान गुरप्रीत सिंह व विक्रमजीत सिंह पकड़े गए। सन् 2015 में अबोहर सेक्टर से जवान हरप्रताप सिंह पकड़ा गया। जनवरी 2016 में श्रीगंगानगर से जवान अनिल कुमार पकड़ा गया। फाजिल्का में तैनात रह चुका बीएसएफ का हवलदार प्रेम सिंह 12 जनवरी 2016 को पकड़ा गया। पंजाब से सटी भारत-पाकिस्तान की सरहद से बीएसएफ ने जनवरी से लेकर अप्रैल तक 71.760 किलो हेरोइन पकड़ी है।
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डीआरआई पकड़े गए तस्करों से यह पूछने में जुटी है कि प्रदेश से सटी भारत-पाक की सरहद के कौन से इलाके से हेरोइन पाकिस्तान से आई है। डीआरआई ने एक पुराने तस्कर को भी पकड़ा है जो तस्करी में संलिप्त था। पंजाब से सटी भारत-पाकिस्तान की साढ़े पांच सौ किमी लंबी सरहद पर बीएसएफ सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध करने का दावा करती आई है।
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बावजूद इसके पाकिस्तान की तरफ से हेरोइन, जाली करेंसी व असलाह की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। तस्कर बीएसएफ की सुरक्षा व्यवस्था के बीच में से भी तस्करी करने में सफल हो रहे हैं। बुधवार को सीमांत गांव बारेके से डीआरआई की ओर से पकड़ी एक अरब पचास करोड़ रुपये की हेरोइन व असलाह से यह बात साबित हो चुकी है।
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यह हेरोइन सरहद पार से कैसे आई और किस की मदद से आई इस बात का सुराग लगाना बीएसएफ और खुफिया एजेंसी के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि पहले ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। 31 हेरोइन के पैकेट व असलाह की खेप किसी की मदद के बगैर सरहद पार नहीं हो सकती है। बीएसएफ ममदोट सेक्टर से बीएसएफ हवलदार शिंगारा सिंह पकड़ा गया।
सन् 2013 में अमृतसर से बीएसएफ जवान गुरप्रीत सिंह व विक्रमजीत सिंह पकड़े गए। सन् 2015 में अबोहर सेक्टर से जवान हरप्रताप सिंह पकड़ा गया। जनवरी 2016 में श्रीगंगानगर से जवान अनिल कुमार पकड़ा गया। फाजिल्का में तैनात रह चुका बीएसएफ का हवलदार प्रेम सिंह 12 जनवरी 2016 को पकड़ा गया। पंजाब से सटी भारत-पाकिस्तान की सरहद से बीएसएफ ने जनवरी से लेकर अप्रैल तक 71.760 किलो हेरोइन पकड़ी है।