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पंजाब में अवैध खनन पर रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 22 Jan 2014 09:55 AM IST
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पंजाब में अवैध तरीके से रही सैंड माइनिंग के मामले की जांच में गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है।
चंडीगढ़ निवासी गुरवीर सिंह पन्नू द्वारा दाखिल याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस राजीव भल्ला ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड में ले लिया।
वहीं, पंजाब सरकार की तरफ से इस रिपोर्ट के अध्ययन के लिए एक हफ्ते की मोहलत का आग्रह किया गया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
इससे पूर्व एसआईटी द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गहरी असंतुष्टि जाहिर की थी।
एसआईटी ने हाईकोर्ट को बताया था कि पंजाब में एक अप्रैल 2012 से लेकर अभी तक अवैध माइनिंग के 2500 मामले दर्ज किए गए हैं।
हाईकोर्ट की इस असंतुष्टि के बाद आईजीपी निर्मल सिंह के नेतृत्व में गठित टीम दोबारा से मामलाें की जांच में जुटी थी।
याची ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि हाईकोर्ट की रोक के बावजूद पंजाब में अवैध माइनिंग का सिलसिला जारी है। इससे राज्य सरकार को एक साल में 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान एसआईटी को एक महीने में रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश जारी किए थे। आगामी सुनवाई 28 जनवरी के लिए निर्धारित की गई है।
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चंडीगढ़ निवासी गुरवीर सिंह पन्नू द्वारा दाखिल याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस राजीव भल्ला ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड में ले लिया।
वहीं, पंजाब सरकार की तरफ से इस रिपोर्ट के अध्ययन के लिए एक हफ्ते की मोहलत का आग्रह किया गया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
इससे पूर्व एसआईटी द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गहरी असंतुष्टि जाहिर की थी।
एसआईटी ने हाईकोर्ट को बताया था कि पंजाब में एक अप्रैल 2012 से लेकर अभी तक अवैध माइनिंग के 2500 मामले दर्ज किए गए हैं।
हाईकोर्ट की इस असंतुष्टि के बाद आईजीपी निर्मल सिंह के नेतृत्व में गठित टीम दोबारा से मामलाें की जांच में जुटी थी।
याची ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि हाईकोर्ट की रोक के बावजूद पंजाब में अवैध माइनिंग का सिलसिला जारी है। इससे राज्य सरकार को एक साल में 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
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हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान एसआईटी को एक महीने में रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश जारी किए थे। आगामी सुनवाई 28 जनवरी के लिए निर्धारित की गई है।