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पुलिस स्टाफ कम, ज्यादा ड्यूटी देनी पड़ रही
Jalandhar
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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कपूरथला। पुलिस फोर्स की कमी के कारण जवानों से 8 घंटे की बजाय 12 घंटे ड्यूटी ली जा रही है। इसके चलते अनेक पुलिस मुलाजिमों को मानसिक दबाव में काम करना पड़ रहा है। कई पुलिस कर्मी बीमारी के चलते भी ड्यूटी करने के लिए मजबूर हैं।
शहर के पीसीआर टीम की वर्किंग पर बनाई रिपोर्ट में पाया कि शहर की करीब ढाई लाख जनता की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस के आठ मोटरसाइकिलों पर तैनात कर्मचारियों के कंधों पर है। 24 घंटे में शहर की सुरक्षा के लिए 12-12 घंटे की दो शिफ्टें चलाई जा रही हैं। एक शिफ्ट में आठ मोटरसाइकिलों पर 16 जवान 12 घंटे ड्यूटी करते है, जबकि इससे पूर्व शिफ्ट में उनसे केवल आठ घंटे ही ड्यूटी ली जाती थी। चार घंटे की अधिक ड्यूटी व अगली शिफ्ट में फिर ड्यूटी में तैनाती होने के कारण पीसीआर कर्मी काफी मानसिक तनाव में गुजर रहे है। 12 घंटे की ड्यूटी करने के बाद उन्हें जरूरत के मुताबिक आराम करने के लिए समय नहीं मिल पाता है और फिर अगली शिफ्ट की ड्यूटी शुरू हो जाती है। चार घंटे की अधिक ड्यूटी करने से जहां कर्मियों की सेहत में गिरावट आ रही है, वही उनकी घरेलू दिनचर्या भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
उल्लेखनीय है कि शहर के सुरक्षा बेड़े की अहम जिम्मेदारी पीसीआर टीम के कंधों पर ही है। लेकिन मौजूदा परिदृश्य में पुलिसकर्मियों का काम का लोड बढ़ गया है। विभाग के आलाधिकारी पुलिस कर्मियों को तनाव मुक्त करने के लिए योग कक्षाएं लगाने को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन 4 घंटे की अधिक ड्यूटी लेकर विभाग खुद कर्मियों को तनाव ग्रस्त होने के लिए मजबूर कर रहा है। इस बारे में एसएसपी इंद्रबीर सिंह ने कहा कि मानसिक तनाव वाली कोई बात नहीं है। पुलिस ड्यूटी मैन्यूल में 24 घंटे ड्यूटी करने का नियम है। 8 घंटे की शिफ्ट के बारे में एसएसपी का कहना है कि फोर्स की उपलब्धता को देखकर ही शिफ्ट का टाइम टेबल सेटल किया जाता है।
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शहर के पीसीआर टीम की वर्किंग पर बनाई रिपोर्ट में पाया कि शहर की करीब ढाई लाख जनता की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस के आठ मोटरसाइकिलों पर तैनात कर्मचारियों के कंधों पर है। 24 घंटे में शहर की सुरक्षा के लिए 12-12 घंटे की दो शिफ्टें चलाई जा रही हैं। एक शिफ्ट में आठ मोटरसाइकिलों पर 16 जवान 12 घंटे ड्यूटी करते है, जबकि इससे पूर्व शिफ्ट में उनसे केवल आठ घंटे ही ड्यूटी ली जाती थी। चार घंटे की अधिक ड्यूटी व अगली शिफ्ट में फिर ड्यूटी में तैनाती होने के कारण पीसीआर कर्मी काफी मानसिक तनाव में गुजर रहे है। 12 घंटे की ड्यूटी करने के बाद उन्हें जरूरत के मुताबिक आराम करने के लिए समय नहीं मिल पाता है और फिर अगली शिफ्ट की ड्यूटी शुरू हो जाती है। चार घंटे की अधिक ड्यूटी करने से जहां कर्मियों की सेहत में गिरावट आ रही है, वही उनकी घरेलू दिनचर्या भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
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उल्लेखनीय है कि शहर के सुरक्षा बेड़े की अहम जिम्मेदारी पीसीआर टीम के कंधों पर ही है। लेकिन मौजूदा परिदृश्य में पुलिसकर्मियों का काम का लोड बढ़ गया है। विभाग के आलाधिकारी पुलिस कर्मियों को तनाव मुक्त करने के लिए योग कक्षाएं लगाने को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन 4 घंटे की अधिक ड्यूटी लेकर विभाग खुद कर्मियों को तनाव ग्रस्त होने के लिए मजबूर कर रहा है। इस बारे में एसएसपी इंद्रबीर सिंह ने कहा कि मानसिक तनाव वाली कोई बात नहीं है। पुलिस ड्यूटी मैन्यूल में 24 घंटे ड्यूटी करने का नियम है। 8 घंटे की शिफ्ट के बारे में एसएसपी का कहना है कि फोर्स की उपलब्धता को देखकर ही शिफ्ट का टाइम टेबल सेटल किया जाता है।
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