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अब कोठियों के बाहर सरकारी जमीन पर बने जंगले व रैंप हटेंगे
Updated Fri, 13 Apr 2018 10:08 PM IST
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नगर काउंसिल का 43 कोठियों को नोटिस
अब कोठियों के बाहर सरकारी जमीन पर बने जंगले व रैंप हटेंगे
स्थायी लोक अदालत के आदेश पर भेजे जा रहे नोटिस : बिल्डिंग इंस्पेक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
‘जो जगह सरकारी है, वो हमारी है’ का राग अलापने वाले दुकानदारों को सबक सिखाने के बाद अब लोक अदालत का कारवां रिहायशी एरिया की तरफ बढ़ गया है। लोक अदालत के आदेश पर नगर काउंसिल की बिल्डिंग शाखा की ओर से आलीशान कोठियों के बथार बने थड़े, जंगले और रैंप हटाने के लिए नोटिस जारी करने का सिलसिला शुरू कर दिया गया हैं। वीरवार की दोपहर से देर शाम आठ बजे तक बिल्डिंग शाखा के कर्मचारी कोठी मालिकों को नोटिस थमाने में जुटे रहे। अब तक करीब 43 कोठियों को नोटिस दे दिए गए हैं, जिन्हें तीन दिन में थड़े, जंगले और रैंप हटाने का अल्टीमेटम दिया गया हैं।
कपूरथला के बाजारों में अतिक्रमण के चलते राहगीरों को होने वाली परेशानी को लेकर एक संस्था की ओर से स्थायी लोक अदालत की चेयरपर्सन मंजू राणा को लिखित में शिकायत दी थी। इसके बाद से चेयरपर्सन मंजू राणा ने मौके पर जाकर अतिक्रमण हटवाए और भारी-भरकम जुर्माने भी किए। इस कार्रवाई के बाद लोगों ने खुद ही दुकानों के बाहर सरकारी जमीन पर बने थड़े, रैंप हटाने शुरू कर दिए। अब अदालत के आदेश पर काउंसिल की बिल्डिंग शाखा की ओर से पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट 1911 की धारा -72-ए के तहत पॉश एरिया में बनी आलीशान कोठियों की ओर से सरकारी जमीन पर बनाए थड़े, रैंप और जंगले हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी हैं।
इसके तहत वीरवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे से बिल्डिंग शाखा के इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह, क्लर्क अवतार सिंह और दर्जा चार कर्मचारी पवन कुमार ने संत मैटल वर्क्स से न्यू माडल टाउन तक नोटिस थमाने का सिलसिला शुरू किया और रात आठ बजे तक 43 कोठी मालिकों को नोटिस देकर तीन दिन में खुद ही जंगले, रैंप और थड़े हटाने के निर्देश दिए हैं। बिल्डिंग शाखा के इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह ने कहा कि लोक अदालत के आदेश पर नोटिस जारी किए गए हैं। तीन दिन का समय दिया गया हैं। निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो तीन दिन बाद डिच मशीन से इन्हें हटाया जाएगा।
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अब कोठियों के बाहर सरकारी जमीन पर बने जंगले व रैंप हटेंगे
स्थायी लोक अदालत के आदेश पर भेजे जा रहे नोटिस : बिल्डिंग इंस्पेक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
‘जो जगह सरकारी है, वो हमारी है’ का राग अलापने वाले दुकानदारों को सबक सिखाने के बाद अब लोक अदालत का कारवां रिहायशी एरिया की तरफ बढ़ गया है। लोक अदालत के आदेश पर नगर काउंसिल की बिल्डिंग शाखा की ओर से आलीशान कोठियों के बथार बने थड़े, जंगले और रैंप हटाने के लिए नोटिस जारी करने का सिलसिला शुरू कर दिया गया हैं। वीरवार की दोपहर से देर शाम आठ बजे तक बिल्डिंग शाखा के कर्मचारी कोठी मालिकों को नोटिस थमाने में जुटे रहे। अब तक करीब 43 कोठियों को नोटिस दे दिए गए हैं, जिन्हें तीन दिन में थड़े, जंगले और रैंप हटाने का अल्टीमेटम दिया गया हैं।
कपूरथला के बाजारों में अतिक्रमण के चलते राहगीरों को होने वाली परेशानी को लेकर एक संस्था की ओर से स्थायी लोक अदालत की चेयरपर्सन मंजू राणा को लिखित में शिकायत दी थी। इसके बाद से चेयरपर्सन मंजू राणा ने मौके पर जाकर अतिक्रमण हटवाए और भारी-भरकम जुर्माने भी किए। इस कार्रवाई के बाद लोगों ने खुद ही दुकानों के बाहर सरकारी जमीन पर बने थड़े, रैंप हटाने शुरू कर दिए। अब अदालत के आदेश पर काउंसिल की बिल्डिंग शाखा की ओर से पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट 1911 की धारा -72-ए के तहत पॉश एरिया में बनी आलीशान कोठियों की ओर से सरकारी जमीन पर बनाए थड़े, रैंप और जंगले हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी हैं।
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इसके तहत वीरवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे से बिल्डिंग शाखा के इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह, क्लर्क अवतार सिंह और दर्जा चार कर्मचारी पवन कुमार ने संत मैटल वर्क्स से न्यू माडल टाउन तक नोटिस थमाने का सिलसिला शुरू किया और रात आठ बजे तक 43 कोठी मालिकों को नोटिस देकर तीन दिन में खुद ही जंगले, रैंप और थड़े हटाने के निर्देश दिए हैं। बिल्डिंग शाखा के इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह ने कहा कि लोक अदालत के आदेश पर नोटिस जारी किए गए हैं। तीन दिन का समय दिया गया हैं। निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो तीन दिन बाद डिच मशीन से इन्हें हटाया जाएगा।
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