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Jalandhar News: 5 करोड़ की रंगदारी के लिए फायरिंग मामले में 10 आरोपी काबू, पांच फरार
Tue, 07 May 2024 11:27 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Tue, 07 May 2024 11:27 PM IST
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आरोपियों से चार पिस्तौल, एक रिवाॅल्वर, 10 गोलियां बरामद
वारदात में इस्तेमाल तीन गाड़ियां और एक बाइक भी बरामद
कौशल सौरव चौधरी गैंग ने फरवरी और मार्च में दिया था वारदात को अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
होशियारपुर। माहिलपुर में 11 फरवरी को चावला क्लॉथ हाउस व 4 मार्च को गांव बुगरां में कौशल सौरव चौधरी गैंग के सदस्यों की ओर से 5 करोड़ की रंगदारी की मांग को लेकर की गई फायरिंग के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
स्थानीय पुलिस लाइन में आयोजित एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए जिले के एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि उक्त दोनों वारदातों के संबंध में थाना माहिलपुर में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। 11 फरवरी को चावला क्लॉथ हाउस माहिलपुर पर गोलीबारी कर आरोपी भाग निकले थे। इसके बाद दुकान के मालिक के अमेरिका स्थित घर पर भी गोलीबारी की गई थी। इसके बाद 4 मार्च को गांव बुगरां में गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, जोकि मौजूदा तौर पर अमेरिका में रह रहे हैं, के निवास पर भी अज्ञात लोगों द्वारा फायरिंग की गई थी। मामले की जांच के लिए एसपी इंवेस्टिगेशन सरबजीत सिंह बाहिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। उक्त टीम की ओर से गहन जांच के बाद उक्त मामलों में संलिप्त शूटरों व उनके असलहों को गाड़ी में एक से दूसरी जगह पहुंचाने के आरोप में दो आरोपियों गुरजिंदर सिंह उर्फ गांधी और सोनू तथा सिमरवीर सिंह उर्फ शफी को गिरफ्तार किया गया था। शफी जालंधर में डेल्टा चेंबर में एक ट्रेवल एजेंट की गाड़ी पर गोलियां चलाए जाने के मामले में भी वांछित था। आरोपियों से प्राथमिक पूछताछ के आधार पर उक्त मामले के एक अन्य आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ पीती निवासी गांव अखाड़ा जिला लुधियाना को भी ट्रेस किया गया था। पूछताछ के आधार पर ही 11 फरवरी की वारदात में संलिप्त आरोपी बनवारी लाल को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाया गया। उससे पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर वारदात को अंजाम देने वाले अन्य आरोपियों प्रदीप कुमार उर्फ बंटू को बिजनौर उत्तर प्रदेश से और बनवारी लाल को इस गैंग से जोड़ने वाले घनश्याम को भी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि उक्त लोगों ने इन वारदातों को अंजाम गैंग के दुबई में रहने वाले अपने साथी पवन कुमार उर्फ सोनू निवासी मंगलपुर साउथ रोहिणी दिल्ली और गुरदीप सिंह उर्फ दीपा निवासी गांव फलाही जिला होशियारपुर के कहने पर दिया था। पुलिस के मुताबिक इन वारदातों में दीपा की माता महेंद्र कौर, कौशल चौधरी की पत्नी मनीषा भी शामिल थे जो रंगदारी का पैसा संभालने का काम करती थीं।
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उक्त वारदातों को अंजाम देने के लिए दीपा ने अपने साथी जगदीप सिंह उर्फ दौला निवासी गांव मजारी जिला शहीद भगत सिंह नगर का भी साथ लिया। जगदीप ने ही दोनों जगह पर वारदातें करने वाले आरोपियों को अपनी स्विफ्ट गाड़ी में एक से दूसरी जगह स्थानांतरित कराया और उसके पास वारदात में इस्तेमाल किए गए कुछ हथियार भी हैं। मामले के एक अन्य आरोपी कुलदीप सिंह उर्फ कुलदीप ठाकुर को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया। उसकी निशानदेही के आधार पर दो पिस्टल और एक रिवाल्वर समेत गोलियों के बरामद करने में सफलता हासिल हुई।
एसपी ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि फरवरी में हुई गोलीबारी की घटना को बनवारी लाल, प्रदीप कुमार तथा कुलदीप सिंह ने अंजाम दिया था जबकि मार्च में गोलीबारी की घटना को प्रदीप कुमार तथा कुलदीप सिंह ने अंजाम दिया था। मामले में अब तक पुलिस ने बनवारी लाल, प्रदीप कुमार, कुलदीप सिंह, घनश्याम विश्वकर्मा, गुरजिंदर सिंह, सिमरवीर सिंह, हरप्रीत कौर, महिंदर कौर, सतिंदर सिंह और मनीषा को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पांच आरोपी गुरप्रीत सिंह पीती, जगदीप सिंह दौला, गुरदीप सिंह दीपा, पवन कुमार और कौशल चौधरी फरार चल रहे हैं।
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वारदात में इस्तेमाल तीन गाड़ियां और एक बाइक भी बरामद
कौशल सौरव चौधरी गैंग ने फरवरी और मार्च में दिया था वारदात को अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
होशियारपुर। माहिलपुर में 11 फरवरी को चावला क्लॉथ हाउस व 4 मार्च को गांव बुगरां में कौशल सौरव चौधरी गैंग के सदस्यों की ओर से 5 करोड़ की रंगदारी की मांग को लेकर की गई फायरिंग के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
स्थानीय पुलिस लाइन में आयोजित एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए जिले के एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि उक्त दोनों वारदातों के संबंध में थाना माहिलपुर में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। 11 फरवरी को चावला क्लॉथ हाउस माहिलपुर पर गोलीबारी कर आरोपी भाग निकले थे। इसके बाद दुकान के मालिक के अमेरिका स्थित घर पर भी गोलीबारी की गई थी। इसके बाद 4 मार्च को गांव बुगरां में गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, जोकि मौजूदा तौर पर अमेरिका में रह रहे हैं, के निवास पर भी अज्ञात लोगों द्वारा फायरिंग की गई थी। मामले की जांच के लिए एसपी इंवेस्टिगेशन सरबजीत सिंह बाहिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। उक्त टीम की ओर से गहन जांच के बाद उक्त मामलों में संलिप्त शूटरों व उनके असलहों को गाड़ी में एक से दूसरी जगह पहुंचाने के आरोप में दो आरोपियों गुरजिंदर सिंह उर्फ गांधी और सोनू तथा सिमरवीर सिंह उर्फ शफी को गिरफ्तार किया गया था। शफी जालंधर में डेल्टा चेंबर में एक ट्रेवल एजेंट की गाड़ी पर गोलियां चलाए जाने के मामले में भी वांछित था। आरोपियों से प्राथमिक पूछताछ के आधार पर उक्त मामले के एक अन्य आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ पीती निवासी गांव अखाड़ा जिला लुधियाना को भी ट्रेस किया गया था। पूछताछ के आधार पर ही 11 फरवरी की वारदात में संलिप्त आरोपी बनवारी लाल को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाया गया। उससे पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर वारदात को अंजाम देने वाले अन्य आरोपियों प्रदीप कुमार उर्फ बंटू को बिजनौर उत्तर प्रदेश से और बनवारी लाल को इस गैंग से जोड़ने वाले घनश्याम को भी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
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आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि उक्त लोगों ने इन वारदातों को अंजाम गैंग के दुबई में रहने वाले अपने साथी पवन कुमार उर्फ सोनू निवासी मंगलपुर साउथ रोहिणी दिल्ली और गुरदीप सिंह उर्फ दीपा निवासी गांव फलाही जिला होशियारपुर के कहने पर दिया था। पुलिस के मुताबिक इन वारदातों में दीपा की माता महेंद्र कौर, कौशल चौधरी की पत्नी मनीषा भी शामिल थे जो रंगदारी का पैसा संभालने का काम करती थीं।
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उक्त वारदातों को अंजाम देने के लिए दीपा ने अपने साथी जगदीप सिंह उर्फ दौला निवासी गांव मजारी जिला शहीद भगत सिंह नगर का भी साथ लिया। जगदीप ने ही दोनों जगह पर वारदातें करने वाले आरोपियों को अपनी स्विफ्ट गाड़ी में एक से दूसरी जगह स्थानांतरित कराया और उसके पास वारदात में इस्तेमाल किए गए कुछ हथियार भी हैं। मामले के एक अन्य आरोपी कुलदीप सिंह उर्फ कुलदीप ठाकुर को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया। उसकी निशानदेही के आधार पर दो पिस्टल और एक रिवाल्वर समेत गोलियों के बरामद करने में सफलता हासिल हुई।
एसपी ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि फरवरी में हुई गोलीबारी की घटना को बनवारी लाल, प्रदीप कुमार तथा कुलदीप सिंह ने अंजाम दिया था जबकि मार्च में गोलीबारी की घटना को प्रदीप कुमार तथा कुलदीप सिंह ने अंजाम दिया था। मामले में अब तक पुलिस ने बनवारी लाल, प्रदीप कुमार, कुलदीप सिंह, घनश्याम विश्वकर्मा, गुरजिंदर सिंह, सिमरवीर सिंह, हरप्रीत कौर, महिंदर कौर, सतिंदर सिंह और मनीषा को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पांच आरोपी गुरप्रीत सिंह पीती, जगदीप सिंह दौला, गुरदीप सिंह दीपा, पवन कुमार और कौशल चौधरी फरार चल रहे हैं।