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पंजाब किडनी कांड: तीन और फर्जी मामले सामने आए, तीन सदस्यीय एसआईटी ने किया खुलासा

Wed, 19 Apr 2023 11:34 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, डेराबस्सी (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, डेराबस्सी (पंजाब) Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 19 Apr 2023 11:34 AM IST
सार

किडनी ट्रांसप्लांट के 35 मामलों में से 28 की जांच एसआईटी ने की है, जिनमें से 7 मामले फर्जी पाए गए हैं, जबकि 7 मामलों की जांच बाकी है। अभी तक जो सात मामले सामने आए हैं उनमें जालंधर, लुधियाना, कुरुक्षेत्र, बनूड़, मेरठ, बरेली और सिरसा के लोग शामिल हैं।

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Punjab kidney scandal, Three more fake cases surfaced, three member SIT exposed
किडनी - फोटो : istock

विस्तार

इंडस इंटरनेशनल अस्पताल के किडनी कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। एसआईटी की जांच में तीन और फर्जी मामले सामने आए हैं। इससे पहले चार फर्जी मामले सामने आए थे। तीन और मामले सामने आने के बाद अब तक सात मामले सामने आ चुके हैं।

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पहले चार फर्जी मामले आ चुके हैं सामने
पिछले तीन साल में अस्पताल ने 35 किडनी ट्रांसप्लांट की है। इनमें से सिर्फ दो मामले एक-दूसरे से संबंधित नहीं थे, जिसमें सेंट्रल कमेटी से मंजूरी ली गई थी जबकि 33 मामलों में किडनी देने और लेने वाले के करीबी रिश्तेदार बताए गए। इसमें मरीज और डोनर की उम्र के आधार पर कभी लड़का तो कभी भाई या अन्य रिश्तेदार दिखाया।
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एसआईटी ने 35 मामलों में से 28 की जांच की
नियमों के अनुसार किसी भी जरूरतमंद मरीज को उसके परिजन ही किडनी दे सकते हैं, जिसके लिए किसी अस्पताल को बाहरी मंजूरी की जरूरत नहीं होती, जिसे अस्पताल की ओर से गठित समिति की ओर से अनुमोदित किया जा सकता है। बशर्ते अस्पताल कमेटी यह जरूर जांच करेगी कि जरूरतमंद मरीज को किडनी देने वाला उसका सगा रिश्तेदार है, इसके लिए कुछ दस्तावेजों को भी जरूरी रखा गया है।
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सात की जांच बाकी
सिस्टम की इसी कमजोरी का फायदा उठाकर अस्पताल गरीब को पैसे का लालच देकर लाखों रुपये में किडनी बेच रहा था। अस्पताल में इसका खुलासा तब हुआ, जब सिरसा के 28 वर्षीय युवक कपिल को पैसों का लालच दिया और उसकी किडनी निकालकर लाखों रुपये में बेच दी। मामले के तूल पकड़ने के बाद पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अस्पताल के कोऑर्डिनेटर अभिषेक और उत्तर प्रदेश निवासी राम नारायण को गिरफ्तार करने के बाद आगे की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया।


किडनी ट्रांसप्लांट के 35 मामलों में से 28 की जांच एसआईटी ने की है, जिनमें से 7 मामले फर्जी पाए गए हैं, जबकि 7 मामलों की जांच बाकी है। अभी तक जो सात मामले सामने आए हैं उनमें जालंधर, लुधियाना, कुरुक्षेत्र, बनूड़, मेरठ, बरेली और सिरसा के लोग शामिल हैं। थानाध्यक्ष जसकंवल सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सभी मामलों में किडनी देने वाले को अपना रिश्तेदार बताने के लिए तैयार किए गए सभी दस्तावेज जाली थे। उन्होंने कहा कि 8 मामलों में से कुछ और फर्जी मामले सामने आ सकते हैं।

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