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नबालिग लड़की को किडनैप कर दुष्कर्म का आरोपी बरी, अदालत ने सबूत न मिलने पर किया बरी
Updated Thu, 19 Jul 2018 09:57 PM IST
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नाबालिग से रेप का आरोपी बरी
अदालत ने सबूत के अभाव में सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। जिले के भार्गव कैंप थाना में 2016 के चर्चित केस में आरोेपी को अदालत ने बरी कर दिया है। आरोपी को नाबालिग लड़की के किडनैपिंग, दुराचार और पास्को एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। उसे आठ माह तक जेल में रहना पड़ा था।
लड़की का कहना था कि दीपक कुमार निवासी तरखाना मोहल्ला ने उसको किडनैप किया और बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। लड़की नाबालिग थी। कैंप थाना की पुलिस ने आरोपी दीपक कुमार के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। केस में दीपक कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। मामले में अदालत में बचाव पक्ष की तरफ से एडवोकेट लखन गांधी पेश हुए। एडवोकेट लखन गांधी ने बताया कि मामले में अदालत में जांच अधिकारी ने पेश होकर कई तथ्य रखे। इसे क्रास चेक किया गया। इस दौरान कई तथ्य साबित ही नहीं हो सके। यहां तक की लड़की के पिता भी गवाही के दौरान क्रास में ठीक से गवाही नहीं दे पाए और अदालत ने सबूतों के अभाव में दीपक कुमार को बरी कर दिया।
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अदालत ने सबूत के अभाव में सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। जिले के भार्गव कैंप थाना में 2016 के चर्चित केस में आरोेपी को अदालत ने बरी कर दिया है। आरोपी को नाबालिग लड़की के किडनैपिंग, दुराचार और पास्को एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। उसे आठ माह तक जेल में रहना पड़ा था।
लड़की का कहना था कि दीपक कुमार निवासी तरखाना मोहल्ला ने उसको किडनैप किया और बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। लड़की नाबालिग थी। कैंप थाना की पुलिस ने आरोपी दीपक कुमार के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। केस में दीपक कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। मामले में अदालत में बचाव पक्ष की तरफ से एडवोकेट लखन गांधी पेश हुए। एडवोकेट लखन गांधी ने बताया कि मामले में अदालत में जांच अधिकारी ने पेश होकर कई तथ्य रखे। इसे क्रास चेक किया गया। इस दौरान कई तथ्य साबित ही नहीं हो सके। यहां तक की लड़की के पिता भी गवाही के दौरान क्रास में ठीक से गवाही नहीं दे पाए और अदालत ने सबूतों के अभाव में दीपक कुमार को बरी कर दिया।
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