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कैप्टन की जफ्फी से केपी के चेहरे पर आई मुस्कान, कैप्टन केपी को कोठी से लेकर चौधरी के नामांकन दाखिल करवाने

Mon, 22 Apr 2019 10:43 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 22 Apr 2019 10:43 PM IST
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कैप्टन की जफ्फी से केपी के चेहरे पर आई मुस्कान, कैप्टन केपी को कोठी से लेकर चौधरी के नामांकन दाखिल करवाने
सीएम की जफ्फी से केपी के चेहरे पर आई मुस्कान
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केपी को मनाने में कामयाब रहे कैप्टन और जाखड़
कैप्टन केपी को कोठी से चौधरी का नामांकन दाखिल कराने साथ लेकर गए
केपी को सरकार व कांग्रेस वर्किंग कमेटी में मिल सकता है स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। सोमवार को पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने माडल टाउन स्थित पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी के निवास पर जाकर उनको जफ्फी डाली, जिससे केपी के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। कैप्टन ने केपी की कोठी में उनके साथ बंद कमरे में 10 मिनट बैठक की और केपी को साथ गाड़ी में बिठाकर चौधरी संतोख सिंह का नामांकन दाखिल कराने के लिए निकल गए। इससे चौधरी संतोख सिंह ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी उनके लिए काफी खतरा बने थे।
सुबह से ही केपी की कोठी पर भीड़ लगनी शुरू हो गई थी, उनके समर्थक मिलने के लिए पहुंचने लगे थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह को सुबह साढ़े 10 बजे केपी के निवास पर पहुंचना था, लेकिन कैप्टन करीब 12 बजे केपी के निवास पर पहुंचे। वहां कांग्रेस के महासचिव मनोज अरोड़ा के अलावा पूर्व विधायक जगबीर बराड़ व कैप्टन के पूर्व ओएसडी सोनू ढेसी समेत कई सीनियर नेता पहुंच चुके थे। कैप्टन के साथ पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के अलावा रवीन ठुकराल केपी की कोठी पर पहुंचे तो नेताओं ने मोहिंदर सिंह केपी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। कैप्टन वर्करों से मिले बिना सीधा केपी की कोठी में चले गए। जहां पर विधायक राणा गुरजीत सिंह भी थे।
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केपी के ड्राइंग रूम में नेताओं के साथ कैप्टन ने बातचीत की और बाद में केपी व उनके परिवार के साथ अलग से वार्ता की। इसके बाद केपी व कैप्टन हंसते हुए ड्राइंग रूम से निकले और कैप्टन सीधा केपी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर लेकर गए। केपी ने टिकट न मिलने से विद्रोह का बिगुल फूंक रखा था और यहां तक की महापंचायत भी बुला ली थी, लेकिन 15 अप्रैल को केपी को सीधा दिल्ली बुला लिया गया। वहां पर केपी की मुलाकात अहमद पटेल के अलावा आशा कुमारी व अन्य नेताओं से हुई। इसके बाद केपी का रुख नर्म हो गया था। सोमवार को चौधरी संतोख सिंह ने नामांकन दा खिल करना था। लेकिन कैप्टन ने केपी को जफ्फी डालकर चौधरी केपी के बीच चल रही खटास का पटापेक्ष कर दिया है।
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रैली में हाथ हिलाकर चले गए केपी
टिकट न मिलने से नाराज पूर्व सांसद मोहिंदर केपी को स्टेज संचालक ने स्टेज पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उपस्थित लोगों का धन्यवाद करने के लिए बुलाया गया। केपी ने संबोधन नहीं किया और हाथ हिलाकर चले गए।

आप नेता गुलशन शर्मा कांग्रेस में शामिल
रैली के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता गुलशन शर्मा को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस में शामिल किया। गुलशन शर्मा ने नार्थ जोन हलका से चुनाव लड़ा था। गुलशन शर्मा को विधायक बावा हेनरी ने कांग्रेस में शामिल करवाया। वह पहले भी हेनरी परिवार के नजदीक थे लेकिन 2017 में वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे और चुनाव लड़ा था। अब वह दोबारा हेनरी परिवार के निकट आ गए हैं।


उद्यमियों को इशारा कर गए कैप्टन
घर-घर रोजगार योजना में प्राइवेट नौकरी दिलाने पर कैप्टन ने कहा कि सरकार में सिर्फ तीन लाख नौकरियां हैं और हर साल 11 हजार रिटायर होते हैं, उतनी ही सरकारी नौकरी मिल सकती है। जालंधर में इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाएंगे। कोड खत्म होने के बाद जमीन एक्वायर करेंगे और इस योजना से लोगों को रोजगार मिलेगा। इस दौरान काफी उद्यमी भी कांग्रेस की रैली में थे, जिन्होंने कैप्टन के इस बयान की सराहना की।
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