पंजाब: पहले कृषि कानूनों के खिलाफ केंद्र और फिर गलत नीतियों के लिए पंजाब सरकार पर भड़के किसान
किसानों ने कहा कि पिछले दिनों पंजाब में हुई आंधी-बरसात से खेतों में खड़ी धान की फसल 121 परमल, 1121 बासमती को काफी नुकसान हुआ है। इसके चलते कई किसानों की तो 100 फीसदी तक फसल बर्बाद हो गई है।
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किसान आंदोलन के 11 माह पूरे होने पर किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में मंगलवार को पंजाब में प्रदर्शन किया। अमृतसर में डीसी दफ्तर का घेराव कर नारेबाजी की गई। मजदूर किसान संघर्ष कमेटी के प्रदेश महासचिव र्स्वण सिंह पंधेर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान सुबह से मिनी सचिवालय में पहुंचना शुरू हो गए थे। किसान नेता पंधेर के नेतृत्व में पहले किसानों ने कृषि कानूनों और इसके बाद पंजाब सरकार की गलत नीतियों को कोसते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने किसी को भी डीसी दफ्तर में नहीं जाने दिया, जिसके चलते जिला प्रशासन का काम काफी प्रभावित हुआ।
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मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव र्स्वण सिंह रंधेर, किसान नेता ने गुरबचन सिंह चब्बा, रंजीत सिंह कलेरबाला ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने लखीमपुर खीरी की घटना के मुख्य आरोपी व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा को न तो बर्खास्त किया है और न ही अभी तक उसकी 120-बी के तहत गिरफ्तारी की गई है।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों पंजाब में हुई आंधी-बरसात से खेतों में खड़ी धान की फसल 121 परमल, 1121 बासमती को काफी नुकसान हुआ है। इसके चलते कई किसानों की तो 100 फीसदी तक फसल बर्बाद हो गई है। पंधेर ने रोष प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा से किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग की। पंधेर ने कहा कि फिलहाल अभी खेतों में सिर्फ बासमती की फसल ही खड़ी है, जिसे पिछले दिनों हुई बेमौसमी बरसात से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि बेमौसम बरसात से हुए किसानों के नुकसान की भरपाई राज्य सरकार को करनी चाहिए और किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाना चाहिए।
किसानों ने इस दौरान कहा कि सरकार धार्मिक मुद्दा उठा कर किसानों का आंदोलन असफल करना चाहती है। दिल्ली के कुंडली बॉर्डर पर हुई घटना को धर्म के साथ जोड़ कर सरकार देश के अन्य राज्यों के किसानों को उनसे अलग करना चाहती है। तीन कृषि कानून का मुद्दा सिर्फ पंजाब के किसानों का नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों के किसानों के साथ भी जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि किसानों का रेल रोको आंदोलन देश भर में सफल रहा।
पठानकोट में किसानों ने डीसी दफ्तर के सामने दिया धरना
लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा पठानकोट के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों ने जिला अध्यक्ष गुरदयाल सिंह सैनी के नेतृत्व में पठानकोट में डीसी दफ्तर के समक्ष धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। जिला प्रधान सैनी ने बताया कि आज देश भर में डीसी दफ्तरों के बाहर किसानों की ओर से रोष प्रदर्शन किए जा रहे हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए।
वहीं, किसानों ने केंद्र सरकार के बीएसएफ का दायरा बढ़ाने के फैसले की भी निंदा की। इसके अलावा, किसान संगठनों ने बीते दिनों विधानसभा हलका भोआ विधायक जोगिंदर पाल की ओर से गरीब युवक की सरेआम की गई पिटाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि विधायक जोगिंदर पाल सत्ता के नशे में चूर होकर गरीबों पर अत्याचार कर रहे हैं। इस दौरान किसान संगठनों ने डीसी पठानकोट संयम अग्रवाल को उत्तर प्रदेश के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी को लेकर मांग पत्र सौंपा।
फिरोजपुर में बोले किसान, सरकार ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल का मुआवजा दे
लखीमपुर खीरी मामले में इंसाफ दिलवाने, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांग को लेकर मंगलवार संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान जत्थेबंदियों ने डीसी दफ्तार के सामने धरना दिया।
किसान नेता जतिंदर सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाना चाहिए तभी पीड़ित परिवारों को इंसाफ मिलेगा। इस संबंधी किसान जत्थेबंदियों ने राष्ट्रपति के नाम का मांगपत्र फिरोजपुर डिप्टी कमिश्नर को सौंपा। किसानों ने कहा कि ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर किसानों को बनता मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि मार्केट में डीएपी खाद की किल्लत है, किसानों को खाद नहीं मिल रही है। धान कटाई के बाद अब गेहूं की बिजाई करनी है। डीएपी खाद की काला बाजारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्ती बरती जाए।
गुरदासपुर में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने डीसी को सौंपा मांग पत्र
लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने धरने के बाद डीसी गुरदासपुर को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। गढ़शंकर में कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर सयुंक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जीओ सेंटर गढ़शंकर के समक्ष चल रहे धरने के 325वें दिन किसान नेता तलविंदर सिंह हीर की अध्यक्षता में धरना लगाया।
दिल्ली बार्डरों पर चल रहे किसानी आंदोलन के 11 पूरे होने पर मोदी सरकार का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर, बठिंडा में अपनी मांगों को लेकर मिनी सचिवालय के तीनों गेटों पर धरना लगाए बैठे किसानों का धरना सोमवार रात को जारी रहा और मंगलवार को दूसरे दिन में दाखिल हो गया।
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन सिद्धपुर के जिला अध्यक्ष बलदेव सिंह संदोहा ने कृषि कानूनों एवं लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार सुखबीर सिंह बराड़ को मांग पत्र सौंपा। वहीं, किसानों ने डिप्टी कमिश्नर की रिहाइश के आगे भी धरना लगा दिया।
भारतीय किसान यूनियन सिद्धपुर के जिला अध्यक्ष बलदेव सिंह संदोहा ने बताया कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने को इज्जत का सवाल बनाए बैठी है जो गलत है। अगर किसानों को कृषि कानून पसंद नहीं तो उन्हें केंद्र सरकार को वापस लेने में क्या हर्ज है। यूपी के लखीमपुर खीरी में किसानों पर केंद्रीय मंत्री के बेटे की ओर से चढ़ाई गई जीप के मामले में उन्होंने उक्त केंद्रीय मंत्री की बर्खास्ती की मांग उठाई है।