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सिविल अस्पताल के चार डाक्टर पदोन्नति के बाद बने एसएमओ
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:26 PM IST
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कपूरथला की जनता से छिना माहिर डाक्टरों का लाभ
कपूरथला। सूबे में डाक्टरों की प्रमोशन सूची में चार कपूरथला के विशेषज्ञ डाक्टर भी शामिल हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस रूटीन प्रमोशन से जिला सिविल अस्पताल में जनता को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। जहां इन डाक्टरों के प्रमोट होकर एसएमओ बनने की खुशी है, लेकिन इन माहिर डाक्टरों का लाभ कपूरथला की जनता से छिन गया है।
कपूरथला सिविल में मरीजों को स्केनिंग के लिए एक मात्र रेडियोलोजिस्ट डॉ. कुलमिंदर कौर ही तैनात हैं, जिनसे रोजाना सिविल में आने वाले 40 से 50 मरीजों को स्केनिंग कराने का लाभ मिलता है। उनकी प्रमोशन के बाद अब तैनाती फरीदकोट के जिला अस्पताल में हुई है। इनके रिलीव होने से स्केनिंग का काम फिलहाल रुक जाएगा, क्योंकि उनके बाद कोई भी स्केनिंग लिए रजिस्टर्ड डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ तारा सिंह का कार्य का अपना नजरिया है। वह मरीजों के इलाज में यह भी भूल जाते है कि उनको अधिक समय बैठकर ड्यूटी देने के कारण बैकपैन भी है और बेल्ट लगाकर डेंगू सीजन में 18-18 घंटे की ओपीडी व एमरजेंसी ड्यूटी कर मरीजों लिए तत्पर रहे हैं। उनके सार्थक कार्य से सैकड़ों डेंगू मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हैं। उनकी प्रमोशन के बाद एसएमओ की तैनाती जिला होशियारपुर के कमाहिदेवी अस्पताल में हुई है। उनके रिलीव के बाद वैसे उनके बैकअप लिए डेपुटेशन पर आये डॉ मोहनप्रीत सिंह है, जोकि अभी भी समर्पण भावना से बेहतर कार्य कर रहे है। सीनियर डॉक्टर कुलदीप सिंह ने डेंगू सीजन में इमरजेंसी में आने वाले वायरल व अन्य बीमारियों के म रीजों के साथ-साथ हादसों में घायलों का भी इलाज समर्पण भाव से किया। उनकी प्रमोशन के बाद एसएमओ की तैनाती रोपड़ के भरतपुर में हुई है। सिविल अस्पताल में बने आधुनिक स्तर के दो आपरेशन थिऐटरों में गंभीर मरीजों के आपरेशनों में अहम भूमिका निभाने वाले एनएसथीसिया के डाक्टर अनिल मनचंदा की सिविल अस्पताल की टीम में अहम भूमिका है। उनकी प्रमोशन के बाद भी एसएमओ की तैनाती रोपड़ के जिला अस्पताल में हुई है। डा. अनिल मनचंदा के रिलीव होने के बाद आपरेशन थिऐटर में एनएसथीसिया के लिए समस्या खड़ी हो सकती है। कार्यकारी एसएमओ डा. संदीप धवन ने फिलहाल मेडिकल स्पेशलिस्ट डा. तारा सिंह के बैकअप के लिए डेपुटेशन पर आए डाक्टर मोहनप्रीत सिंह ही डा. कुलजीत सिंह का कार्य भी देखेंगे। रेडियोलोजिस्ट डा. कुलमिंदर कौर की जगह डा. पारीतोश गर्ग स्केनिंग का काम देख सकते है। एनएसथीसिया के लिए भी एक अन्य डाक्टर अशोक बैकअप के तौर मौजूद हैं। सूबे के सिविल अस्पतालों में डाक्टरों की कमी लंबे समय सेचली आ रही है। जिनको पूरा करने के लिए समय-समय पर विभाग को लिखा जाता है।
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कपूरथला। सूबे में डाक्टरों की प्रमोशन सूची में चार कपूरथला के विशेषज्ञ डाक्टर भी शामिल हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस रूटीन प्रमोशन से जिला सिविल अस्पताल में जनता को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। जहां इन डाक्टरों के प्रमोट होकर एसएमओ बनने की खुशी है, लेकिन इन माहिर डाक्टरों का लाभ कपूरथला की जनता से छिन गया है।
कपूरथला सिविल में मरीजों को स्केनिंग के लिए एक मात्र रेडियोलोजिस्ट डॉ. कुलमिंदर कौर ही तैनात हैं, जिनसे रोजाना सिविल में आने वाले 40 से 50 मरीजों को स्केनिंग कराने का लाभ मिलता है। उनकी प्रमोशन के बाद अब तैनाती फरीदकोट के जिला अस्पताल में हुई है। इनके रिलीव होने से स्केनिंग का काम फिलहाल रुक जाएगा, क्योंकि उनके बाद कोई भी स्केनिंग लिए रजिस्टर्ड डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ तारा सिंह का कार्य का अपना नजरिया है। वह मरीजों के इलाज में यह भी भूल जाते है कि उनको अधिक समय बैठकर ड्यूटी देने के कारण बैकपैन भी है और बेल्ट लगाकर डेंगू सीजन में 18-18 घंटे की ओपीडी व एमरजेंसी ड्यूटी कर मरीजों लिए तत्पर रहे हैं। उनके सार्थक कार्य से सैकड़ों डेंगू मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हैं। उनकी प्रमोशन के बाद एसएमओ की तैनाती जिला होशियारपुर के कमाहिदेवी अस्पताल में हुई है। उनके रिलीव के बाद वैसे उनके बैकअप लिए डेपुटेशन पर आये डॉ मोहनप्रीत सिंह है, जोकि अभी भी समर्पण भावना से बेहतर कार्य कर रहे है। सीनियर डॉक्टर कुलदीप सिंह ने डेंगू सीजन में इमरजेंसी में आने वाले वायरल व अन्य बीमारियों के म रीजों के साथ-साथ हादसों में घायलों का भी इलाज समर्पण भाव से किया। उनकी प्रमोशन के बाद एसएमओ की तैनाती रोपड़ के भरतपुर में हुई है। सिविल अस्पताल में बने आधुनिक स्तर के दो आपरेशन थिऐटरों में गंभीर मरीजों के आपरेशनों में अहम भूमिका निभाने वाले एनएसथीसिया के डाक्टर अनिल मनचंदा की सिविल अस्पताल की टीम में अहम भूमिका है। उनकी प्रमोशन के बाद भी एसएमओ की तैनाती रोपड़ के जिला अस्पताल में हुई है। डा. अनिल मनचंदा के रिलीव होने के बाद आपरेशन थिऐटर में एनएसथीसिया के लिए समस्या खड़ी हो सकती है। कार्यकारी एसएमओ डा. संदीप धवन ने फिलहाल मेडिकल स्पेशलिस्ट डा. तारा सिंह के बैकअप के लिए डेपुटेशन पर आए डाक्टर मोहनप्रीत सिंह ही डा. कुलजीत सिंह का कार्य भी देखेंगे। रेडियोलोजिस्ट डा. कुलमिंदर कौर की जगह डा. पारीतोश गर्ग स्केनिंग का काम देख सकते है। एनएसथीसिया के लिए भी एक अन्य डाक्टर अशोक बैकअप के तौर मौजूद हैं। सूबे के सिविल अस्पतालों में डाक्टरों की कमी लंबे समय सेचली आ रही है। जिनको पूरा करने के लिए समय-समय पर विभाग को लिखा जाता है।
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