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बयानों में एक बार फिर भिड़े नेता विपक्ष-बिजली मंत्री
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:34 PM IST
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जस्टिस मेहताब कमीशन की रिपोर्ट वाजिब: खैरा
कहा, निगम चुनाव सिंबल और काउंसिल व पंचायत चुनाव बिना सिंबल लड़ेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
सूबे के नेता विपक्ष सुखपाल सिंह खैरा ने जस्टिस मेहताब सिंह गिल कमीशन की रिपोर्ट और कार्रवाई को वाजिब बताया है। खैरा ने कहा कि ऐसे आयोग को सूबे में स्थायी तौर पर स्थापित करना चाहिए। पंजाब में पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने आम जनता पर ढेरों झूठे मामले दर्ज किए, जिनमें वह खुद भी शामिल है। खैरा ने कहा कि पहले गठबंधन और अब कांग्रेस सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। उनके वर्तमान फाजिल्का कोर्ट के मामले में मुख्यमंत्री ने सुप्रीमकोर्ट के नामी वकील मुकुल रहतोगी को एक पेशी के लिए सरकारी खजाने से 25 लाख रुपये महज इस बात के लिए दे दिए कि उनकी (खैरा) पिटीशन कोर्ट में रद हो जाए।
नेता विपक्ष ने कहा कि कमीशन की रिपोर्ट को वह सही मानते हैं और विपक्ष का रोल भी यही है कि अच्छे काम की सराहना करना और खराब काम की निंदा करना। खैरा ने एक बार फिर जस्टिस नारंग रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस आयोग की सरकार से मिलीभगत साफ नजर आ रही है, जिसका खुलासा आगामी कुछ दिनों में हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए दावा किया कि जस्टिस नारंग को सरकार के हक में रिपोर्ट बनाने के लिए इनाम के तौर पर उनके बेटे को पंजाब के एडवोकेट जरनल के कार्यालय में नौकरी दी जा रही है।
खैरा ने सूबे में निगम और काउंसिल-पंचायत चुनाव परकहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब ने निर्णय लिया है कि निगम चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ेगी। काउंसिल व पंचायत चुनाव बिना सिंबल के चुनाव मैदान में उतरकर सरकार को कड़ी टक्कर देगी। खैरा ने लुधियाना को निगम चुनाव से बाहर रखने पर भी सरकार पर सवालिया निशान लगाया है। नेता विपक्ष ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने विधायक और सासंद के चुनाव के लिय शैक्षणिक योग्यता निश्चित करने की बात की है। खैरा ने कहा की एक तरफ तो सरकारों ने दर्जा चार कर्मचारी के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की है, लेकिन जो लोग सरकार का हिस्सा है, उन पर ऐसी कोई शर्त लागू नहीं है। सियासत में आने वालों के लिए योग्यता निश्चित होनी चाहिए।
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निकाय चुनाव में ‘आप’ कर रही सियासी शरारत: राणा
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने जस्टिस मेहताब सिंह गिल करे रिपोर्ट को सही बताते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान लोगों पर हुए झूठे मामलों में आयोग की रिपोर्ट से प्रताड़ित जनता को राहत मिली है। राणा गुरजीत सिंह ने आम आदमी पार्टी विधायक और विपक्ष नेेता सुखपाल खैरा की ओर से आयोग को जायज ठहराने पर चुटकी लेते हुए कहा कि अब जब विपक्ष के गलत कारनामे सामने आ रहे हैं तो उन्हें (खैरा) आयोग अच्छा लगने लगा है।
राणा गुरजीत ने निगम चुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा किया। जब उनसे लुधियाना निगम चुनाव सरकार की ओर से जानबूझ न करवाने के आरोप पर पूछा तो उन्होंने काहा की इसके पीछे भी कोई कारण होगा, लेकिन विपक्षी आम आदमी पार्टी को इसमें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। बाकी चुनाव के नतीजे सब साफ कर देंगे। आम आदमी पार्टी के काउंसिल चुनाव बिना सिंबल लड़ने के फैसले पर चुटकी लेते हुए बिजली मंत्री ने कहा कि यह आप का नया पैंतरा है और गुरदासपुर चुनाव में फजीहत के बाद आप ने यह राजनीतिक पैतरा अपनाया है कि काउंसिल, पंचायत चुनाव में प्रत्याशी को बिना सिंबल लड़ाया जाए, क्योंकि प्रत्याशी जीत गया तो अपना, नहीं जीता और अगर दूसरी पार्टी में चला गया तो कह देंगे। यह सब आप की एक राजनीतिक शरारत का हिस्सा है। जस्टिस नारंग कमीशन के राणा गुरजीत सिंह के पक्ष में रिपोर्ट के एवज में जस्टिस के बेटे को नौकरी देने के खैरा के आरोप राणा ने कि वैसे तो इस आयोग पर उनकी टिप्पणी बनती नहीं, लेकिन फिर भी उनका मानना है कि अगर अन्य जजों वकीलों के पुत्रों को नियमों के अनुसार नौकरी मिली है तो इसमें दिक्कत ही क्या है?
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कहा, निगम चुनाव सिंबल और काउंसिल व पंचायत चुनाव बिना सिंबल लड़ेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
सूबे के नेता विपक्ष सुखपाल सिंह खैरा ने जस्टिस मेहताब सिंह गिल कमीशन की रिपोर्ट और कार्रवाई को वाजिब बताया है। खैरा ने कहा कि ऐसे आयोग को सूबे में स्थायी तौर पर स्थापित करना चाहिए। पंजाब में पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने आम जनता पर ढेरों झूठे मामले दर्ज किए, जिनमें वह खुद भी शामिल है। खैरा ने कहा कि पहले गठबंधन और अब कांग्रेस सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। उनके वर्तमान फाजिल्का कोर्ट के मामले में मुख्यमंत्री ने सुप्रीमकोर्ट के नामी वकील मुकुल रहतोगी को एक पेशी के लिए सरकारी खजाने से 25 लाख रुपये महज इस बात के लिए दे दिए कि उनकी (खैरा) पिटीशन कोर्ट में रद हो जाए।
नेता विपक्ष ने कहा कि कमीशन की रिपोर्ट को वह सही मानते हैं और विपक्ष का रोल भी यही है कि अच्छे काम की सराहना करना और खराब काम की निंदा करना। खैरा ने एक बार फिर जस्टिस नारंग रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस आयोग की सरकार से मिलीभगत साफ नजर आ रही है, जिसका खुलासा आगामी कुछ दिनों में हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए दावा किया कि जस्टिस नारंग को सरकार के हक में रिपोर्ट बनाने के लिए इनाम के तौर पर उनके बेटे को पंजाब के एडवोकेट जरनल के कार्यालय में नौकरी दी जा रही है।
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खैरा ने सूबे में निगम और काउंसिल-पंचायत चुनाव परकहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब ने निर्णय लिया है कि निगम चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ेगी। काउंसिल व पंचायत चुनाव बिना सिंबल के चुनाव मैदान में उतरकर सरकार को कड़ी टक्कर देगी। खैरा ने लुधियाना को निगम चुनाव से बाहर रखने पर भी सरकार पर सवालिया निशान लगाया है। नेता विपक्ष ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने विधायक और सासंद के चुनाव के लिय शैक्षणिक योग्यता निश्चित करने की बात की है। खैरा ने कहा की एक तरफ तो सरकारों ने दर्जा चार कर्मचारी के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की है, लेकिन जो लोग सरकार का हिस्सा है, उन पर ऐसी कोई शर्त लागू नहीं है। सियासत में आने वालों के लिए योग्यता निश्चित होनी चाहिए।
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निकाय चुनाव में ‘आप’ कर रही सियासी शरारत: राणा
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने जस्टिस मेहताब सिंह गिल करे रिपोर्ट को सही बताते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान लोगों पर हुए झूठे मामलों में आयोग की रिपोर्ट से प्रताड़ित जनता को राहत मिली है। राणा गुरजीत सिंह ने आम आदमी पार्टी विधायक और विपक्ष नेेता सुखपाल खैरा की ओर से आयोग को जायज ठहराने पर चुटकी लेते हुए कहा कि अब जब विपक्ष के गलत कारनामे सामने आ रहे हैं तो उन्हें (खैरा) आयोग अच्छा लगने लगा है।
राणा गुरजीत ने निगम चुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा किया। जब उनसे लुधियाना निगम चुनाव सरकार की ओर से जानबूझ न करवाने के आरोप पर पूछा तो उन्होंने काहा की इसके पीछे भी कोई कारण होगा, लेकिन विपक्षी आम आदमी पार्टी को इसमें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। बाकी चुनाव के नतीजे सब साफ कर देंगे। आम आदमी पार्टी के काउंसिल चुनाव बिना सिंबल लड़ने के फैसले पर चुटकी लेते हुए बिजली मंत्री ने कहा कि यह आप का नया पैंतरा है और गुरदासपुर चुनाव में फजीहत के बाद आप ने यह राजनीतिक पैतरा अपनाया है कि काउंसिल, पंचायत चुनाव में प्रत्याशी को बिना सिंबल लड़ाया जाए, क्योंकि प्रत्याशी जीत गया तो अपना, नहीं जीता और अगर दूसरी पार्टी में चला गया तो कह देंगे। यह सब आप की एक राजनीतिक शरारत का हिस्सा है। जस्टिस नारंग कमीशन के राणा गुरजीत सिंह के पक्ष में रिपोर्ट के एवज में जस्टिस के बेटे को नौकरी देने के खैरा के आरोप राणा ने कि वैसे तो इस आयोग पर उनकी टिप्पणी बनती नहीं, लेकिन फिर भी उनका मानना है कि अगर अन्य जजों वकीलों के पुत्रों को नियमों के अनुसार नौकरी मिली है तो इसमें दिक्कत ही क्या है?