{"_id":"6aa78e6757e6b95f890497c4","slug":"accident-in-jalandhar-minor-dies-of-electrocution-after-climbing-roof-to-dismantle-tent-amidst-rain-2026-09-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जालंधर में हादसा: बारिश में टैंट उतरवाने छत पर चढ़ा नाबालिग, करंट लगने से मौत; परिवार ने पार्षद पर लगाया आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जालंधर में हादसा: बारिश में टैंट उतरवाने छत पर चढ़ा नाबालिग, करंट लगने से मौत; परिवार ने पार्षद पर लगाया आरोप
Mon, 14 Sep 2026 11:35 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: Nivedita
Updated Mon, 14 Sep 2026 11:35 AM IST
सार
परिवार का आरोप है कि पार्षद के क्लीनिक में मेडिकल कैंप के लिए दुकान की छत पर टैंट लगाया गया था। शाम को तेज बारिश शुरू होने के बाद टैंट उतरवाने को लेकर जल्दबाजी की गई।
विज्ञापन
मौत।
- फोटो : ANI
विस्तार
जालंधर वेस्ट के बस्ती दानिशमंदा इलाके में रविवार शाम तेज बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 16 साल के हरीश की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक के परिवार ने स्थानीय पार्षद एवं डॉक्टर मुनीश पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन
परिवार का कहना है कि पार्षद के क्लीनिक में मेडिकल कैंप के लिए दुकान की छत पर टैंट लगाया गया था। शाम को तेज बारिश शुरू होने के बाद टैंट उतरवाने को लेकर कथित तौर पर जल्दबाजी की गई।
विज्ञापन
परिवार के मुताबिक, टैंट लगाने वाले व्यक्ति ने बारिश रुकने के बाद या अगले दिन टैंट उतारने की बात कही थी, लेकिन आरोप है कि पार्षद मुनीश ने उसी समय टैंट उतरवाने पर जोर दिया। इसके बाद टैंट वाला अपने 16 वर्षीय बेटे हरीश के साथ छत पर टैंट उतारने पहुंचा।
विज्ञापन
छत से गुजर रही हाईवोल्टेज तारों की चपेट में आया
परिवार का आरोप है कि दुकान की छत के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे थे। टैंट उतारते समय हरीश इन तारों की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का सवाल है कि यदि छत के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे थे और इसकी जानकारी संबंधित लोगों को थी, तो बारिश और बिजली के बीच नाबालिग को छत पर भेजने से पहले सुरक्षा का ध्यान क्यों नहीं रखा गया?
परिवार का आरोप-पुलिस ने कार्रवाई के बजाय घर में छोड़ दी लाश
हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक के परिवार का आरोप है कि पुलिस बच्चे के शव को घर पर छोड़कर वापस चली गई और तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का कहना है कि उन्होंने कार्रवाई की मांग की, लेकिन उस समय उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। देर रात मृतक की मां ने पुलिस को शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस की ओर से तत्काल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई।
थाने में शिकायत दिए जाने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है। पूर्व विधायक शीतल अंगुराल के संज्ञान में मामला आने के बाद मृतक के परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़ गए हैं।
परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय की जाए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। पार्षद मुनीश की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
परिवार का आरोप है कि दुकान की छत के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे थे। टैंट उतारते समय हरीश इन तारों की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का सवाल है कि यदि छत के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे थे और इसकी जानकारी संबंधित लोगों को थी, तो बारिश और बिजली के बीच नाबालिग को छत पर भेजने से पहले सुरक्षा का ध्यान क्यों नहीं रखा गया?
परिवार का आरोप-पुलिस ने कार्रवाई के बजाय घर में छोड़ दी लाश
हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक के परिवार का आरोप है कि पुलिस बच्चे के शव को घर पर छोड़कर वापस चली गई और तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का कहना है कि उन्होंने कार्रवाई की मांग की, लेकिन उस समय उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। देर रात मृतक की मां ने पुलिस को शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस की ओर से तत्काल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई।
थाने में शिकायत दिए जाने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है। पूर्व विधायक शीतल अंगुराल के संज्ञान में मामला आने के बाद मृतक के परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़ गए हैं।
परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय की जाए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। पार्षद मुनीश की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।