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राणा गुरजीत सिंह के समधी को अदालत का झटका, सटरलिंग विला के रास्ते पर दिया स्टे
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राणा गुरजीत सिंह के समधी को अदालत से झटका
स्ट्रलिंग विला के रास्ते पर दिया स्टे, उद्यमियों के फार्म हाउस को जाने वाला रास्ता बंद नहीं होगा
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत सिंह के एनआरआई समधी अमृतपाल को अदालत से भी झटका लगा है। अदालत ने स्ट्रलिंग टाऊन विला को जाने वाले रास्ते के मामले में स्टे कर दिया है। यानी अब रास्ता तब तक खुला रहेगा, जब तक अदालत का फाइनल फैसला नहीं आ जाता। इससे शहर के उन उद्यमियों व कारोबारियों ने राहत की सांस ली है, जिन्होंने वहां पर फार्म हाउस खरीदे थे।
रियल एस्टेट कारोबारी व होटल रमाडा के मालिक राजन चोपड़ा ने रास्ता बंद करने की कोशिश को लेकर अदालत में स्टे की याचिका दायर की थी। रियल इस्टेट कारोबारी राजन चोपड़ा ने बताया कि 2007 में कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह के समधी अमृतपाल व उसके साले परमप्रीत सिंह ने गांव कादियांवाली व धनाल में 41 एकड़ जमीन का जमींदार के साथ सौदा कर बयाना किया था। जिसमें 66 फुट रोड पर जमीन का 200 फुट फ्रंट था। दोनों जीजा साला ने जमीन का सौदा आगे उनकी कंपनी स्ट्रलिंग टाउन विला के साथ कर लिया और राणा के समधी ने 10-15 नामवर लोगों की जमीन की रजिस्ट्रियां खुद करवाकर उनके फार्म हाउस को दे दी।
कुछ फार्म हाउस का बाकायदा नक्शा पास हुआ, जिसमें 66 फुट रोड से रास्ता दिखाया गया। वहां से 60 फुट की रोड बनाकर आगे फार्म हाउस को दे दिया गया था। आरोप है कि इस बीच जीजा साला ने मिलीभगत कर फ्रंट के प्लाट, जिसका फ्रंट 200 फुट था, उसकी रजिस्टरी अपनी बहन यानी अमृतपाल की पत्नी जगदीप कौर के नाम 2011 में करवा दी। इसी प्लाट से 60 फुट का रास्ता बना हुआ था, जो आगे फार्म हाउसों को जाता था।
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बता दें कि शनिवार को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नीति सोनी की शिकायत पर जांच के आदेश दिए हैं। अमृतपाल ने मौके पर आई महिला कारोबारी निती सोनी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। रास्ते पर जबरन कब्जे की कोशिश से तमाम फार्म हाउस के मालिक परेशान थे। शनिवार को होटल रमाडा के मालिक राजन चोपड़ा ने याचिका दायर की थी कि रास्ता बंद होने से काफी परेशानी होगी। जिस पर अदालत ने स्टे जारी कर दिया है। निती सोनी ने कहा कि उनकी दो शिकायतें कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास जा चुकी हैं, जिनकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
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स्ट्रलिंग विला के रास्ते पर दिया स्टे, उद्यमियों के फार्म हाउस को जाने वाला रास्ता बंद नहीं होगा
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत सिंह के एनआरआई समधी अमृतपाल को अदालत से भी झटका लगा है। अदालत ने स्ट्रलिंग टाऊन विला को जाने वाले रास्ते के मामले में स्टे कर दिया है। यानी अब रास्ता तब तक खुला रहेगा, जब तक अदालत का फाइनल फैसला नहीं आ जाता। इससे शहर के उन उद्यमियों व कारोबारियों ने राहत की सांस ली है, जिन्होंने वहां पर फार्म हाउस खरीदे थे।
रियल एस्टेट कारोबारी व होटल रमाडा के मालिक राजन चोपड़ा ने रास्ता बंद करने की कोशिश को लेकर अदालत में स्टे की याचिका दायर की थी। रियल इस्टेट कारोबारी राजन चोपड़ा ने बताया कि 2007 में कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह के समधी अमृतपाल व उसके साले परमप्रीत सिंह ने गांव कादियांवाली व धनाल में 41 एकड़ जमीन का जमींदार के साथ सौदा कर बयाना किया था। जिसमें 66 फुट रोड पर जमीन का 200 फुट फ्रंट था। दोनों जीजा साला ने जमीन का सौदा आगे उनकी कंपनी स्ट्रलिंग टाउन विला के साथ कर लिया और राणा के समधी ने 10-15 नामवर लोगों की जमीन की रजिस्ट्रियां खुद करवाकर उनके फार्म हाउस को दे दी।
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कुछ फार्म हाउस का बाकायदा नक्शा पास हुआ, जिसमें 66 फुट रोड से रास्ता दिखाया गया। वहां से 60 फुट की रोड बनाकर आगे फार्म हाउस को दे दिया गया था। आरोप है कि इस बीच जीजा साला ने मिलीभगत कर फ्रंट के प्लाट, जिसका फ्रंट 200 फुट था, उसकी रजिस्टरी अपनी बहन यानी अमृतपाल की पत्नी जगदीप कौर के नाम 2011 में करवा दी। इसी प्लाट से 60 फुट का रास्ता बना हुआ था, जो आगे फार्म हाउसों को जाता था।
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बता दें कि शनिवार को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नीति सोनी की शिकायत पर जांच के आदेश दिए हैं। अमृतपाल ने मौके पर आई महिला कारोबारी निती सोनी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। रास्ते पर जबरन कब्जे की कोशिश से तमाम फार्म हाउस के मालिक परेशान थे। शनिवार को होटल रमाडा के मालिक राजन चोपड़ा ने याचिका दायर की थी कि रास्ता बंद होने से काफी परेशानी होगी। जिस पर अदालत ने स्टे जारी कर दिया है। निती सोनी ने कहा कि उनकी दो शिकायतें कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास जा चुकी हैं, जिनकी जांच के आदेश दिए गए हैं।