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होशियारपुर : पासिंग आउट परेड... 44 सप्ताह के प्रशिक्षण के बाद 451 महिला नव आरक्षक बीएसएफ में शामिल
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शपथ लेतीं महिला नव आरक्षक।
- फोटो : HOSHIARPUR
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होशियारपुर। सहायक प्रशिक्षण केंद्र सीमा सुरक्षा बल खड़कां में महिला नव आरक्षकों की पासिंग आउट परेड और शपथ समारोह में 451 महिला नव आरक्षक बैच नंबर 253 व 254 की महिला आरक्षक के रूप में अपनी-अपनी वाहनियों में शामिल होने के लिए पास आउट हुईं। इस दौरान राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली।
इस अवसर पर मुख्यातिथि राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि देश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। देश सेवा के लिए महिलाएं बढ़-चढ़कर सेना, अर्ध सैनिक बल व पुलिस फोर्स में शामिल हो रही हैं, जो कि हमारे लिए गौरव का विषय है। वे सहायक प्रशिक्षण केंद्र सीमा सुरक्षा बल, खड़का कैंप में महिला नव आरक्षकों की पासिंग आउट परेड के दौरान बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ आईजी बीएसएफ खड़कां कैंप मधुसूदन शर्मा, कमांडेंट (ट्रेनिंग) एसएस मंड, डिप्टी कमिश्नर अपनीत रियात, एसएसपी ध्रुमन एच. निंबाले भी मौजूद थे।
राज्यपाल ने महिला नव आरक्षकों के आत्मविश्वास, कौशल व समन्वय के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की जो परेड की पहचान थी। उन्होंने बीएसएफ को कॅरिअर विकल्प के रूप में चुनने के लिए महिला नवआरक्षकों की सराहना की व नव आरक्षकों को साहस व उत्साह के साथ देश सेवा करने और देश की बेटियों को राष्ट्र के आह्वान पर सेना एवं बीएसएफ में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
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परेड ने मुख्य अतिथि को सलामी दी।
इसके बाद मुख्य अतिथि राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने परेड का निरीक्षण किया। आईजी बीएसएफ खड़का कैंप मधुसूदन शर्मा ने राज्यपाल पंजाब का खड़कां पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इनको 44 सप्ताह की हथियार चलाने, मनोविज्ञान, अपराध विज्ञान, ड्रिल, सिविल कानून, प्राकृतिक आपदा, फर्स्ट एड व मानवाधिकार आदि संबंधी कठिन प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान इन्हें मजबूत बनाने के लिए हर संभव कोशिश की गई है, ताकि वे अपनी ड्यूटी दौरान विपरीत परिस्थितियों का सामना मजबूती से कर सकें। परेड के बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ, जिसमें विभिन्न राज्यों के नव आरक्षकों ने अपने राज्यों के लोक नृत्य पेश किए।
इनको मिले पदक
राज्यपाल की ओर से विभिन्न इंडोर व आउटडोर विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को पदक प्रदान किए गए, जिनमें बैच नंबर 253 में बेस्ट इन ड्रिल में नैनीताल की पूजा कोरांगा, ओवर आल सेकेंड महाराष्ट्र की मुराल सयाली, ओवरआल फर्स्ट बिहार की माधवी कुमारी, बेस्ट इन शूटिंग पश्चिम बंगाल की सुष्मिता चौधरी व बेस्ट इन इंडोरेंस में महाराष्ट्र की पटले ऊषा को पदक प्रदान किया। इसी तरह बैच नंबर 254 में ओवर आल सैकेंड महाराष्ट्र की सोनाली शिंदे, बेस्ट इन शूटिंग आसाम की नारिना हजारिका, ओवर आल फस्र्ट और बेस्ट इन इंडोरेंस महाराष्ट्र की मुक्ता भीमराज व बेस्ट इन ड्रिल व परेड कमांडर पश्चिम बंगाल की सुष्मिता मलिका ने मुख्यातिथि से पदक प्राप्त किया।
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इस अवसर पर मुख्यातिथि राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि देश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। देश सेवा के लिए महिलाएं बढ़-चढ़कर सेना, अर्ध सैनिक बल व पुलिस फोर्स में शामिल हो रही हैं, जो कि हमारे लिए गौरव का विषय है। वे सहायक प्रशिक्षण केंद्र सीमा सुरक्षा बल, खड़का कैंप में महिला नव आरक्षकों की पासिंग आउट परेड के दौरान बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ आईजी बीएसएफ खड़कां कैंप मधुसूदन शर्मा, कमांडेंट (ट्रेनिंग) एसएस मंड, डिप्टी कमिश्नर अपनीत रियात, एसएसपी ध्रुमन एच. निंबाले भी मौजूद थे।
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राज्यपाल ने महिला नव आरक्षकों के आत्मविश्वास, कौशल व समन्वय के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की जो परेड की पहचान थी। उन्होंने बीएसएफ को कॅरिअर विकल्प के रूप में चुनने के लिए महिला नवआरक्षकों की सराहना की व नव आरक्षकों को साहस व उत्साह के साथ देश सेवा करने और देश की बेटियों को राष्ट्र के आह्वान पर सेना एवं बीएसएफ में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
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परेड ने मुख्य अतिथि को सलामी दी।
इसके बाद मुख्य अतिथि राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने परेड का निरीक्षण किया। आईजी बीएसएफ खड़का कैंप मधुसूदन शर्मा ने राज्यपाल पंजाब का खड़कां पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इनको 44 सप्ताह की हथियार चलाने, मनोविज्ञान, अपराध विज्ञान, ड्रिल, सिविल कानून, प्राकृतिक आपदा, फर्स्ट एड व मानवाधिकार आदि संबंधी कठिन प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान इन्हें मजबूत बनाने के लिए हर संभव कोशिश की गई है, ताकि वे अपनी ड्यूटी दौरान विपरीत परिस्थितियों का सामना मजबूती से कर सकें। परेड के बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ, जिसमें विभिन्न राज्यों के नव आरक्षकों ने अपने राज्यों के लोक नृत्य पेश किए।
इनको मिले पदक
राज्यपाल की ओर से विभिन्न इंडोर व आउटडोर विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को पदक प्रदान किए गए, जिनमें बैच नंबर 253 में बेस्ट इन ड्रिल में नैनीताल की पूजा कोरांगा, ओवर आल सेकेंड महाराष्ट्र की मुराल सयाली, ओवरआल फर्स्ट बिहार की माधवी कुमारी, बेस्ट इन शूटिंग पश्चिम बंगाल की सुष्मिता चौधरी व बेस्ट इन इंडोरेंस में महाराष्ट्र की पटले ऊषा को पदक प्रदान किया। इसी तरह बैच नंबर 254 में ओवर आल सैकेंड महाराष्ट्र की सोनाली शिंदे, बेस्ट इन शूटिंग आसाम की नारिना हजारिका, ओवर आल फस्र्ट और बेस्ट इन इंडोरेंस महाराष्ट्र की मुक्ता भीमराज व बेस्ट इन ड्रिल व परेड कमांडर पश्चिम बंगाल की सुष्मिता मलिका ने मुख्यातिथि से पदक प्राप्त किया।