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एक्सईएन के खिलाफ पावरकॉम कर्मियों की भूख हड़ताल शुरु
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:44 PM IST
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एक्सईएन के खिलाफ भूख हड़ताल
मुक्तसर। बिजली विभाग के रिटायर्ड कर्मियों को हाईकोर्ट की ओर से जारी फैसले के अनुसार उचित हक न देने के कारण गुस्साए पावरकॉम कर्मियों ने वीरवार को एक्साईएन के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वीरवार को लाहौरा सिंह व साथी बलविंदर सिंह भूख हड़ताल पर बैठे। मुलाजिम 23 वर्षीय स्केल विभाग की हिदायतों के अनुसार देने की मांग रहे हैं। एक्सइएन द्वारा स्केल देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए इंसाफ की मांग की गई थी। जिस पर हाइकोर्ट द्वारा जनवरी 2016 में मुलाजिमों के हक में फैसला सुनाया था। बावजूद इसके एक्सईएन ने जहां हाईकोर्ट की हिदायतों का पालन नहीं किया, वही मुलाजिमों से मिलने से भी मना कर दिया है। उन्होंने करीब एक माह पहले भूख हड़ताल शुरू की थी। जिस दौरान एक्सईएन ने बीस दिन का समय मांगा था, जिसमें इस फैसले को लागू करने की बात कही थी। मगर अब बीस माह से भी समय अधिक हो चुका है। मजबूरन उन्हें दोबारा यह संघर्ष शुरू करना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह का माहौल खराब होने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों की होगी।
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मुक्तसर। बिजली विभाग के रिटायर्ड कर्मियों को हाईकोर्ट की ओर से जारी फैसले के अनुसार उचित हक न देने के कारण गुस्साए पावरकॉम कर्मियों ने वीरवार को एक्साईएन के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वीरवार को लाहौरा सिंह व साथी बलविंदर सिंह भूख हड़ताल पर बैठे। मुलाजिम 23 वर्षीय स्केल विभाग की हिदायतों के अनुसार देने की मांग रहे हैं। एक्सइएन द्वारा स्केल देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए इंसाफ की मांग की गई थी। जिस पर हाइकोर्ट द्वारा जनवरी 2016 में मुलाजिमों के हक में फैसला सुनाया था। बावजूद इसके एक्सईएन ने जहां हाईकोर्ट की हिदायतों का पालन नहीं किया, वही मुलाजिमों से मिलने से भी मना कर दिया है। उन्होंने करीब एक माह पहले भूख हड़ताल शुरू की थी। जिस दौरान एक्सईएन ने बीस दिन का समय मांगा था, जिसमें इस फैसले को लागू करने की बात कही थी। मगर अब बीस माह से भी समय अधिक हो चुका है। मजबूरन उन्हें दोबारा यह संघर्ष शुरू करना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह का माहौल खराब होने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों की होगी।