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Jalandhar News: नहर में कटाव आने से 3 हजार एकड़ भूमि का रकबा प्रभावित
Wed, 06 Dec 2023 11:13 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Wed, 06 Dec 2023 11:13 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अबोहर। उपमंडल के गांव बहादुर खेड़ा से गुजरती नहर में बुधवार सुबह 80 फुट का कटाव आने से इस क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां के किसान सरबजीत सिंह, सुखजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, करन नागपाल, सिमरन पन्नू, परमजीत सिंह, गुरमुख सिंह, लखविंदर सिंह, दविंदर सिंह, गुरचरण सिंह, साहब राम पूनिया, रघु नागपाल व अन्य किसानों ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ कि इस नहर में कटाव आया हो।
सेमनाला गुजरने के चलते वर्ष 2011 से ही इसके टूटने का सिलसिला चला आ रहा है लेकिन विभाग द्वारा इसका आज तक स्थायी हल नहीं निकाला गया। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी नहर में 80 फुट कटाव आने से करीब 3 हजार एकड़ भूमि का रकबा प्रभावित हुआ है जिस तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पाया। इन दिनों किसानों को पानी की बेहद जरूरत है। टूटी नहर का पानी सेमनाले में जा रहा है। उन्होंने बताया कि जमीनी पानी अच्छा नहीं है, इसलिए वे फसलों को वह पानी नहीं लगा सकते। इस नहर के टूटने से बहादुर खेड़ा के साथ ही ढाबा कोकरियां व सरदारपुरा के किसान भी प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा इन गांवों के वाटर वर्क्स को भी इसी से नहरी पानी जाता है।
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अबोहर। उपमंडल के गांव बहादुर खेड़ा से गुजरती नहर में बुधवार सुबह 80 फुट का कटाव आने से इस क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां के किसान सरबजीत सिंह, सुखजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, करन नागपाल, सिमरन पन्नू, परमजीत सिंह, गुरमुख सिंह, लखविंदर सिंह, दविंदर सिंह, गुरचरण सिंह, साहब राम पूनिया, रघु नागपाल व अन्य किसानों ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ कि इस नहर में कटाव आया हो।
सेमनाला गुजरने के चलते वर्ष 2011 से ही इसके टूटने का सिलसिला चला आ रहा है लेकिन विभाग द्वारा इसका आज तक स्थायी हल नहीं निकाला गया। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी नहर में 80 फुट कटाव आने से करीब 3 हजार एकड़ भूमि का रकबा प्रभावित हुआ है जिस तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पाया। इन दिनों किसानों को पानी की बेहद जरूरत है। टूटी नहर का पानी सेमनाले में जा रहा है। उन्होंने बताया कि जमीनी पानी अच्छा नहीं है, इसलिए वे फसलों को वह पानी नहीं लगा सकते। इस नहर के टूटने से बहादुर खेड़ा के साथ ही ढाबा कोकरियां व सरदारपुरा के किसान भी प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा इन गांवों के वाटर वर्क्स को भी इसी से नहरी पानी जाता है।
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