{"_id":"5a0f15a14f1c1bd9798bd186","slug":"141510938017-jalandhar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों को लेकर गरजे बिजली कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों को लेकर गरजे बिजली कर्मचारी
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:43 PM IST
विज्ञापन
पावरकॉम मैनेजमेंट की वादाखिलाफी के खिलाफ प्रदर्शन
बिजली कर्मचारियों ने की सरकार और मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
जिले के समूह बिजली कर्मचारियों की ओर से शुक्रवार को पावरकॉम मैनेजमेंट की वादाखिलाफी के खिलाफ रोष धरना दिया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार और मैनेजमेंट के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बीते दो सालों से मैनेजमेंट बार-बार बैठक कर मुलाजिमों की मांगों पर सहमति करती है, लेकिन उनके संघर्ष वापस लेने के बाद बैठक में हुई सहमतियों को लागू नहीं करती। इस वजह से मुलाजिमों में रोष पाया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि पिछली अकाली भाजपा सरकार की तरह ही कैप्टन सरकार भी खजाना खाली होने का कहकर टालमटोल कर रही है। इसके चलते मुलाजिमों को अपनी मांगों मनवाने के लिए बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
नेताओं ने मांग की कि विभाग में काम करते ठेका आधारित कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जाए, उनको रेगुलर किया जाए, पे-बैंड का मसला तुरंत हल किया जाए। वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उपरोक्त मांगें पहल के आधार पर हल न की गईं तो 21 नवंबर को हेड आफिस पटियाला में दिए जा रहे धरने में कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली कर्मचारियों ने की सरकार और मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
जिले के समूह बिजली कर्मचारियों की ओर से शुक्रवार को पावरकॉम मैनेजमेंट की वादाखिलाफी के खिलाफ रोष धरना दिया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार और मैनेजमेंट के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बीते दो सालों से मैनेजमेंट बार-बार बैठक कर मुलाजिमों की मांगों पर सहमति करती है, लेकिन उनके संघर्ष वापस लेने के बाद बैठक में हुई सहमतियों को लागू नहीं करती। इस वजह से मुलाजिमों में रोष पाया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि पिछली अकाली भाजपा सरकार की तरह ही कैप्टन सरकार भी खजाना खाली होने का कहकर टालमटोल कर रही है। इसके चलते मुलाजिमों को अपनी मांगों मनवाने के लिए बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
विज्ञापन
नेताओं ने मांग की कि विभाग में काम करते ठेका आधारित कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जाए, उनको रेगुलर किया जाए, पे-बैंड का मसला तुरंत हल किया जाए। वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उपरोक्त मांगें पहल के आधार पर हल न की गईं तो 21 नवंबर को हेड आफिस पटियाला में दिए जा रहे धरने में कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
विज्ञापन