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जिले में एक हजार हैक्टेयर की हुई वृद्धि
Updated Sat, 23 Jun 2018 09:35 PM IST
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जिले में एक हजार हक्टेयर की हुई वृद्धि
जालंधर। खेती विभिन्नता के अधीन 1000 हेक्टेयर क्षेत्रफल का विस्तार कर जालंधर जिला पंजाब के अन्य जिलों के लिए मार्गदर्शक के तौर पर सामने आया है। किसानों ने जालंधर में खेती विभिन्नता लाते हुए इस बार 32 हजार 787 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल बीजी है, जिससे 7.20 लाख मीट्रिक टन पैदावार की आशा है। जालंधर के जिलाधीश वरिंदर कुमार शर्मा ने बताया कि आज जब राज्य का अन्नदाता संकट में है तो इस स्थिति में फसली विभिन्नता उनके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती है।
इस अवसर पर बागबानी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सतबीर सिंह ने कहा कि फसली विभिन्नता के प्रोजेक्ट के तहत क्षेत्र के किसान आलू के बीज यहां तैयार करते हैं, जिसकी उड़ीसा, आसाम व अन्य राज्यों में भारी मांग होती है। उन्होंने कहा कि फसली विभिन्नता किसानों के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध हो रही है जिस से क्षेत्र के किसान बहुत तरक्की कर रहे हैं।
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जालंधर। खेती विभिन्नता के अधीन 1000 हेक्टेयर क्षेत्रफल का विस्तार कर जालंधर जिला पंजाब के अन्य जिलों के लिए मार्गदर्शक के तौर पर सामने आया है। किसानों ने जालंधर में खेती विभिन्नता लाते हुए इस बार 32 हजार 787 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल बीजी है, जिससे 7.20 लाख मीट्रिक टन पैदावार की आशा है। जालंधर के जिलाधीश वरिंदर कुमार शर्मा ने बताया कि आज जब राज्य का अन्नदाता संकट में है तो इस स्थिति में फसली विभिन्नता उनके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती है।
इस अवसर पर बागबानी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सतबीर सिंह ने कहा कि फसली विभिन्नता के प्रोजेक्ट के तहत क्षेत्र के किसान आलू के बीज यहां तैयार करते हैं, जिसकी उड़ीसा, आसाम व अन्य राज्यों में भारी मांग होती है। उन्होंने कहा कि फसली विभिन्नता किसानों के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध हो रही है जिस से क्षेत्र के किसान बहुत तरक्की कर रहे हैं।
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