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मिलावट का खेल: पंजाब में दूध का हर छठा सैंपल हो रहा फेल, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की रिपोर्ट

Sun, 24 May 2026 09:30 AM IST
Naveen राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़ Published by: Naveen Updated Sun, 24 May 2026 09:30 AM IST
सार

खाद्य सुरक्षा विभाग ''फूड सेफ्टी ऑन व्हील'' के माध्यम से नियमित रूप से जांच कर रहा है। इन टेस्टिंग वैन में दूध, पनीर, पानी और अन्य रोजाना इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच की जा रही है।

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Every Sixth Milk Sample in Punjab Fails Food Safety and Standards Authority of India Report
दूध (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में बड़े स्तर पर मिलावटखोरी का खेल चल रहा है। यहां दूध का हर छठा सैंपल फेल हो रहा है और सख्ती के बावजूद मिलावट पर रोक नहीं लग रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। सूबे में पिछले चार साल के अंदर दूध के कुल 24,405 सैंपल लिए गए, जिनमें से 4,253 सैंपल फेल पाए गए हैं। साथ ही 503 सैंपल सेहत के लिए खतरनाक भी पाए गए हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दूध में किस स्तर पर मिलावटखोरी हो रही है।

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रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ समय से दूध में मिलावट बढ़ती जा रही है। वर्ष 2022-23 के दौरान दूध के 8,179 सैंपल लिए गए, जिनमें से 1,724 सैंपल फेल पाए गए, जबकि 124 सैंपल में खतरनाक स्तर की मिलावट सामने आई। इस दौरान 1,404 मामलों में विभाग की तरफ से मिलावटखोरों पर जुर्माना लगाया गया। वर्ष 2023-24 में टीमों ने 6,041 सैंपल लिए, जिनमें से 929 फेल हुए, जबकि 111 सैंपल असुरक्षित पाए गए। इसी तरह 1,204 मामलों में विभाग ने जुर्माने की कार्रवाई की। वर्ष 2024-25 के दौरान 4,131 सैंपलों में से 748 फेल पाए गए और 108 सैंपल मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए गए। वर्ष 2025-26 के दौरान 6,054 सैंपलों में से 852 फेल पाए गए।
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पंजाब सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें दूध, पनीर और खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा रहे हैं। हाल ही में दो दिन चलाए गए अभियान के दौरान दूध के 33 फीसदी सैंपल फेल हो गए थे। इस दौरान 204 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 68 सैंपल गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे।
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दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच कर रही टीमें
खाद्य सुरक्षा विभाग ''फूड सेफ्टी ऑन व्हील'' के माध्यम से नियमित रूप से जांच कर रहा है। इन टेस्टिंग वैन में दूध, पनीर, पानी और अन्य रोजाना इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच की जा रही है। एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) अपने क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से खाद्य पदार्थों में मिलावट का पता लगाने के लिए नियमित रूप से निगरानी, निरीक्षण और खाद्य उत्पादों के सैंपल लेता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्राधिकरण की तरफ से कार्रवाई की जाती है, जिसमें जुर्माना लगाना और लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है।

पनीर में केमिकल तक किया जा रहा इस्तेमाल
हाल ही में विभाग ने जांच करवाई, जिसमें यह सामने आया कि पनीर में खतरनाक केमिकल तक का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंजाब में दूसरे राज्यों से तैयार घटिया पनीर व अन्य पदार्थों की आपूर्ति होती है। पनीर में आमतौर पर स्टार्च और सुक्रोज से मिलावट की जा रही है।


नियमित रूप से करवाई जा रही जांच" : डॉ. बलबीर सिंह
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में नियमित रूप से दूध और उससे बने उत्पादों की जांच करवाई जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी फूड बिजनेस ऑपरेटर (एफबीओ) के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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