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स्कालरशिप में देरी के कारण 90 फीसदी कॉलेजों के खाते एनपीए
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:54 PM IST
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एडमिशन से पहले सरकार करे फंड रिलीज
नहीं तो पूरी फीस लेने को मजबूर होंगे कॉलेज
स्कालरशिप में देरी के कारण 90 फीसदी कॉलेजों के खाते एनपीए
एडमिशन से पहले सरकार करे फंड रिलीज, नहीं तो पूरी फीस लेने को मजबूर होंगे कॉलेज
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। अनुसूचित और जन जाती के छात्रों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम (पीएमएस) में लगातार हो रही देरी के कारण 90 फीसदी कॉलेज बैंकों के पास एनपीए होने से बंद होने की कगार पर हैं। इसके चलते सभी कॉलेजों ने फैसला लिया हैं कि अगर परीक्षा से पहले सरकार स्कालरशिप की राशि जारी नहीं करती, तो कॉलेजों को छात्रों से फीस वसूलनी पड़ेगी और जो छात्र फीस नहीं देंगे उन्हें रोल नंबर जारी नहीं किया जायेगा। कन्फेडरेशन ऑफ पंजाब एडेड इंस्टीट्यूशंस के मेंबर्स ने सहमति से यह फैसला लिया। अध्यक्ष अनिल चोपड़ा ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से फंड रिलीज न होने के कारण 90 फीसदी से अधिक कॉलेज बैंकों के पास एनपीए हो चुके हैं और स्टाफ का वेतन 10 माह से रुका है। एसोसिएशन मेंबर्स विपिन शर्मा, तजिंदर राजू, संजीव चोपड़ा सहित अन्य ने कहा कि अगर सरकार एडमिशन से पहले फंड रिलीज नहीं करती तो कॉलेजों को हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार छात्रों से पूरी फीस वसूल करनी पड़ेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदार सरकार होगी। मेंबर्स ने कहा कि सरकार द्वारा कॉलेजों को आदेश दिए गए हैं कि वह अनुसूचित और जन जाती से फीस वसूल कर सकते हैं और सरकार सीधा छात्रों के बैंक अकाउंट में फीस भेजेगी। लेकिन जब छात्रों से कॉलेज द्वारा फीस मांगी जाती हैं तो छात्र धरने जा फिर प्रदर्शन पर कॉलेजों के बाहर बैठ जाते हैं। इस कारण छात्रों की शिक्षा और कॉलेज के कार्यकाल पर असर होता है। उन्होंने पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपील की हैं कि गरीब छात्रों के बारे में सोचते हुए जल्द फंड रिलीज करें।
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नहीं तो पूरी फीस लेने को मजबूर होंगे कॉलेज
स्कालरशिप में देरी के कारण 90 फीसदी कॉलेजों के खाते एनपीए
एडमिशन से पहले सरकार करे फंड रिलीज, नहीं तो पूरी फीस लेने को मजबूर होंगे कॉलेज
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। अनुसूचित और जन जाती के छात्रों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम (पीएमएस) में लगातार हो रही देरी के कारण 90 फीसदी कॉलेज बैंकों के पास एनपीए होने से बंद होने की कगार पर हैं। इसके चलते सभी कॉलेजों ने फैसला लिया हैं कि अगर परीक्षा से पहले सरकार स्कालरशिप की राशि जारी नहीं करती, तो कॉलेजों को छात्रों से फीस वसूलनी पड़ेगी और जो छात्र फीस नहीं देंगे उन्हें रोल नंबर जारी नहीं किया जायेगा। कन्फेडरेशन ऑफ पंजाब एडेड इंस्टीट्यूशंस के मेंबर्स ने सहमति से यह फैसला लिया। अध्यक्ष अनिल चोपड़ा ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से फंड रिलीज न होने के कारण 90 फीसदी से अधिक कॉलेज बैंकों के पास एनपीए हो चुके हैं और स्टाफ का वेतन 10 माह से रुका है। एसोसिएशन मेंबर्स विपिन शर्मा, तजिंदर राजू, संजीव चोपड़ा सहित अन्य ने कहा कि अगर सरकार एडमिशन से पहले फंड रिलीज नहीं करती तो कॉलेजों को हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार छात्रों से पूरी फीस वसूल करनी पड़ेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदार सरकार होगी। मेंबर्स ने कहा कि सरकार द्वारा कॉलेजों को आदेश दिए गए हैं कि वह अनुसूचित और जन जाती से फीस वसूल कर सकते हैं और सरकार सीधा छात्रों के बैंक अकाउंट में फीस भेजेगी। लेकिन जब छात्रों से कॉलेज द्वारा फीस मांगी जाती हैं तो छात्र धरने जा फिर प्रदर्शन पर कॉलेजों के बाहर बैठ जाते हैं। इस कारण छात्रों की शिक्षा और कॉलेज के कार्यकाल पर असर होता है। उन्होंने पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपील की हैं कि गरीब छात्रों के बारे में सोचते हुए जल्द फंड रिलीज करें।