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7.45 करोड़ के धान गबन मामले में क्लीट चिट की तैयारी से विवाद
Updated Sun, 24 Jun 2018 10:28 PM IST
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7.45 करोड़ के धान गबन मामले में क्लीट चिट की तैयारी पर विवाद
मिलिंग के लिए पनसप ने करवाया था स्टोर, गायब मिले थे 1 लाख तीन हजार 400 कट्टे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
जिले की एक राइस मिल से मिलिंग के लिए स्टोर किए गए पनसप के धान के 1 लाख तीन हजार 400 कट्टे गायब होने के मामले में जिला पुलिस की ओर से राइस मिलर को क्लीन चिट देने की तैयारी पर विवाद खड़ा हो गया है। इस केस में पनसप के जिला मैनेजर ने पुलिस के पास लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि धान गायब करने वाले एवरेस्ट राइस मिल के मालिक मलकीत सिंह व उसके एक सहयोगी राइस मिलर पर आपराधिक केस दर्ज करने की मांग की गई थी। इसपर जिले के डीएसपी ने पड़ताल की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में राइस मिलरों को क्लीन चिट देते हुए विभाग को रिकवरी के लिए सिविल शूट दायर करने की सलाह दी है। डीएसपी की इस रिपोर्ट पर बवाल खड़ा हो गया है। इसके बाद पनसप व जिला पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार पनसप ने साल 2017-18 के दौरान फरीदकोट की एवरेस्ट राइस मिल में मिलिंग के लिए 2 लाख 67 हजार 968 कट्टे स्टोर करवाए थे। इनका चावल बनाकर वापस किया जाना था। यह मिल अकाली दल से जुड़े एक सीनियर नेता के करीबी मलकीत सिंह के नाम पर है। उसके कामकाज में अकाली नेता का बेटा भी बतौर सहयोगी था। नियम के मुताबिक मिल द्वारा चावल 31 मार्च 2018 तक जमा करवाया जाना था जिसमें विफल रहने पर विभाग ने 5 मई 2018 अपने जीएम (खरीद) चंडीगढ़ अजीतपाल सिंह सैनी के माध्यम से राइस मिल की फिजिकल वेरिफिकेशन करवाई। इस दौरान वहां से 1 लाख 3400 कट्टे कम मिले जिसकी कीमत 7.45 करोड़ रुपये बनती है। यह मामला सामने आते ही विभाग ने पनसप के जिला मैनेजर अमृतपाल सिंह व मिल की निगरानी करने वाले इंस्पेक्टर हंसा सिंह को सस्पेंड कर दिया था।
नए जिला मैनेजर संजीव शर्मा के माध्यम से 31 मई 2018 को जिला पुलिस के पास राइस मिलर पर केस दर्ज करवाने के लिए लिखित शिकायत सौंपी गई। सूत्रों का दावा है कि इस शिकायत पर पड़ताल करने वाले डीएसपी ने बड़े ही हास्यास्पद तर्क देकर मिलर को क्लीन चिट देने की सिफारिश की है। रिपोर्ट के मुताबिक मिल से धान चोरी होने या गायब होने का विभाग कोई सबूत पेश नहीं कर सका। मिल के मालिक मलकीत सिंह ने भी पुलिस के पास अपना बयान दर्ज करवाते हुए कहा कि उसने अपने सहयोगी राइस मिलर को मंडियों से माल लाने के लिए अधिकृत किया हुआ था। उसे राइस मिल के कारोबार के बारे में कोई ज्यादा जानकारी नहीं थी। डीएसपी ने अपनी रिपोर्ट में यहां तक तर्क दिया है कि धान काफी गीला था जिसकी वजह से वह सूख गया होगा। साथ ही विभाग से संबंधित अधिकारियों को अपने माल का ध्यान रखना चाहिए था। एसएसपी डा. नानक सिंह ने कहा कि धान गबन मामले में किसी आरोपी को क्लीन चिट देने का कोई सवाल पैदा नहीं होता। पुलिस ने डीए लीगल से राय मांगी हुई है। इसके आधार पर जल्द ही आरोपियों पर केस दर्ज किया जाएगा।
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मिलिंग के लिए पनसप ने करवाया था स्टोर, गायब मिले थे 1 लाख तीन हजार 400 कट्टे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
जिले की एक राइस मिल से मिलिंग के लिए स्टोर किए गए पनसप के धान के 1 लाख तीन हजार 400 कट्टे गायब होने के मामले में जिला पुलिस की ओर से राइस मिलर को क्लीन चिट देने की तैयारी पर विवाद खड़ा हो गया है। इस केस में पनसप के जिला मैनेजर ने पुलिस के पास लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि धान गायब करने वाले एवरेस्ट राइस मिल के मालिक मलकीत सिंह व उसके एक सहयोगी राइस मिलर पर आपराधिक केस दर्ज करने की मांग की गई थी। इसपर जिले के डीएसपी ने पड़ताल की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में राइस मिलरों को क्लीन चिट देते हुए विभाग को रिकवरी के लिए सिविल शूट दायर करने की सलाह दी है। डीएसपी की इस रिपोर्ट पर बवाल खड़ा हो गया है। इसके बाद पनसप व जिला पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार पनसप ने साल 2017-18 के दौरान फरीदकोट की एवरेस्ट राइस मिल में मिलिंग के लिए 2 लाख 67 हजार 968 कट्टे स्टोर करवाए थे। इनका चावल बनाकर वापस किया जाना था। यह मिल अकाली दल से जुड़े एक सीनियर नेता के करीबी मलकीत सिंह के नाम पर है। उसके कामकाज में अकाली नेता का बेटा भी बतौर सहयोगी था। नियम के मुताबिक मिल द्वारा चावल 31 मार्च 2018 तक जमा करवाया जाना था जिसमें विफल रहने पर विभाग ने 5 मई 2018 अपने जीएम (खरीद) चंडीगढ़ अजीतपाल सिंह सैनी के माध्यम से राइस मिल की फिजिकल वेरिफिकेशन करवाई। इस दौरान वहां से 1 लाख 3400 कट्टे कम मिले जिसकी कीमत 7.45 करोड़ रुपये बनती है। यह मामला सामने आते ही विभाग ने पनसप के जिला मैनेजर अमृतपाल सिंह व मिल की निगरानी करने वाले इंस्पेक्टर हंसा सिंह को सस्पेंड कर दिया था।
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नए जिला मैनेजर संजीव शर्मा के माध्यम से 31 मई 2018 को जिला पुलिस के पास राइस मिलर पर केस दर्ज करवाने के लिए लिखित शिकायत सौंपी गई। सूत्रों का दावा है कि इस शिकायत पर पड़ताल करने वाले डीएसपी ने बड़े ही हास्यास्पद तर्क देकर मिलर को क्लीन चिट देने की सिफारिश की है। रिपोर्ट के मुताबिक मिल से धान चोरी होने या गायब होने का विभाग कोई सबूत पेश नहीं कर सका। मिल के मालिक मलकीत सिंह ने भी पुलिस के पास अपना बयान दर्ज करवाते हुए कहा कि उसने अपने सहयोगी राइस मिलर को मंडियों से माल लाने के लिए अधिकृत किया हुआ था। उसे राइस मिल के कारोबार के बारे में कोई ज्यादा जानकारी नहीं थी। डीएसपी ने अपनी रिपोर्ट में यहां तक तर्क दिया है कि धान काफी गीला था जिसकी वजह से वह सूख गया होगा। साथ ही विभाग से संबंधित अधिकारियों को अपने माल का ध्यान रखना चाहिए था। एसएसपी डा. नानक सिंह ने कहा कि धान गबन मामले में किसी आरोपी को क्लीन चिट देने का कोई सवाल पैदा नहीं होता। पुलिस ने डीए लीगल से राय मांगी हुई है। इसके आधार पर जल्द ही आरोपियों पर केस दर्ज किया जाएगा।
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