{"_id":"5be5bce6bdec22697652b4ea","slug":"131541782758-jalandhar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटकपूरा गोलीकांड-एसआईटी के समक्ष पेश हुए मनतार सिंह बराड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटकपूरा गोलीकांड-एसआईटी के समक्ष पेश हुए मनतार सिंह बराड़
Updated Fri, 09 Nov 2018 10:29 PM IST
विज्ञापन
पूर्व विधायक मनतार बराड़ एसआईटी के सामने पेश
कोटकपूरा गोलीकांड: एसडीएम और डीएसपी ने भी दर्ज करवाए बयान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। पंजाब सरकार के आदेश पर तीन साल पुराने बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाओं की जांच पंजाब पुलिस की एसआईटी द्वारा की जा रही है। शुक्रवार को फरीदकोट के रेस्ट हाउस में शिअद जिलाध्यक्ष और कोटकपूरा के पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ ने एसआईटी के सदस्य व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह के पास अपने बयान दर्ज करवाए। साथ ही घटना के समय कोटकपूरा में तैनात एसडीएम हरजीत सिंह संधू और डीएसपी बलजीत सिंह सिद्धू भी एसआईटी के सामने पेश हुए। एसआईटी द्वारा पूर्व विधायक बराड़ समेत इन दोनों अधिकारियों से 14 अक्टूबर 2015 को पेश आए कोटकपूरा गोलीकांड में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी ली।
पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ ने कहा कि बरगाड़ी में पावन ग्रंथ की बेअदबी मामले को लेकर पैदा हुए हालात को लेकर वे काफी चिंतिंत थे। इस घटना के विरोध में 14 अक्तूबर 2015 को उन्होंने कोटकपूरा के मुख्य चौक में दिए जा रहे रोष धरने का शांतिपूर्वक व बातचीत के माध्यम से हल करवाने के लिए मुख्यमंत्री और डीजीपी से फोन पर बात भी की थी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन पंजाब सरकार की मंशा के मुताबिक पुलिस भी शांतिपूर्वक ढंग से काम कर रही थी, लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने माहौल को बिगाड़ दिया। इसके कारण ही पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। उन्होंने कहा कि चूंकि घटना के समय वह मौके पर मौजूद ही नहीं थे, ऐसे में उन्हें यह जानकारी नहीं है कि वहां पर ऐसा क्या हुआ कि पुलिस को बल उपयोग करना पड़ा।
उन्होंने इस बात को सिरे से इंकार किया कि अकाली सरकार बेअदबी मामले को सुलझाने के प्रति गंभीर नहीं थी। उन्होंने कहा कि बेअदबी का मामला काफी उलझा हुआ है, तभी तो अभी तक कैप्टन सरकार भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। इस मामले में एसआईटी सदस्य और आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि इन दोनों घटनाओं की निष्पक्षता से जांच हो रही है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जा रही है। एसआईटी को इन दोनों घटनाओं के बारे में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में 14 नवंबर को अपनी स्टेट्स रिपोर्ट पेश करनी है और पिछले एक माह के दौरान एसआईटी द्वारा करीब 100 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
फोटो 09एफआरडीपी01
फरीदकोट में एसआईटी के पास बयान दर्ज करवाने के बाद पत्रकारों से बात करते पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ ।
विज्ञापन
कोटकपूरा गोलीकांड: एसडीएम और डीएसपी ने भी दर्ज करवाए बयान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। पंजाब सरकार के आदेश पर तीन साल पुराने बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाओं की जांच पंजाब पुलिस की एसआईटी द्वारा की जा रही है। शुक्रवार को फरीदकोट के रेस्ट हाउस में शिअद जिलाध्यक्ष और कोटकपूरा के पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ ने एसआईटी के सदस्य व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह के पास अपने बयान दर्ज करवाए। साथ ही घटना के समय कोटकपूरा में तैनात एसडीएम हरजीत सिंह संधू और डीएसपी बलजीत सिंह सिद्धू भी एसआईटी के सामने पेश हुए। एसआईटी द्वारा पूर्व विधायक बराड़ समेत इन दोनों अधिकारियों से 14 अक्टूबर 2015 को पेश आए कोटकपूरा गोलीकांड में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी ली।
पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ ने कहा कि बरगाड़ी में पावन ग्रंथ की बेअदबी मामले को लेकर पैदा हुए हालात को लेकर वे काफी चिंतिंत थे। इस घटना के विरोध में 14 अक्तूबर 2015 को उन्होंने कोटकपूरा के मुख्य चौक में दिए जा रहे रोष धरने का शांतिपूर्वक व बातचीत के माध्यम से हल करवाने के लिए मुख्यमंत्री और डीजीपी से फोन पर बात भी की थी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन पंजाब सरकार की मंशा के मुताबिक पुलिस भी शांतिपूर्वक ढंग से काम कर रही थी, लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने माहौल को बिगाड़ दिया। इसके कारण ही पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। उन्होंने कहा कि चूंकि घटना के समय वह मौके पर मौजूद ही नहीं थे, ऐसे में उन्हें यह जानकारी नहीं है कि वहां पर ऐसा क्या हुआ कि पुलिस को बल उपयोग करना पड़ा।
विज्ञापन
उन्होंने इस बात को सिरे से इंकार किया कि अकाली सरकार बेअदबी मामले को सुलझाने के प्रति गंभीर नहीं थी। उन्होंने कहा कि बेअदबी का मामला काफी उलझा हुआ है, तभी तो अभी तक कैप्टन सरकार भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। इस मामले में एसआईटी सदस्य और आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि इन दोनों घटनाओं की निष्पक्षता से जांच हो रही है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जा रही है। एसआईटी को इन दोनों घटनाओं के बारे में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में 14 नवंबर को अपनी स्टेट्स रिपोर्ट पेश करनी है और पिछले एक माह के दौरान एसआईटी द्वारा करीब 100 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
फोटो 09एफआरडीपी01
फरीदकोट में एसआईटी के पास बयान दर्ज करवाने के बाद पत्रकारों से बात करते पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ ।