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आधी रात को प्रशासन ने समाप्त करवाया भाखर का आमरण अनशन
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आधी रात को प्रशासन ने तुड़वाया आप नेता का आमरण अनशन
पानी न पीने से बिगड़ गई थी रघुबीर भाखर की हालत हालत
फाजिल्का को लावारिस पशुओं से मुक्त कराने के लिए 10 फरवरी से कर रहे थे आमरण अनशन
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान व भारतीय गौवंश के पालन-पोषण की मांग को लेकर अढ़ाई महीने तक धरना लगाने के बाद पिछले 10 दिन से आमरण अनशन पर बैठे आम आदमी पार्टी के नेता रघुबीर भाखर की हालत अचानक बिगड़ गई। जिसका पता चलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और शहर के गणमान्य लोगों की मध्यस्थता से अनशन खत्म कराया। भाखर ने पत्रकारों के हाथों से जूस पीते हुए अपना आमरण अनशन स्थगित कर दिया। बाद में उन्हें जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया। भाखर ने 20 फरवरी से पानी का भी त्याग कर दिया था। ज्ञात हो कि बेसहारा पशुओं की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता रघुबीर भाखर लगातार अढ़ाई महीने तक धरने पर बैठे, इसके बाद 10 फरवरी से आमरण अनशन और 20 फरवरी से निर्जल अनशन शुरू किया। लेकिन रात को ही उनकी तबीयत बिगड़ने के कारण अनशन तुड़वाया गया।
आमरण अनशन समाप्त करने से पहले पत्रकारों से बातचीत में भाखर ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर उनका विरोध समाप्त नहीं हुआ, सिर्फ स्थगित किया है और इसी 25 फरवरी से गैर राजनीतिक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें शहर के सभी राजनीतिक दलों, समाज सेवी व धार्मिक संगठनों, शहरी ग्रामीण नागरिकों की मदद से जिला फाजिल्का को बेसहारा पशुओं से मुक्त कराने का मुद्दा उठाया जाएगा। भाखर की हालत खराब होने की सूचना मिलते ही एसडीएम पूनम सिंह, एसपी विनोद चौधरी, नायब तहसीलदार बलजिंदर सिंह व अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचें और आमरण अनशन त्यागने की अपील की। इसी दौरान एसडीएम ने कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष विमल ठठई, नर सेवा नारायण सेवा समिति के मुख्य सेवादार राजू चराया व पत्रकारों को मौके पर बुलाया। लगातार कम होता जा रहा भाखर का शुगर स्तर उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता था। करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद रघुबीर भाखर ने पत्रकारों के हाथों से जूस पीकर आमरण अनशन स्थगित कर दिया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक घंटे तक चले इलाज के बाद उसकी हालत में कुछ सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इससे पूर्व शिरोमणि अकाली दल के शहरी प्रधान सुरेश सतीजा ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर रघुबीर भाखर से अनशन तोड़ने की अपील की और उन्होंने ही भाखर की हालत नाजुक होने की बात प्रशासन तक पहुंचाई।
इस मौके पर मौजूद आम आदमी पार्टी के फिरोजपुर लोकसभा इंचार्ज सुखराज सिंह गोरा ने कहा कि रघुबीर भाखर के इस निर्णय का पार्टी ने पूरा सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि पार्टी हाईकमान के आदेशों पर वे पिछले सात दिनों से इस धरने में रघुबीर भाखर के साथ मौजूद रहे और भविष्य में भी उनका साथ देंगे।
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इस समाचार की फोटो एबीआर 1 भेजी जा रही है।
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पानी न पीने से बिगड़ गई थी रघुबीर भाखर की हालत हालत
फाजिल्का को लावारिस पशुओं से मुक्त कराने के लिए 10 फरवरी से कर रहे थे आमरण अनशन
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान व भारतीय गौवंश के पालन-पोषण की मांग को लेकर अढ़ाई महीने तक धरना लगाने के बाद पिछले 10 दिन से आमरण अनशन पर बैठे आम आदमी पार्टी के नेता रघुबीर भाखर की हालत अचानक बिगड़ गई। जिसका पता चलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और शहर के गणमान्य लोगों की मध्यस्थता से अनशन खत्म कराया। भाखर ने पत्रकारों के हाथों से जूस पीते हुए अपना आमरण अनशन स्थगित कर दिया। बाद में उन्हें जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया। भाखर ने 20 फरवरी से पानी का भी त्याग कर दिया था। ज्ञात हो कि बेसहारा पशुओं की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता रघुबीर भाखर लगातार अढ़ाई महीने तक धरने पर बैठे, इसके बाद 10 फरवरी से आमरण अनशन और 20 फरवरी से निर्जल अनशन शुरू किया। लेकिन रात को ही उनकी तबीयत बिगड़ने के कारण अनशन तुड़वाया गया।
आमरण अनशन समाप्त करने से पहले पत्रकारों से बातचीत में भाखर ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर उनका विरोध समाप्त नहीं हुआ, सिर्फ स्थगित किया है और इसी 25 फरवरी से गैर राजनीतिक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें शहर के सभी राजनीतिक दलों, समाज सेवी व धार्मिक संगठनों, शहरी ग्रामीण नागरिकों की मदद से जिला फाजिल्का को बेसहारा पशुओं से मुक्त कराने का मुद्दा उठाया जाएगा। भाखर की हालत खराब होने की सूचना मिलते ही एसडीएम पूनम सिंह, एसपी विनोद चौधरी, नायब तहसीलदार बलजिंदर सिंह व अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचें और आमरण अनशन त्यागने की अपील की। इसी दौरान एसडीएम ने कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष विमल ठठई, नर सेवा नारायण सेवा समिति के मुख्य सेवादार राजू चराया व पत्रकारों को मौके पर बुलाया। लगातार कम होता जा रहा भाखर का शुगर स्तर उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता था। करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद रघुबीर भाखर ने पत्रकारों के हाथों से जूस पीकर आमरण अनशन स्थगित कर दिया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक घंटे तक चले इलाज के बाद उसकी हालत में कुछ सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इससे पूर्व शिरोमणि अकाली दल के शहरी प्रधान सुरेश सतीजा ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर रघुबीर भाखर से अनशन तोड़ने की अपील की और उन्होंने ही भाखर की हालत नाजुक होने की बात प्रशासन तक पहुंचाई।
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इस मौके पर मौजूद आम आदमी पार्टी के फिरोजपुर लोकसभा इंचार्ज सुखराज सिंह गोरा ने कहा कि रघुबीर भाखर के इस निर्णय का पार्टी ने पूरा सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि पार्टी हाईकमान के आदेशों पर वे पिछले सात दिनों से इस धरने में रघुबीर भाखर के साथ मौजूद रहे और भविष्य में भी उनका साथ देंगे।
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