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Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   Aam Aadmi Party asked about potential candidates through telecalling for Jalandhar By-Poll

Jalandhar By-Poll: उम्मीदवार के लिए टेलीकॉलिंग से सर्वेक्षण कर रही आप, कांग्रेस का किला ध्वस्त करना चुनौती

Sat, 01 Apr 2023 04:59 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 01 Apr 2023 04:59 PM IST
सार

राजनीति के जानकारों का कहना है कि संगरूर के बाद जालंधर लोकसभा उपचुनाव आप के लिए एक और परीक्षा होगी। 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी जालंधर में कांग्रेस के गढ़ को नहीं तोड़ सकी। कांग्रेस ने जालंधर लोकसभा क्षेत्र में आने वाले नौ में से पांच विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की थी।

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Aam Aadmi Party asked about potential candidates through telecalling for Jalandhar By-Poll
पंजाब के सीएम भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संतोख सिंह चौधरी के असामयिक निधन से खाली हुई जालंधर सीट पर उपचुनाव सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के लिए अग्नि परीक्षा साबित होने जा रहा है। राज्य में सत्ता में आने के बाद पार्टी भगवंत मान की घरेलू सीट संगरूर हार चुकी है। इसलिए पार्टी फूंक फूंककर कदम रख रही है। 

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उम्मीदवार तय करने से पहले उसकी ताकत को आंका जा रहा है। टेलीकॉलिंग के जरिये संभावित उम्मीदवारों के बारे में लोगों से पूछा जा रहा है कि वह कैसा है? क्या आप इसको वोट डालेंगे? आप द्वारा यह सर्वेक्षण पिछले दो दिन से किया जा रहा है और अगले 48 घंटे में खत्म हो जाएगा। सर्वे में बसपा नेता बलविंदर कुमार, कांग्रेस के पूर्व विधायक सुशील कुमार रिंकू के अलावा विधायक शीतल अंगुराल के भाई राजन के बारे में जानकारी ली जा रही है।
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जालंधर निर्वाचन क्षेत्र (आरक्षित) कांग्रेस का एक मजबूत गढ़ बना हुआ है और पार्टी ने 14 बार इस सीट पर जीत हासिल की है। कांग्रेस 1999 के बाद से इस लोकसभा सीट को नहीं हारी है। कांग्रेस सिर्फ चार बार जालंधर लोकसभा सीट हारी है, जिसमें आपातकाल के बाद 1977, फिर 1989, 1996 और 1999 में हारी। 

राजनीति के जानकारों का कहना है कि संगरूर के बाद जालंधर लोकसभा उपचुनाव आप के लिए एक और परीक्षा होगी। 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी जालंधर में कांग्रेस के गढ़ को नहीं तोड़ सकी। कांग्रेस ने जालंधर लोकसभा क्षेत्र में आने वाले नौ में से पांच विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की थी। वहीं आप सिर्फ चार सीटों पर जीत हासिल कर सकी। ऐसे में जालंधर आप के लिए संगरूर से ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा।


एक हफ्ते में तीन चक्कर लगा चुके सीएम मानजहां तक आप के प्रदर्शन की बात है तो 2019 के आम चुनाव में जालंधर में उसकी करारी हार हुई थी। पार्टी के उम्मीदवार न्यायमूर्ति जोरा सिंह (जिन्होंने बेअदबी की घटनाओं की जांच की थी) को केवल 25 हजार वोट (कुल मतों का 2.5 प्रतिशत) मिले। हालांकि, आप ने 2014 में काफी बेहतर प्रदर्शन किया था, जब उसके उम्मीदवार ज्योति मान को 2.54 लाख वोट मिले थे। 

आप द्वारा जालंधर की सीट को हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है और यही वजह है कि सीएम मान एक सप्ताह में तीन चक्कर जालंधर के लगाकर गए हैं। हिंदू वोटों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए उत्तरी भारत के प्रसिद्ध तीर्थ देवी तालाब मंदिर गए और रविदासिया वोट के लिए डेरा बल्लां अरविंद केजरीवाल के साथ नतमस्तक हुए।

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